विनय संकोची
Health: बहुत से लोग हैं जो लौकी (Gourd)खाने से कतराते हैं और उसे बीमारों की सब्जी बताते हैं। ऐसा वही लोग करते-कहते हैं जो लोग लौकी के गुणों से परिचित नहीं हैं या फिर स्वास्थ्य के बदले स्वाद को कुछ ज्यादा ही महत्व देते हैं। लौकी एक बेहद लाभदायक सब्जी है, जिसका उपयोग कर अनेक बीमारियों में राहत पाई जा सकती है। लौकी का पौधा एक बेल के रूप में होता है जिस पर लौकियाँ फलती-फूलती हैं। लता पर लगी लौकी का छिलका हरा और गूदा सफेद रंग का होता है। इसे सब्जी के रूप में पकाया - खाया जाता है। लौकी का रायता और लौकी की बर्फी भी लोग खूब पसंद करते हैं।
लौकी दो प्रकार की होती है, एक मधुर और दूसरी कड़वी। मधुर लौकी को शाक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जबकि कड़वी प्रजाति की लौकी को औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है। कड़वी लौकी का प्रयोग-उपयोग योग्य आयुर्वेदाचार्य से परामर्श के बिना बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
लौकी में पर्याप्त मात्रा में विटामिन-ए, विटामिन- सी, आहारीय फाइबर, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी3, विटामिन बी6, मिनिरल्स, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, आयरन पाया जाता है। ये सभी तत्व मानव शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होते हैं। लौकी से परहेज करने वालों को सेहत की साथी लौकी के गुणों की जानकारी मिलने पर, इसे खाने की इच्छा जरूर जागनी चाहिए। बाकी पसंद अपनी-अपनी स्वास्थ्य अपना-अपना। तो चलिए एक नजर डालते हैं, लौकी के उपयोग से होने वाले फायदों पर।
• मधुमेह पीड़ित रोगियों के लिए लौकी एक वरदान है। रोजाना सुबह सवेरे खाली पेट लौकी का जूस पीने से मधुमेह में आराम मिलता है।
• आजकल बहुत बड़ी संख्या में लोग स्लीपिंग डिसऑर्डर की समस्या से जूझ रहे हैं। लौकी का जूस नियमित पीने से अनिद्रा से मुक्ति पाकर चैन की नींद ली जा सकती है।
• बढ़ते वजन को लेकर परेशान रहने वाले वालों की भी लौकी सहायता कर सकती है। प्रतिदिन लौकी का आयरन, विटामिन, पोटेशियम से भरपूर जूस पीने से वजन घटाने में मदद मिल सकती है। लौकी खाने से शरीर का मेटाबॉलिक रेट बढ़ता है। लौकी में सेचुरेटिड फैट और कोलस्ट्रोल बहुत कम होता है। लौकी को उबालकर नमक के साथ खाने से भी वजन कम हो सकता है।
• लौकी पाचन संबंधित समस्याओं का उत्तम निदान है। लौकी को अपने भोजन में शामिल कर पाचन क्रिया को दुरुस्त किया जा सकता है। लौकी एसिडिटी से मुक्ति दिलाने में भी मदद करती है।
• मूत्र संबंधी समस्याओं में लौकी का सेवन बहुत ही उपयोगी माना जाता है। यह शरीर में सोडियम की अधिकता को कम करने में सहायता करती है, जो लौकी के सेवन से मूत्र के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाता है।
• लौकी हृदय रोग से भी बचाव करती है। लौकी के नियमित सेवन से हृदय के लिए हानिकारक कोलस्ट्रोल बहुत आसानी से धीरे-धीरे कम होता चला जाता है, जिससे हृदय स्वस्थ बना रहता है। कलोस्ट्रोल से जुड़ी अन्य व्याधियों से भी लौकी छुटकारा दिला सकती है। इसके लिए लौकी का जूस एक आदर्श पेय के रूप में देखा जाता है।
• लौकी का प्रतिदिन नियमित रूप से सेवन करने से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है। आकर्षक दिखाई देने के लिए अनेक महिलाएं लौकी को अपने भोजन में शामिल रखती हैं। जूस का सेवन भी लाभकारी हो सकता है। लौकी शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालकर त्वचा को ताजगी प्रदान करती है।
• तनाव आज एक सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। लौकी के सेवन से तनाव घटता है और शरीर ठंडा रहता है, जिसके चलते मन भी शांत रहता है।
• असमय सफेद हो रहे बालों की समस्या में भी लौकी लाभकारी है। प्रतिदिन नियम से एक गिलास लौकी का जूस पीने से बालों का असमय सफेद होना रुक सकता है। आजकल प्रदूषण के कारण ही बाल पकने लगते हैं, लौकी जूस बालों को उनकी प्राकृतिक चमक लौटाता है।
• लौकी में मौजूद कैल्शियम, मैग्नीशियम और जिंक तत्व हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायता कर सकते हैं। लौकी का जूस या लौकी की सब्जी के सेवन से हड्डियों को मजबूत बनाया जा सकता है।
• इसके अतिरिक्त आयुर्वेद में कड़वी लौकी के माध्यम से घेंघा, दांत का कीड़ा, सांस की परेशानी, हाथीपांव, बवासीर, पीलिया, श्वेत प्रदर, गठिया, कुष्ठ रोग आदि तमाम समस्याओं के निदान का उल्लेख मिलता है।
[ विशेष : मीठी और कड़वी लौकी निस्संदेह अनेक रोगों से मुक्ति दिलाने में सहायक हो सकती हैं। यहां लौकी के गुण और उपयोग के बारे में विशुद्ध सामान्य जानकारी उपलब्ध कराई गई है, जिसकी सफलता का दावा हम बिल्कुल भी नहीं करते हैं। यह जानकारी किसी भी विशेषज्ञ का विकल्प नहीं हो सकती है, अतः किसी भी रोग विशेष में उपचार के तौर पर लौकी का उपयोग किसी योग्य चिकित्सा विशेषज्ञ से परामर्श के बिना कदापि न करें।]