चाणक्य की सख्त चेतावनी: ये पांच गलतियां आपको बना रही है कंगाल

Chanakya Niti: चाणक्य के अनुसार इंसान की सफलता सिर्फ उसकी प्रतिभा या डिग्री से नहीं बल्कि उसकी रोजमर्रा की आदतों और सोच से तय होती है। कई बार छोटी-छोटी गलत आदतें हमारी तरक्की, पैसों और मानसिक शांति को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

Chanakya Niti in Hindi
आचार्य चाणक्य की नीतियां
locationभारत
userअसमीना
calendar26 Feb 2026 03:21 AM
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हर इंसान अपने जीवन में सफलता चाहता है लेकिन अक्सर हम छोटी-छोटी आदतों और गलतियों की वजह से पीछे रह जाते हैं। प्राचीन भारत के महान विचारक और रणनीतिकार चाणक्य ने सिखाया कि इंसान की कामयाबी सिर्फ प्रतिभा या डिग्री से नहीं बल्कि उसकी रोजमर्रा की आदतों, सोच और फैसलों से तय होती है। चाणक्य की नीतियां हमें बताती हैं कि किन-किन छोटी गलत आदतों से हमारी तरक्की, पैसों और मानसिक शांति पर असर पड़ सकता है। अगर आप भी अपनी जिंदगी में तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं तो इन बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

आलस है सफलता की सबसे बड़ी रुकावट

चाणक्य कहते हैं कि आलस सबसे बड़ा दुश्मन है। जो लोग अपने काम को टालते रहते हैं वे समय के साथ पीछे रह जाते हैं। समय किसी के लिए नहीं रुकता। इसलिए अपनी जिम्मेदारियों को समय पर निभाना और मेहनत करना बेहद जरूरी है।

गलत लोगों की संगति

हम जैसा बनते हैं, हमारी संगति भी वैसी ही होती है। नकारात्मक सोच वाले और गलत आदतों में फंसे लोग हमारी तरक्की में रुकावट बन सकते हैं। जो लोग हमेशा शिकायत करते हैं या आपको हतोत्साहित करते हैं उनसे दूरी बनाना ही बेहतर है। इसके बजाय मेहनती और सकारात्मक लोगों के साथ समय बिताना सफलता की दिशा में पहला कदम है।

सीखने से किनारा करना

चाणक्य नीति में ज्ञान को सबसे बड़ा धन माना गया है। जो व्यक्ति नई चीजें सीखने में रुचि नहीं रखता उसका आगे बढ़ना रुक जाता है। आज की दुनिया तेजी से बदल रही है। किताबें पढ़ना, नई स्किल सीखना और खुद को अपडेट रखना आपको दूसरों से आगे रखता है।

पैसों को बेफिजूल उड़ाना

पैसा मुश्किल समय में सबसे बड़ा सहारा बनता है। जो लोग बिना सोचे-समझे खर्च करते हैं बचत नहीं करते या भविष्य की योजना नहीं बनाते वे संकट के समय अकेले पड़ जाते हैं। चाणक्य के अनुसार समझदारी यही है कि अपनी आमदनी से कम खर्च करें और हमेशा बचत पर ध्यान दें।

गुस्सा और अधैर्य

गुस्सा इंसान की सोचने-समझने की शक्ति को खत्म कर देता है। जल्दबाजी या गुस्से में लिया गया फैसला अक्सर बाद में पछतावे का कारण बनता है। धैर्य ही वह ताकत है जो मुश्किल हालात में सही रास्ता दिखाती है। शांत दिमाग से सोचकर बनाए गए फैसले ही असली जीत दिलाते हैं।

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चाणक्य की इन बातों को घोलकर पी लें, आपके कदमों में झुकेगा जमाना

Chanakya Niti: यह लेख चाणक्य की नीतियों पर आधारित है जिसमें बताया गया है कि जीवन में सच्चा सम्मान कैसे कमाया जा सकता है। पैसा और पद पाना आसान हो सकता है लेकिन समाज में इज्जत पाने के लिए मजबूत चरित्र, सही व्यवहार और स्पष्ट सोच की जरूरत होती है।

Chanakya Niti
जीवन में सम्मान कैसे पाएं?
locationभारत
userअसमीना
calendar26 Feb 2026 02:57 AM
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आज के समय में हर कोई पैसा, पद और शोहरत पाना चाहता है लेकिन एक चीज है जो इन सब से ऊपर है और वो है आपका सम्मान। पैसा मेहनत से मिल सकता है, सफलता भी हासिल की जा सकती है लेकिन सच्ची इज्जत कमानी पड़ती है। यह किसी दुकान में नहीं मिलती और न ही किसी की सिफारिश से मिलती है। आचार्य चाणक्य का मानना था कि इंसान की असली पहचान उसके चरित्र और व्यवहार से होती है। अगर व्यक्ति के पास सब कुछ हो लेकिन लोग उसे दिल से सम्मान न दें तो उसकी सफलता अधूरी है। इज्जत बाहर से नहीं आती यह हमारे सोचने के तरीके, बोलचाल और कर्मों से बनती है। आइए जानते हैं ऐसी 5 आदतें जिन्हें सुधारकर कोई भी व्यक्ति समाज में अपनी एक अलग पहचान बना सकता है।

खुद की इज्जत करना सीखें

अगर आप खुद को ही कम समझते रहेंगे तो दुनिया भी आपको उसी नजर से देखेगी। जो व्यक्ति हर समय खुद पर शक करता है या अपनी कीमत नहीं समझता उसे लोग गंभीरता से नहीं लेते। अपने समय की कद्र कीजिए, अपनी मेहनत को महत्व दीजिए और अपने फैसलों पर भरोसा रखिए। जब आप खुद को सम्मान देंगे तभी लोग भी आपको महत्व देंगे।

अपनी बात से न फिरें

इंसान की असली पहचान उसके शब्दों से होती है। जो लोग बार-बार वादा करके मुकर जाते हैं उनकी साख धीरे-धीरे खत्म हो जाती है। जहां भरोसा नहीं होता वहां सम्मान भी नहीं टिकता। इसलिए उतना ही वादा करें जितना निभा सकें। कम बोलिए लेकिन जो बोलिए उसे पूरा कीजिए। आपकी विश्वसनीयता ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है।

जरूरत से ज्यादा अच्छा बनना छोड़ दें

हर बात पर हां कहना और सिर्फ लोगों को खुश करने के लिए अपनी राय दबा देना समझदारी नहीं है। इससे लोग आपको हल्के में लेने लगते हैं। विनम्र रहना अच्छी बात है लेकिन आत्मसम्मान उससे भी ज्यादा जरूरी है। अपनी बात साफ और शांति से रखें। जो व्यक्ति अपनी सीमाएं तय करना जानता है वही लंबे समय तक सम्मान पाता है।

सही और गलत के बीच का फर्क समझें

गलत रास्ते से मिली सफलता ज्यादा दिन नहीं टिकती। झूठ और चालाकी से कुछ समय के लिए फायदा हो सकता है, लेकिन सच्चाई देर-सवेर सामने आ ही जाती है। ईमानदारी और साफ नीयत ही इंसान को असली सम्मान दिलाती है। जो व्यक्ति सही रास्ता चुनता है भले ही देर से आगे बढ़े लेकिन उसका सम्मान हमेशा बना रहता है।

गुस्से पर काबू रखना सबसे जरूरी

एक पल का गुस्सा सालों की कमाई इज्जत को खत्म कर सकता है। गुस्से में कही गई बातें अक्सर रिश्तों को कमजोर कर देती हैं। धैर्य और संयम ही व्यक्ति की असली ताकत है। जो इंसान मुश्किल समय में भी खुद को संभाल लेता है वही सच में सम्मान के लायक होता है। शांत स्वभाव और संतुलित व्यवहार लोगों के दिल में जगह बनाते हैं।

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साल में दो बार कब आएगा माह-ए-रमज़ान? हर मुसलमान को होना चाहिए मालूम

रमज़ान मुस्लिम समुदाय के लिए आत्मसंयम और इबादत का महीना माना जाता है। आमतौर पर रमज़ान हर साल एक बार आता है लेकिन एक साल ऐसा भी होगा जब रमज़ान का पाक महीना दो बार आएगा। चलिए जानते हैं वो कौन सा साल होगा जब रमज़ान दो बार आएगा।

Ramadan 2030
रमजान दो बार कब आएगा
locationभारत
userअसमीना
calendar23 Feb 2026 03:14 PM
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रमज़ान मुस्लिम समुदाय के लिए आत्मसंयम, इबादत और दया का महीना माना जाता है। इस दौरान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखा जाता है और लोग अपने जीवन को आध्यात्मिक रूप से शुद्ध करने का प्रयास करते हैं। आम तौर पर रमज़ान हर साल एक बार आता है लेकिन कुछ खास सालों में ऐसा संयोग बनता है कि रमज़ान का पाक महीना एक ही साल में दो बार आता है।

रमज़ान क्यों हर साल पहले आता है?

इस्लामी कैलेंडर चंद्र कैलेंडर पर आधारित होता है। इसमें महीनों की अवधि 29 या 30 दिन होती है जिससे इस्लामिक साल कुल 354 दिनों का होता है। वहीं ग्रेगोरियन कैलेंडर, जिसका इस्तेमाल सामान्यत: होता है, सौर कैलेंडर पर आधारित है और इसमें 365 दिन होते हैं। इस अंतर के कारण रमज़ान हर साल लगभग 10-12 दिन पहले शुरू होता है। यही वजह है कि कुछ सालों में रमज़ान साल में दो बार पड़ सकता है।

साल 2030 में दो बार आएगा रमज़ान

साल 2030 में पहला रमज़ान 05 जनवरी से शुरू होगा। इसके बाद चंद्र कैलेंडर के हिसाब से दूसरा रमज़ान 26 दिसंबर 2030 से शुरू होगा। इस तरह 2030 में रमज़ान का पाक महीना दो बार मनाया जाएगा। यह घटना बहुत ही खास है और इसे इस्लामी कैलेंडर की विशेषता माना जाता है।

पहले भी दो बार आ चुका है रमज़ान

इस साल से पहले 1997 में भी रमज़ान दो बार आया था। उस साल पहला रमज़ान 10 जनवरी से शुरू हुआ और दूसरा 31 दिसंबर से। इससे पहले साल 1965 में भी ऐसा हुआ था। ये घटनाएं इस्लामी कैलेंडर की लचीली और चंद्र आधारित प्रकृति की वजह से संभव हुई हैं।रमज़ान केवल रोज़ा रखने का महीना नहीं है। यह महीने लोगों को अपने अंदर संयम, दया और आध्यात्मिक शुद्धि का अनुभव कराता है। मुस्लिम समुदाय इस समय पैगंबर मुहम्मद पर अवतरित कुरान की पहली आयतों को याद करता है। दो बार रमज़ान आने से भी लोगों के लिए यह महीना और भी खास बन जाता है।

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी इस्लामिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। चेतना मंच इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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