मरने के बाद क्या सच में होता है ऐसा? हकीकत जानकर पैरों तले खिसक जाएगी जमीन

Death Experience: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर कई लोग अपने अनुभव साझा कर चुके हैं जिनमें वे डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद लौट आए। उनके अनुभव चौंकाने वाले और कभी-कभी दिल छू लेने वाले हैं।

Near Death Experience
मरने के बाद क्या होता है?
locationभारत
userअसमीना
calendar15 Mar 2026 12:55 PM
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मौत इंसान के जीवन का सबसे बड़ा रहस्य है। हालांकि विज्ञान ने कई क्षेत्रों में प्रगति की है फिर भी यह समझना मुश्किल है कि मरने के बाद क्या होता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर कई लोग अपने अनुभव साझा कर चुके हैं जिनमें वे डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद लौट आए। उनके अनुभव चौंकाने वाले और कभी-कभी दिल छू लेने वाले हैं।

किताबों की तरह पलटते जीवन के पन्ने

एक यूजर ने अपनी बड़ी सर्जरी के दौरान अनुभव साझा किया। शरीर से इतना खून बहा कि डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया लेकिन कुछ मिनट के बाद वे वापस आ गए। उन्होंने बताया कि उन्हें एक शांत और खाली जगह महसूस हुई न गर्मी, न सर्दी, न भूख। जीवन की घटनाएं उनके सामने किसी किताब के पन्नों की तरह धीरे-धीरे उभर रही थीं। इस अनुभव ने उनके दृष्टिकोण को बदल दिया और मृत्यु के डर को थोड़ा कम कर दिया।

प्रियजनों का स्वागत

एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि बाइक दुर्घटना के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। जब उन्होंने आंखें खोलीं तो अपने भाई को देखा जो पहले इस दुनिया में नहीं था। यह दृश्य उनके लिए आश्चर्यजनक था और उन्हें एहसास हुआ कि मृत्यु केवल एक शारीरिक स्थिति है और कुछ पल के लिए वे अपने प्रियजनों के साथ जुड़ सकते हैं।

रहस्यमय बगीचा

एक महिला ने अपने एलर्जी रिएक्शन के कारण दिल रुकने के बाद का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें धीरे-धीरे पीछे की ओर खींचा जा रहा था और अचानक एक सुनसान बगीचा दिखाई दिया। वहां फूल नहीं थे केवल धूल और घास और बीच में दो बच्चे खेल रहे थे। वह महसूस कर रही थीं कि वे रुक सकती हैं या आगे जा सकती हैं लेकिन कुछ शक्ति उन्हें रोक रही थी। आखिरकार उन्होंने अपने परिवार की चिंता जताई और फिर लौट आईं।

अजीबोगरीब चुटकुलों वाला अनुभव

एक रेडिट यूजर ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने के बाद वे तीन बार मृत घोषित किए गए। हर बार जब उन्हें होश आया तो उन्होंने मेडिकल स्टाफ को हल्के-फुल्के चुटकुले सुनाए। उनके अनुभव में कोई प्रकाश नहीं था बस नींद जैसी शांति महसूस हुई।

सन्नाटा और खालीपन

एक और यूजर की सांस और धड़कन रुक गई, शरीर में ऐंठन हुई लेकिन कुछ मिनट के बाद दोस्त की मदद से वह होश में आए। उन्होंने बताया कि वह समय बस एक सन्नाटा था न सपने, न कल्पना, न कोई दृश्य। उन्होंने महसूस किया कि जीवन का मूल्य कितनी अनमोल चीज है।

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IAS कैसे बनें? यहां है 10 गोल्डन टिप्स और पूरी गाइड

IAS का पूरा नाम Indian Administrative Service होता है। यह भारत की सबसे प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण सरकारी सेवाओं में से एक मानी जाती है। IAS अधिकारी देश की प्रशासनिक व्यवस्था को संभालते हैं और सरकार की नीतियों तथा योजनाओं को जमीन पर लागू कराने में अहम भूमिका निभाते हैं।

How to Become an IAS Officer
IAS कैसे बनें
locationभारत
userअसमीना
calendar14 Mar 2026 04:38 PM
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भारत में IAS (Indian Administrative Service) बनना लाखों युवाओं का सपना होता है। यह सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि समाज में बदलाव लाने और देश की सेवा करने का एक सुनहरा मौका है। IAS बनने के लिए सिर्फ कड़ी मेहनत ही नहीं बल्कि सही योजना, स्ट्रैटेजी और तैयारी की जरूरत होती है। इस गाइड में हम आपको बताएंगे IAS बनने के लिए क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए, पात्रता, उम्र, परीक्षा संरचना और स्टडी टिप्स।

IAS का मतलब क्या है?

IAS का पूरा नाम Indian Administrative Service होता है। यह भारत की सबसे प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण सरकारी सेवाओं में से एक मानी जाती है। IAS अधिकारी देश की प्रशासनिक व्यवस्था को संभालते हैं और सरकार की नीतियों तथा योजनाओं को जमीन पर लागू कराने में अहम भूमिका निभाते हैं। एक IAS अधिकारी जिला, राज्य और केंद्र सरकार तीनों स्तरों पर काम कर सकता है। जब किसी जिले में किसी IAS अधिकारी की नियुक्ति होती है तो वह अक्सर जिलाधिकारी (District Magistrate) या कलेक्टर के पद पर काम करता है। इस पद पर रहते हुए वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सरकारी योजनाओं को लागू करने और जनता की समस्याओं को हल करने की जिम्मेदारी संभालता है। समय के साथ अनुभव बढ़ने पर IAS अधिकारी राज्य और केंद्र सरकार में बड़े प्रशासनिक पदों पर भी पहुंच सकते हैं जैसे-सेक्रेटरी, कमिश्नर या मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी। आसान भाषा में कहें तो IAS अधिकारी वह लोग होते हैं जो देश की प्रशासनिक मशीनरी को चलाने और जनता तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने का काम करते हैं।

IAS बनने की पात्रता क्या है?

IAS बनने के लिए उम्मीदवार को कुछ पात्रता मानकों को पूरा करना होता है-

राष्ट्रीयता: उम्मीदवार भारत का नागरिक होना चाहिए। नेपाल या भूटान के नागरिक कुछ विशेष परिस्थितियों में आवेदन कर सकते हैं।

शैक्षणिक योग्यता: किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री आवश्यक है। ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट कोई भी कर सकते हैं।

आयु सीमा: सामान्य वर्ग के उम्मीदवार की उम्र 21-32 वर्ष होनी चाहिए।

OBC उम्मीदवारों को 3 वर्ष की छूट (21-35 वर्ष)

SC/ST उम्मीदवारों को 5 वर्ष की छूट (21-37 वर्ष)

प्रतियोगी परीक्षा: IAS बनने के लिए UPSC Civil Services Exam पास करना अनिवार्य है।

IAS बनने के लिए कौन-कौन सी परीक्षा देनी होती है?

IAS बनने के लिए UPSC (Union Public Service Commission) द्वारा आयोजित Civil Services Exam (CSE) पास करना होता है। यह परीक्षा तीन चरणों में होती है जिनमें शामिल है-

Preliminary Exam (साक्षात्कार से पहले का प्रारंभिक चरण)

इसमें General Studies (GS) Paper-I और CSAT (Paper-II) होते हैं।

यह ऑब्जेक्टिव टाइप परीक्षा है।

Main Exam (मुख्य परीक्षा)

इसमें 9 पेपर होते हैं जिनमें से 2 वैकल्पिक विषय के पेपर भी शामिल हैं।

पेपर का प्रकार: निबंध, सामान्य अध्ययन और वैकल्पिक विषय।

Interview (साक्षात्कार / Personality Test)

इसमें उम्मीदवार की personality, decision making और leadership qualities को परखा जाता है।

IAS बनने के लिए कौन से विषय चुनें?

IAS मुख्य परीक्षा के लिए उम्मीदवार अपने वैकल्पिक विषय का चयन कर सकते हैं। इसके अलावा General Studies के लिए निम्नलिखित विषय महत्वपूर्ण हैं-

History- भारतीय इतिहास, आधुनिक और प्राचीन

Geography- भारत और विश्व का भौगोलिक ज्ञान

Polity- संविधान, शासन और प्रशासन

Economics- आर्थिक नीतियां और विकास

Environment & Ecology- पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन

Current Affairs- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाएं

वैकल्पिक विषय: उम्मीदवार अपनी रुचि के अनुसार किसी भी विषय को चुन सकते हैं जैसे- Sociology, Public Administration, Political Science, Anthropology, Geography आदि।

IAS बनने के लिए क्या करें?

सही योजना बनाएं

3-5 साल की तैयारी को लेकर एक स्टडी प्लान तैयार करें।

Current Affairs पर ध्यान दें

रोजाना समाचार, सरकारी योजनाएं और अंतरराष्ट्रीय घटनाएं पढ़ें।

Previous Year Papers

पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें और पेपर पैटर्न समझें।

Standard Books पढ़ें

NCERT, Laxmikant (Polity), Spectrum (History), Ramesh Singh (Economics) आदि।

Notes बनाएं

खुद के नोट्स बनाएं और रिवीजन के लिए रखे।

Mock Tests

प्री और मेन परीक्षा के लिए समय-समय पर मॉक टेस्ट दें।

Personality Development

इंटरव्यू के लिए self-confidence, communication skills और body language पर ध्यान दें।

IAS बनने के लिए क्या न करें?

Shortcuts पर भरोसा न करें: किसी भी "quick success" कोर्स या जादू-टोना पर विश्वास न करें।

Overload न करें: बहुत ज्यादा किताबें या कोचिंग के नोट्स पढ़ने की आदत न डालें।

Time Waste न करें: सोशल मीडिया या बेकार के debates में समय न गवाएं।

Health Ignore न करें: तैयारी के दौरान स्वास्थ्य और नींद की अनदेखी न करें।

Negative Thinking: असफलताओं से डरे नहीं निरंतर मेहनत करें।

सफलता के लिए टिप्स

  • रोजाना 6-8 घंटे पढ़ाई का समय निश्चित करें।
  • Difficult topics को break करके समझें।
  • Group Study से केवल तभी मदद लें जब आप apne weak points clear करना चाहते हैं।
  • Mind maps और diagrams का उपयोग करें खासकर History और Geography में।
  • Self-discipline और consistency सबसे बड़ा हथियार है।

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12वीं के बाद क्या करें? सरकार दे रही शानदार स्कॉलरशिप

इसके बाद अगला सवाल उठता है आगे की पढ़ाई कैसे पूरी करें? फीस, किताबें, हॉस्टल और अन्य खर्च अक्सर छात्रों और उनके परिवारों के लिए चिंता का कारण बन जाते हैं। इसी समस्या को हल करने के लिए सरकार ने कई स्कॉलरशिप योजनाएं शुरू की हैं जो मेधावी और जरूरतमंद छात्रों को उच्च शिक्षा तक पहुंचाने में मदद करती है।

Scholarship For Students
12वीं के बाद स्कॉलरशिप कैसे लें?
locationभारत
userअसमीना
calendar14 Mar 2026 12:07 PM
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12वीं की पढ़ाई पूरी करना हर छात्र के जीवन में एक बड़ा मुकाम होता है। इसके बाद अगला सवाल उठता है आगे की पढ़ाई कैसे पूरी करें? फीस, किताबें, हॉस्टल और अन्य खर्च अक्सर छात्रों और उनके परिवारों के लिए चिंता का कारण बन जाते हैं। इसी समस्या को हल करने के लिए सरकार ने कई स्कॉलरशिप योजनाएं शुरू की हैं जो मेधावी और जरूरतमंद छात्रों को उच्च शिक्षा तक पहुंचाने में मदद करती हैं।

सरकारी स्कॉलरशिप क्यों हैं जरूरी?

स्कॉलरशिप सिर्फ पैसे देने का नाम नहीं है। यह छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने, उनके करियर को मजबूत करने और उच्च शिक्षा के अवसर देने का जरिया है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए यह वरदान साबित होती हैं। इससे छात्र बिना वित्तीय दबाव के अपने सपनों की पढ़ाई कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री रिसर्च फैलोशिप (PMRF)

प्रधानमंत्री रिसर्च फैलोशिप उन मेधावी छात्रों के लिए है जो पीएचडी रिसर्च करना चाहते हैं।

  • यह स्कॉलरशिप छात्रों को टॉप रिसर्च इंस्टीट्यूट्स जैसे IISc, IITs, NITs, IISER में एडमिशन दिलाने में मदद करती है।
  • आवेदन करने वाले छात्र बीटेक, एमटेक, इंटीग्रेटेड एम.टेक/M.Sc अंतिम साल के हो सकते हैं।
  • स्कॉलरशिप के तहत छात्रों को शुरुआती दो साल में 70,000-75,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं जो बाद के सालों में 75,000–80,000 रुपये हो जाते हैं।

AICTE प्रगति स्कॉलरशिप

AICTE प्रगति स्कॉलरशिप का मकसद लड़कियों को तकनीकी शिक्षा में प्रोत्साहित करना है।

  • यह स्कॉलरशिप डिग्री या डिप्लोमा में तकनीकी कोर्स कर रही छात्राओं के लिए है।
  • इसके तहत छात्राओं को हर साल 50,000 रुपये मिलते हैं और यह लगभग 4 साल तक मिलती है।

प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप स्कीम (PMMS)

यह स्कॉलरशिप उन छात्रों के लिए है जिनके माता-पिता सेना, नेवी या एयरफोर्स में सेवा दे चुके हैं। शहीद सैनिकों के बच्चों को भी इसका लाभ मिलता है।

  • पात्रता के लिए 12वीं में कम से कम 60% अंक होना जरूरी है।
  • लड़कों को 2,500 रुपये प्रति माह, और लड़कियों को 3,000 रुपये प्रति माह दिए जाते हैं।
  • छात्रों का एडमिशन किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी में होना चाहिए।

CSSS स्कॉलरशिप

CSSS (Central Sector Scheme of Scholarship) स्कॉलरशिप उन छात्रों के लिए है जो 12वीं में अच्छे अंक लाते हैं।

  • इसका उद्देश्य कॉलेज और यूनिवर्सिटी की पढ़ाई में आर्थिक मदद देना है।
  • ग्रेजुएशन के पहले तीन साल के लिए छात्र को हर साल 12,000 रुपये, और पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए 20,000 रुपये प्रति साल मिलते हैं।

स्कॉलरशिप कैसे लें?

  • संबंधित सरकारी पोर्टल पर जाएं।
  • आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेज जैसे 12वीं मार्कशीट, आधार कार्ड और बैंक अकाउंट तैयार रखें।
  • आवेदन फॉर्म भरें और सबमिट करें।
  • चयन के बाद राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

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