Hariyali Teej: हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। महिलाएं इस दिन सोलह श्रृंगार करती हैं और शिव-पार्वती की मिट्टी की मूर्ति बनाकर विधि-विधान से पूजा करती हैं।

हरियाली तीज का पर्व इस साल 15 अगस्त को मनाया जाएगा। यह त्योहार सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। हिंदू धर्म में हरियाली तीज का खास महत्व माना गया है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना से व्रत रखती हैं। वहीं, कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर की कामना के लिए यह व्रत करती हैं। हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। महिलाएं इस दिन सोलह श्रृंगार करती हैं और शिव-पार्वती की मिट्टी की मूर्ति बनाकर विधि-विधान से पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन शिव-पार्वती की पूजा और व्रत कथा का पाठ करने से वैवाहिक जीवन में सुख और प्रेम बना रहता है।
हरियाली तीज के दिन सुबह सूर्योदय के बाद पूजा की जा सकती है। इसके अलावा प्रदोष काल में शिव-पार्वती की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। इस दिन रवि योग, शिव योग और सिद्ध योग का संयोग होने की बात कही गई है।
प्रातः काल: सूर्योदय के बाद सुबह 6 बजे से पूजा कर सकते हैं।
प्रदोष काल: सूर्यास्त के बाद का समय पूजा के लिए शुभ माना जाता है।
शुभ संयोग: रवि योग, शिव योग और सिद्ध योग का संयोग।
हरियाली तीज को भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए लंबे समय तक कठोर तपस्या की थी। कहा जाता है कि 108वें जन्म में सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन उनकी तपस्या पूरी हुई। माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। इसी वजह से हरियाली तीज पर शिव-पार्वती की पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है।
हरियाली तीज पर व्रत रखने वाली महिलाएं शिव-पार्वती की कथा सुनती हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत कथा सुनने और शिव-पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में प्रेम और मधुरता बनी रहती है। यह पर्व महिलाओं के लिए आस्था और श्रृंगार से जुड़ा खास त्योहार है। हरियाली तीज प्रकृति की हरियाली और सुखी दांपत्य जीवन का प्रतीक भी मानी जाती है। इस दिन महिलाएं पूजा के साथ अपने परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना करती हैं।
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