Greater Noida Exclusive: मकान मालिक के उत्पीड़न से त्रस्त अकेली महिला ने लगाए गंभीर आरोप
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 10:03 PM
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा। क्या मकान मालिक होने से उसे किरायेदार के साथ मारपीट करने, परेशान और बदनाम करने का अधिकार मिल जाता है। शायद नहीं। लेकिन ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित स्काई गार्डेन टी-5 एफ-1505 नंबर के फ्लैट को लेकर कुछ ऐसा ही मामला उजागर हुआ है। यहां मकान मालिक और किरायेदार के बीच का विवाद गहराता जा रहा है। महाराष्ट्र से आए मकान मालिक ने सोमवार को एक ट्वीट कर कहा कि वह कितने बदनसीब हैं कि अपने ही मकान में एंटर करने से किरायेदार महिला रोक रही है। जबकि किरायेदार महिला का कहना है कि मकान मालिक ने उन्हें इस कदर बेइज्जत कर दिया है कि अब राह चलना भी मुश्किल हो गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब उन्हें इस इलाके में मकान ही नहीं मिलेगा। उसके साथ मकान मालिक ने मारपीट की। पांच साल के बेटे को भी पीटा। उनका आरोप है कि मकान मालिक ने पुलिस के सामने भी उसे जमकर पीटा। उसने इस बात की पुलिस से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बाबत बातचीत में मकान मालिक राखी गुप्ता किरायेदार महिला प्रीति गुप्ता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
स्काई गार्डेन टी-5 एफ-1505 नंबर के फ्लैट सुनील कुमार का है। रिटायर होने के बाद वह मुंबई से यहां रहने के लिए आए हैं। इस फ्लैट की बाबत मकान मालिक और किरायेदार के बीच का विवाद सोमवार की दोपहर में तब आया, जब मकान मालिक की पत्नी राखी गुप्ता ने ट्वीट किया कि उसे उसके ही मकान में घुसने नहीं दिया जा रहा है। जबकि किरायेदार से यह तय हुआ था कि जब भी वह आएगी, उसे एक कमरा उपलब्ध कराया जाएगा। राखी गुप्ता ने ट्वीट में एक फोटो भी शेयर किया था, जिसमें पति पत्नी सीढ़ियों के पास बैठे हैं। उन्होंने कहा था कि वह कितने बदनसीब हैं, जिन्हें किरायेदार अपने ही घर में घुसने नहीं दे रहा है।
पूरे विवाद पर चेतना मंच ने किरायेदार प्रीति गुप्ता से बात की। उन्होंने बताया कि मकान छोड़ना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन मकान खाली कराने का जो तरीका अपनाया गया, वह बेहद कष्टकारी, पीड़ाजनक और अपमानजनक है। प्राति गुप्ता पांच वर्ष के बेटे की अकेली मां हैं। खुद मेहनत कर अपना और बच्चे का गुजार करती हैं। अकेला और कमजोर समझकर मकान मालिक ने उन्हें और उनके बच्चे की जमकर पिटाई की। बाल पकड़कर घसीटा। उन्होंने बताया कि शिकायत पर पुलिस भी आई, लेकिन उसने भी कुछ नहीं किया। आरोप है कि पुलिस के सामने ही मकान मालिक राखी गुप्ता ने किरायेदार प्रीति गुप्ता की पिटाई की। बातचीत के दौरान भावुक हो गईं प्रीति गुप्ता ने बताया कि मकान मालिक और उसके जानने वाले कई लोगों ने उसे वैश्या करार दे दिया है। अकेली रहने के कारण हर कोई उसे गलत निगाह से देखता है। हर कोई उसके साथ संबंध बनाने की बात करता है। एक पुलिसवाले समेत कई लोग उसे ह्वाटएप पर आई लव यू के मैसेज भेजते हैं। हालात इतने खराब हो गए हैं कि उनका घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
प्रीति गुप्ता का कहना है कि 22 जुलाई 2021 को उनका रेंट एग्रीमेंट बना था। नियमानुसार 21 जून को उसकी अवधि समाप्त हो गई, लेकिन अप्रैल के महीने से ही उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। उस समय उनका पांच साल का बेटा बीमार था और अस्पताल में भर्ती था। इसके बावजूद मकान खाली करने के लिए उसके साथ मारपीट की गई। उसे ऐसे ऐसे शब्द कहे गए, जिसे किसी भी सभ्य व्यक्ति को जुबान पर लाना संभव नहीं है। अब प्रीति गुप्ता ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस के अलावा महिला आयोग से भी की है।
दूसरी ओर, मकान मालिक सुनील कुमार की पत्नी राखी गुप्ता ने किरायेदार प्रीति गुप्ता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि 35 वर्ष मुंबई में रहने और रिटायर्ड होने के बाद वे ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित अपने फ्लैट में शिफ्ट होने के लिए आए हैं। अप्रैल और फिर मई में प्रीति गुप्ता को फ्लैट खाली करने का नोटिस दिया था। लेकिन, उसने हर बार कुछ न कुछ बहाना बना दिया। वर्ष-2021 में भी प्रीति ने इमोशनल ब्लैकमेल कर मकान किराये पर लिया था। तब उसने कोविड और दूसरी परेशानियों का जिक्र किया था। राखी गुप्ता ने मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे सीनियर सिटीजन हैं, उनके शरीर में इतनी ताकत नहीं है कि वे किसी से मारपीट करें। उन्होंने कहा कि यहां सोसायटी के सभी लोग उसके विरोध में हैं। सभी चाहते हैं कि प्रीति मकान छोड़कर चली जाए, लेकिन वह जबरदस्ती फ्लैट में जमी हुई है।