विनय संकोची
Health : भारतीय मसालों (Indian Spices)के अतिरिक्त आयुर्वेद में औषधि के रूप में उपयोग में लाए जाने वाले 'काला जीरा' के गुणों के बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं है। काले जीरे का स्वाद सामान्य जीरे से थोड़ा अलग, कड़वाहट लिए होता है और यह औषधीय गुणों से भरपूर होता है। अपने एंटीमाइक्रोबियल गुणों के कारण काला जीरा पेट संबंधी समस्याओं से मुक्ति के लिए रामबाण औषधि माना जाता है। अंग्रेजी में ब्लैक क्यूमिन के नाम से जाना पहचाना जाने वाला काला जीरा की जड़ों का स्वाद नारियल जैसा होता है और इसकी पत्तियां हर्ब्स के तौर पर प्रयोग की जाती हैं।
उर्दू में जीराह, संस्कृत में जरणा, कृष्ण जीरा, बहुगंधा, गुजराती में शहजीरू, तमिल में शिरागम, मराठी में जिरोगिरे, कश्मीरी में गुन्यान कहे जाने वाले काले जीरे का पुराने समय से ही सिरदर्द, दंतशूल, अस्थमा, अर्थराइटिस आदि रोगों के उपचार में प्रयोग होता रहा है। अब तो मधुमेह, हाइपरटेंशन आदि में भी काला जीरा औषधि के रूप में अपनाया जाने लगा है। आइए जानते हैं 'काला जीरा' के औषधीय गुणों व विभिन्न रोगों में इसके उपयोग के बारे में।
• थोड़ा सा काला जीरा भूनकर रुमाल में बांधकर सूंघने से कफ से बंद हो गई नाक खुल जाती है और सर्दी-जुकाम में भी आराम मिलता है।
• रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से शरीर में नई-नई बीमारियां घर करने लगती हैं। काले जीरे के नियमित सेवन से न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में त्वरित वृद्धि होती है, अपितु जल्द थकान और कमजोरी महसूस होने की शिकायत से भी राहत मिलती है।
• काले जीरे के सेवन से पाचन संबंधी गड़बड़, पेट फूलना, पेट दर्द, दस्त, गैस्ट्रिक, पेट में कीड़े आदि समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। थोड़ा-सा काला जीरा खाने से अपच की शिकायत में भी लाभ होता है।
• चूंकि काला जीरा एंटीबैक्टीरियल गुणों से युक्त है, इसलिए यह संक्रमण को रोकने में प्रभावी है। काले जीरे के बारीक चूर्ण का लेप लगाने से घाव, फोड़े-फुंसियां आसानी से ठीक हो जाते हैं।
• काला जीरा मधुमेह के उपचार में भी काफी प्रभावी माना जाता है। भोजन में काले जीरे की संतुलित मात्रा को शामिल करने से रक्त में शुगर के स्तर को कम करने में सहायता मिल सकती है।
• काला जीरा गर्भावस्था के समय गर्भ की सूजन को कम करता है। इसके अतिरिक्त काले जीरे में आयरन की प्रचुर मात्रा दूध उत्पादन कर स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी है।
• काला जीरा दांत और सिरदर्द की समस्या में लाभकारी है। दांत में दर्द होने की स्थिति में काले जीरे के तेल की कुछ बूंदे गर्म पानी में डालकर कुल्ला करने से दर्द में राहत मिलती है। काले जीरे के तेल को माथे पर लगाने से सिर दर्द ठीक हो जाता है।
• काले जीरे का तीन माह तक नियमित सेवन करने से वजन घटाने में सहायता मिल सकती है।
• नियमित रूप से काले जीरे के चूर्ण का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है, रक्तचाप नियंत्रित रहता है और हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है।
• काले जीरे को संभावित कैंसर से लड़ने वाले प्रभावों के साथ एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में पाया गया है। शोध में काले जीरे में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी कैंसर गुण पाए जाने के प्रमाण मिले हैं। यह शोध कार्य पूर्णता की दिशा में आगे बढ़ रहा है बताया जाता है।
• खून की कमी वाले लोगों के लिए काले जीरे का सेवन लाभदायक हो सकता है, क्योंकि यह आयरन का एक अच्छा स्रोत है। आयरन की कमी को काले जीरे के सेवन से दूर कर रक्ताल्पता से छुटकारा पाया जा सकता है।
• काला जीरा बालों और त्वचा के लिए भी उपयोगी है।
निषेध : रक्तचाप के रोगियों, ब्लीडिंग डिसऑर्डर की समस्या से ग्रस्त लोगों, डायबिटीज के पेशेंट्स, किसी प्रकार की एलर्जी से पीड़ितों को काला जीरा के सेवन से बचना चाहिए। क्योंकि काले जीरे की तासीर गर्म होती है, इसलिए एक दिन में इसकी 1 से 3 ग्राम मात्रा से ज्यादा लेना वर्जित है।विशेष : यहां 'काला जीरा' के गुण व उपयोग की विशुद्ध सामान्य जानकारी दी गई है, जिसकी सफलता का दावा हम नहीं करते हैं। काला जीरा निस्संदेह गुणकारी है, लेकिन इसका लाभ तभी मिल सकता है, जब इसके गुण-दोष और उचित मात्रा के साथ सटीक उपयोग विधि को जानने वाले आयुर्वेदाचार्य के परामर्श पर इसका निश्चित अवधि तक सेवन किया जाए। सामान्य जानकारी को चिकित्सकीय उपचार मानने की भूल हानिकारक हो सकती है।