विनय संकोची
Health : हींग(Asafoetida) बेहद फायदेमंद होती है। हींग को खाने में ज़ायका बढ़ाने के लिए डाला ही जाता है। साथ ही हींग औषधीय गुणों के कारण भी उपयोग में लाई जाती है। 'असफोटिडा' (हींग) लैटिन शब्द है, इसका मतलब सुगंध होता है। इसे संस्कृत में हिंगु, हिंदी, बांग्ला, गुजराती, मराठी, उर्दू में हींग, कन्नड़ में हींगर, कश्मीरी में यांग, मलयालम में कायम, उड़िया में हेंगु, तेलुगु में इंगुवा कहा जाता है।
• हींग इंसुलिन को छिपाने के लिए अग्नाशय की कोशिकाओं को उत्तेजित करता है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर कम होता है। हींग में कोमरिंस नाम का एक तत्व होता है, जो खून को पतला करके रक्त-प्रवाह बढ़ाता है। इसकी वजह से खून के थक्के भी नहीं जमते। इससे रक्त में कोलेस्ट्रॉल और शरीर में ट्राइग्लिसराइड घटता है, जिनकी वजह से हाइपरटेंशन से बचाव होता है।
• पीलिया होने पर हींग को गूलर के सूखे फलों के साथ खाने से लाभ होता है। पीलिया में हींग को पानी में घिसकर आंखों पर लगाने से भी फायदा होता है। शोधों से पता चला है कि स्वाइन फ्लू जैसी घातक बीमारी में भी हींग बेहद लाभकारी होती है। इनमें एच-1एन-1 वायरस को खत्म करने की क्षमता होती है।
• अपच हो जाने की स्थिति में हींग का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है। गैस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए भी हींग का प्रयोग किया जाता है। बदहजमी हो तो एक कप पानी में हींग की कुछ मात्रा मिलाकर उसका सेवन करने से लाभ होता है। खाने से पहले घी में भुनी हुई हींग अदरक का एक टुकड़ा मक्खन के साथ लेने में लेने से भूख ज्यादा लगती है।
• पसलियों के दर्द में हींग रामबाण की तरह काम करता है। ऐसे में हींग को गर्म पानी में घोलकर पसलियों पर लेप लगाने और सूखने पर प्रक्रिया दोहराने से आराम मिलता है। कान में दर्द होने पर तिल के तेल में हींग को पकाकर उस तेल की बूंदों को कान में डालने पर दर्द समाप्त हो जाता है।
• दाद खाज खुजली जैसे चर्म रोगों में हींग बहुत अधिक फायदेमंद है। चर्म रोग होने पर हींग को पानी में घिसकर उन स्थानों पर लगाने से फायदा होता है।
• कब्ज होने पर हींग के चूर्ण में थोड़ा सा मीठा सोडा मिलाकर रात में सोने से पहले पीने से पेट साफ हो जाता है, कब्ज की शिकायत समाप्त हो जाती है।
• अगर किसी खुले जख्म पर कीड़े पड़ गए हों, तो उस जगह पर हींग का चूर्ण लगाने से कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
• ईरानी मूल की मानी जाने वाली हींग खांसी, सूखी खांसी, इन्फ्लूएंजा, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा जैसी बीमारियों को दूर करने में भी काफी मददगार है। इनमें शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। हींग की कैंसर रोधी गतिविधि कैंसर कोशिकाओं का विकास अवरुद्ध करती है।
• थोड़ी सी हींग पीसकर पानी में घोलकर सूंघने से सर्दी-जुकाम, सिर का भारीपन व दर्द में आराम मिलता है। पीठ, गले और सीने पर हींग के पानी का लेप करने से खांसी, कफ, निमोनिया और श्वास कष्ट में आराम होता है। हींग के चूर्ण में थोड़ा-सा नमक मिलाकर पानी के साथ लेने से लो ब्लड प्रेशर में आराम मिलता है। छाछ में या भोजन के साथ हींग का सेवन करने से अजीर्ण, वायु, हैजा व पेट दर्द में आराम आता है।
• हींग खाने के फायदों के बारे में तो अक्सर कहा और सुना जाता है, लेकिन हींग से होने वाले नुकसान के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। सभी को इस बारे में जानना चाहिए कि हींग का सेवन करने के बाद कुछ लोगों के होंठों में असामान्य सूजन आ सकती है। हींग को घरेलू या हर्बल उपचार के रूप में इस्तेमाल करने पर इससे उदर संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों को हींग के कुप्रभाव के रूप में त्वचा पर चकत्ते की समस्या हो जाती है। हींग की ज्यादा मात्रा का सेवन करने से व्यक्ति के सिर में दर्द हो सकता है और चक्कर भी आ सकते हैं। उच्च व निम्न रक्तचाप भी ऐसी स्थितियां हैं, जिनका संबंध हींग के सेवन से है। हींग का सेवन करने से रक्तचाप नियंत्रण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। रक्तचाप के रोगियों को हींग के सेवन से परहेज करना चाहिए या फिर बहुत कम मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए। अगर किसी को भी कभी लकवा मार चुका है या ऐंठन से जुड़ी गंभीर समस्या रह चुकी है, तो हींग के सेवन से बचना चाहिए।
• गर्भवती महिलाओं के लिए हींग का सेवन असुरक्षित है। हींग की तासीर गर्म होती है। गर्भकाल में हींग खाने से पूर्व प्रसव का खतरा रहता है। नवजात को अथवा दूध पिलाने वाली महिलाओं के लिए भी हींग का सेवन अच्छा नहीं है। ...और एक जरूरी बात, हींग को औषधि के रूप में प्रयोग करने से पूर्व योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।