विनय संकोची
Health: भिंडी(Lady Finger) एक ऐसी सब्जी है जो पूरी दुनिया में भारत में ही सबसे ज्यादा पैदा होती है। भिंडी की सब्जी खाने में स्वादिष्ट और स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है। भिंडी को अंग्रेजी में लेडी फिंगर, मराठी में भैंडी, गुजराती में भींडा, फारसी में वामिया कहा जाता है। वाराणसी में भिंडी को रामतरोई तो छत्तीसगढ़ में रामकलीय के नाम से जाना जाता है। हरी सब्जियों में विशिष्ट स्थान रखने वाली भिंडी को या तो लोग बहुत अधिक पसंद करते हैं या एकदम नापसंद। लेकिन इससे भिंडी के गुणों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। भिंडी को नापसंद करने वाले ज्यादातर लोग भिंडी में पाए जाने वाले पोषक तत्वों से अनभिज्ञ होते हैं। भिंडी में प्रोटीन(Protein),कार्बोहाइड्रेट(Carbohydrate), फेट(Fat), फाइबर(Fiber), शर्करा(Sugar), कैल्शियम(Calcium), आयरन(Iron), मैग्नीशियम(Magnesium), फॉस्फोरस(Phosphorus), पोटेशियम(Potassium), सोडियम(Sodium), जिंक(Zinc), मैगनीज(Manganese), कॉपर(Copper), सेलेनियम(Selenium), विटामिन-सी(Vitamin-C), थियामिन(Thiamine), राइबोफ्लेविन(Riboflavin), नियासिन(Niacin), विटामिन-बी6(Vitamin-B6), फोलेट(Folate), कोलीन(Choline), विटामिन-ए( Vitamin-A) बीटा कैरोटीन (beta carotene), विटामिन-ई(Vitamin-E), विटामिन-के(Vitamin-K), फैटी एसिड( fatty acids) (लिनोलेनिक और ऑलिक एसिड ) ( (linolenic and oleic acid))जैसे सेहत के लिए आवश्यक तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा भिंडी में एंटी कैंसर, एंटी अल्सर, एंटी बैक्टीरियल, एंटी फेटिग गुण भी होते हैं।
आइए जानते हैं औषधीय गुणों की खान लेडी फिंगर यानी भिंडी के गुण व उपयोग के बारे में -
• विटामिन-सी से युक्त भिंडी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायता करती है। दैनिक आवश्यकता का 38% विटामिन-सी एक कप भिंडी से मिल सकता है, जिससे अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है।
• भिंडी गर्भधारण में सहायक मानी जाती है। भिंडी को गर्भधारण का प्रयास करने वाली महिलाओं को अपने आहार में शामिल करना चाहिए। इसमें मौजूद फोलिक एसिड न केवल गर्भधारण में सहायक है, बल्कि यह गर्भस्थ शिशु के विकास में मददगार है।
• भिंडी में पाया जाने वाला विटामिन-ए आंखों के स्वास्थ्य की रक्षा करने में सक्षम है। भिंडी के नियमित सेवन से शरीर में विटामिन-ए की कमी नहीं होती है, जिससे आंखें स्वस्थ रहती हैं।
• भिंडी के सेवन से शरीर में खून की कमी की शिकायत नहीं होती है। भिंडी में मौजूद फोलेट और विटामिन-के, खून की कमी नहीं होने देने में सहायता करते हैं।
• भिंडी के नियमित सेवन से शरीर की त्वचा जवां बनी रहती है। ऐसा भिंडी में प्रचुर मात्रा में मौजूद विटामिन-सी के कारण होता है। इसके अतिरिक्त भिंडी में मौजूद अनेक तत्व त्वचा के पिगमेंटेशन को रोककर त्वचा को झाईयों और दाग-धब्बों से भी बचाते हैं।
• भिंडी मधुमेह नियंत्रण में सहायक है। भिंडी में एंटी डायबिटिक और हाइपरग्लेसमिक गुण होते हैं, जो रक्त में मौजूद ग्लूकोज के लेवल को कम करने में मदद करते हैं। मधुमेह रोगी भिंडी को आहार में शामिल कर रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं।
• भिंडी के सेवन से पाचन तंत्र को दुरुस्त करने और अपच की समस्या से निजात पाने में सहायता मिल सकती है।
• भिंडी हृदय रोगियों के लिए भी फायदेमंद है। भिंडी में मौजूद फाइबर सीरम कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है, जिससे कोलस्ट्रोल संबंधी हृदय रोग का जोखिम कम हो सकता है।
• भिंडी में मौजूद फाइबर कोलन कैंसर के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है। भिंडी में पाया जाने वाला एंटी ट्यूमर गुण स्तन कैंसर को बढ़ाने वाली कोशिकाओं को रोकने में मदद कर सकता है।
• कब्ज़ से छुटकारा पाने में भिंडी का सेवन रामबाण की तरह काम करता है।
• भिंडी में पाया जाने वाला एंटी ओबेसिटी गुण मोटापे को नियंत्रित करने में मददगार हो सकता है। भिंडी के सेवन से वजन कम कर मधुमेह और हृदय की बीमारियों के जोखिम से बचा जा सकता है।
जरूरी बात : भिंडी के अत्यधिक सेवन से दस्त, गैस, ऐंठन और आंतों में सूजन की समस्या हो सकती है। ज्यादा भिंडी खाने से गुर्दे में पथरी भी हो सकती है। जो लोग रक्त को गाढ़ा करने वाली दवाओं का सेवन करते हैं, उन्हें भिंडी का सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए। विशेष : यहां भिंडी के गुण और उपयोग के बारे में विशुद्ध सामान्य जानकारी दी गई है। यह सामान्य जानकारी चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है। इसलिए हम किसी उपाय अथवा जानकारी की सफलता का दावा नहीं करते हैं। रोग विशेष के उपचार में भिंडी को औषधि रूप में अपनाने से पूर्व योग्य चिकित्सक/आहार विशेषज्ञ से परामर्श जरूरी है।