Health Care: बेल धार्मिक होने के साथ है सेहत के लिए भी फायदेमंद
भारत
चेतना मंच
07 May 2022 04:41 PM
विनय संकोचीHealth : बेल (Bell) एक ऐसा गुणकारी फल है जिसका आवरण कठोर होता है और उसके अंदर पीले रंग का थोड़ी सी तल्खी लिए हुए मीठा गूदा होता है। गूदे में लेसदार द्रव्य से आवृत सफेद रंग के कुछ बीज होते हैं। अपने गुण और स्वाद के कारण विशेष रूप से लोकप्रिय बेल का हिंदू धर्म में धार्मिक महत्व भी है। भगवान शिव से जुड़े पर्व विशेष पर बेल और उसके पत्ते शिवलिंग पर अर्पित किए जाने की पौराणिक परंपरा है। मान्यता है कि भगवान शिव को बेल और बेलपत्र अति प्रिय हैं। बेल का वैज्ञानिक नाम 'एगेल मार्मेलोस' है। इसे अंग्रेजी में वुड एप्पल कहा जाता है। रोगों को नष्ट करने के विशेष प्राकृतिक गुणों के कारण बेल को बिल्व कहा गया है। इसे शांडिलू, श्रीफल और सदाफल के नाम से भी जाना पहचाना जाता है। इसके तीन पत्तों के समूह को त्रिदेव कहते हैं। बेल के पत्ते स्वाद में तीखे और गंध युक्त होते हैं। आचार्य चरक और सुश्रुत दोनों ने ही बेल फल को वातशामक मानते हुए इसे पाचन संस्थान के लिए उत्तम एवं समर्थ औषधि माना है। आयुर्वेद ने भी बेल के औषधीय गुणों का महत्व बताया है। बेल में शर्करा(Sugar) , कैल्शियम(Calcium), फाइबर(Fiber) , फॉस्फोरस(Phosphorous) , पोटेशियम(Potassium), आयरन(Iron), विटामिन-ए(Vitamin-A), विटामिन-बी(Vitamin-B), विटामिन-सी(Vitamin-C), प्रोटीन(Protein), बीटा केरोटिन(Beta Carotene), थायमिन (Thiamine)आदि पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व शरीर को कई रोगों से बचाने का काम करते हैं। इसमें फ्लेवोनॉयड्स और टैनिन नामक रसायन भी पाए जाते हैं, जो संक्रमण को रोकते हैं। बेल का मुख्य रूप से शरबत अथवा जूस के रूप में इस्तेमाल किया जाता है |
आइए जानते हैं बेल के गुण व उपयोग के बारे में -
• बेल मधुमेह रोग को नियंत्रित करने में सहायता करता है। शोध में पाया गया है कि बेल के पेड़ की छाल और शाखाओं में मौजूद फेरोनिया गम में मधुमेह को नियंत्रित करने के गुण होते हैं। यह रक्त प्रवाह में इंसुलिन के उत्पादन को कंट्रोल करता है और रक्त शर्करा का वांछित स्तर बनाए रखता है।
• आयुर्वेद ने बेल के रस को दस्त और डायरिया में बहुत फायदेमंद माना है। इसमें गुड़ या चीनी मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है।
• बेल के रस में थोड़ा गुनगुना पानी में मामूली सा शहद मिलाकर नियमित सेवन करने से खून साफ होता है।
• बेल के सेवन से पाचन तंत्र सक्रिय रहता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है।
• बेल के रस को त्वचा पर लगाने से इंफेक्शन से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।
• बेल में एंटी इनफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो अकारण अथवा चोट से आई सूजन को कम करने में सहायक हैं।
• बेल में आयरन और जिंक पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। इन दोनों तत्वों की शरीर में कमी के चलते बाल झड़ने लगते हैं। बेल के सेवन से आयरन और जिंक की कमी पूरी हो जाती है और बाल झड़ने की समस्या से छुटकारा मिल जाता है।
• बेल में एंटीमाइक्रोबियल(Antimicrobial) गुण पाया जाता है, जो छह रोग (टीबी) के जिम्मेदार बैक्टीरिया की वजह से होने वाले दुष्प्रभाव को कम करता है। मतलब बेल के सेवन से टीबी के खतरे से बचा रहा जा सकता है।
• गैस्ट्रिक अल्सर (Gastric Ulcer)से निजात दिलाने में बेल का सेवन सहायता कर सकता है। बेल में प्राकृतिक रूप से एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद हैं, जो गैस्ट्रिक अल्सर की समस्या को दूर करते हैं।
• हृदय की सेहत के लिए भी बेल बहुत फायदेमंद है बेल में पाया जाने वाला कार्डियोप्रोटेक्टिव दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। हृदय की मजबूती के लिए बेल का गूदा लाभकारी माना गया है।
• जिन लोगों के रक्त में रेड ब्लड सेल्स की कमी हो, उन्हें बेल का सेवन बहुत फायदा पहुंचा सकता है। आयरन की कमी से एनीमिया की शिकायत होती है। बेल के गूदे का सेवन कर आयरन की कमी को पूरा किया जा सकता है।
• बेल फाइबर का अच्छा स्रोत है, इसके सेवन से कब्ज की समस्या से तो छुटकारा पाया ही जा सकता है, साथ ही इससे बवासीर के खतरे को भी कम किया जा सकता है।
• पीलिया से बचने के लिए भी बेल का फल फायदेमंद है। बेल के सेवन से लीवर में होने वाली सूजन को खत्म कर पीलिया के खतरे को टाला जा सकता है।
जरूरी बात : उच्च रक्तचाप व मधुमेह रोगियों को बेल के अधिक सेवन से बचना चाहिए। किडनी की बीमारी से परेशान लोगों को भी किसी भी रूप में बेल का अधिक सेवन उचित नहीं है। बेल का ज्यादा सेवन गुर्दे की पथरी का भी कारण बन सकता है। विशेष : यहां 'बेल' के गुण व उपयोग के बारे में विशुद्ध सामान्य जानकारी उपलब्ध कराई गई है, जो किसी चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है। हम इनमें से किसी भी उपाय के सफल होने का दावा नहीं करते हैं। बेल को औषधि के रूप में अपनाने से पूर्व योग्य चिकित्सक/आहार विशेषज्ञ से परामर्श आवश्यक है।