Greater Noida Exclusive: सोना उगलने वाले कबाड़ के धंधे में उतरे जिले के कई नेता
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 06:29 PM
Greater Noida : ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्धनगर जिले की राजनीति इन दिनों स्क्रैप यानि कबाड़े धंधे के इर्द-गिर्द घूम रही है। पक्ष-विपक्ष के कई नेता और बड़े बदमाश कबाड़ी बन गए हैं। इनकी देखादेखी कुछ छुटभैये भी कबाड़े के बिजनेस में घुसना चाह रहे हैं। कबाड़े को लेकर आएदिन झगड़े-फसाद होते रहते हैं। फैक्ट्रियों से निकलने वाले कबाड़े के लिए कई मर्डर तक हो चुके हैं।
गौतमबुद्धनगर जिले में छोटे-बड़े 20 हजार से ज्यादा उद्योग हैं। इन उद्योगों से निकलने वाले स्क्रैप से कबाड़ियों को मोटी कमाई होती है। कई बड़े उद्योगों से तो इतना कबाड़ निकलता है कि हर महीने करोड़ों रुपये का वारा-न्यारा हो जाता है। मोटे मुनाफे के तलबगारों के बीच कड़ा कम्पटीशन रहता है। 90 के दशक से इस व्यवसाय में नेताओं और बदमाशों की एंट्री हुई। शुरू-शुरू में कबाड़ियों ने कबाड़ के ठेके प्राप्त करने के लिए नेताओं और बदमाशों से सिफारिश कराई। बदले में उन्हें उपकृत करने लगे। धीरे-धीरे ये मंथली में तब्दील हो गई। ने ले ली। नेताओं और बदमाशों ने जब देखा कि उन्हें लाख-दो लाख की मंथली देकर कबाड़ी करोड़ों कमा रहे हैं तो खुद सीधे इस धंधे में उतर गए। कुछ ने सीधे अपने नाम से और कुछ ने रिश्तेदारों के नाम से फर्म बनाकर कबाड़ का कारोबार शुरू कर दिया। फिलहाल एक बड़ा माफिया और सत्तारूढ़ पार्टी का एक निर्वाचित प्रतिनिधि कबाड़ के धंधे के सरताज बने हुए हैं। कुछ पुलिस अधिकारी और कुछ छुटभैये भी इनके साथ जुडे़ हुए हैं। अंधाधुंध कमाई के लालच में अब कबाड़ के धंधे में कम्पटीशन इतना बढ़ गया कि इसने गैंगवार का रूप ले लिया। इस धंधे के कारण गैंगवार में कई मर्डर हो चुके हैं।
बीते मंगलवार की सुबह दादरी कस्बे में भीड़भाड़ वाली सड़क पर कार सवार लोगों पर हमला और कार में तोड़-फोड़ करने की जो वारदात हुई, वह कबाड़ से जुड़ी प्रतिद्वंद्विता का ही परिणाम है। पुलिस ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, उनमें से एक भाजपा नेता का रिश्तेदार है और उस नेता के बेटे के साथ कबाड़ का धंधा करता है। पुलिस द्वारा इन्हें जेल भेजे जाने की तो इलाके में सराहना हो रही है, किन्तु लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या पुलिस इस अपराध की जड़ पर चोट करने की हिम्मत जुटा पाएगी।