Gujrat News: पीएम के गृह राज्य गुजरात में जहरीली शराब पीने से 29 लोगों की मौत
भारत
चेतना मंच
26 Jul 2022 09:28 PM
Ahmedabad: अहमदाबाद। गुजरात में चुनाव से पहले बड़ा हादसा हो गया। पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के गृह राज्य में लगभग एक दशक से शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है। दिलचस्प है कि जिस राज्य में शराबबंदी है वहां कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 40 से ज्यादा बीमार बताए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि आरोपी की ओर से शराब नहीं, बल्कि शराब के नाम पर लोगों को केमिकल के पाउच दिए गए थे। पुलिस शराब को लेकर साफ तौर पर इंकार कर रही है। पुलिस का दावा है कि मारे गए लोगों ने शराब नहीं, बल्कि केमिकल पीया था। पुलिस इसे साजिश का नाम दे रही है और दावा कर रही है कि 3 लेयर में इसे रचा गया था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ लोगों की हालत गंभीर है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) और अहमदाबाद अपराध शाखा भी जांच में शामिल हो गयी है।
इससे पहले, इलाज करा रहे एक पीड़ित की पत्नी ने बताया कि रविवार रात रोजिद गांव में शराब पीने के कुछ घंटे बाद ही उसके पति की हालत बिगड़ने लगी। एक अन्य पीड़ित हिम्मत भाई, जो अब स्वस्थ हो रहे है, ने दावा किया कि रविवार की रात एक तस्कर से खरीदी गई शराब का सेवन करने के बाद कम से कम 15 लोग बीमार पड़ गए। पुलिस महानिरीक्षक (भावनगर रेंज), अशोक कुमार यादव ने बोटाद सिविल अस्पताल का दौरा करने के बाद बताया कि घटना की जांच करने के लिए पुलिस उपाधीक्षक पद के अधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाएगा। इस बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को गुजरात में जहरीली शराब त्रासदी को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और आरोप लगाया कि राज्य में जो लोग शराब बेच रहे हैं, उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। राज्य में शराब की बिक्री पर पाबंदी है।
केजरीवाल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि गुजरात में मद्यनिषेध के बाद भी भारी मात्रा में अवैध शराब बेची जाती है। ये कौन लोग हैं जो शराब बेचते हैं? उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। शराब की बिक्री से जो पैसे आते हैं, वे कहां जाते हैं। इसकी जांच की जरूरत है।
अब तक की खबर के मुताबिक, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए केमिकल बनाने वाली फैक्ट्री के मालिक समेत 10 लोगों को हिरासत में ले लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि इमोस कंपनी मिथाइल का बिजनेस करती थी। इसमें गोदाम मैनेजर जयेश उर्फ राजू की भूमिका काफी संदिग्ध बताई जा रही है। राजू ने ही गोदाम से केमिकल निकाला था। जयेश ने अपने रिश्तेदार संजय को 60 हजार रुपये में 200 लीटर मिथाइल दिया था। इसके बाद आरोपियों ने इस केमिकल का शराब नहीं बनाकर उसे सीधे पाउच में भरकर लोगों को दे दिए।