Health : स्वाद के साथ हैं -लहसुन में हैं बड़े-बड़े गुण !
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 10:45 AM
विनय संकोची
Health : प्याज(Onion) फैमिली का सदस्य 'लहसुन' तीखा और गंध युक्त होने के बावजूद अपने औषधीय गुणों के कारण भी लोकप्रिय है। इसका वैज्ञानिक नाम एलियम सैटिवुम सेट एल है और यह पुरातन काल से औषधीय और पाक प्रयोजनों में उपयोग में लाया जाता रहा है। इसकी मांसल पुथी (कली या फांक) के अतिरिक्त इसकी पत्तियां और फूलों का भी इस्तेमाल किया जाता है। चीन के बाद भारत में दुनिया में सबसे ज्यादा उगाए जाने वाले लहसुन की तीखी गंध इसमें प्रचुरता से पाए जाने वाले गंधक के कारण होती है। लहसुन में 6.3 % प्रोटीन, 21% कार्ब्स, 1% खनिज पदार्थ, विटामिन ए, बी, सी, आयरन, कैल्शियम, सल्फ्यूरिक एसिड के अतिरिक्त एलीसिन भी पाया जाता है। एलीसिन एक अच्छा बैक्टीरिया रोधक(Antibacterial), फफूंद रोधक( Antifungal) और एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant) होता है।
आइए आयुर्वेद और किचन दोनों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण लहसुन के गुण और उपयोग के बारे में जानते हैं-
• लहसुन एक बहुत जबरदस्त इम्यूनिटी बूस्टर है। इसमें मौजूद विटामिन बी6 और विटामिन- सी तथा अन्य अनेक खनिज पदार्थ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। लहसुन संक्रमण से बचाव में भी सहायक है।
• गठिया का दर्द बहुत कष्टदायक होता है। गठिया पीड़ितों के लिए लहसुन रामबाण औषधि के समान है। लहसुन का एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण गठिया के दर्द में राहत दिलाता है। गठिया रोगी लहसुन को अपनी खुराक में शामिल कर गठिया की पीड़ा से मुक्ति पा सकते हैं।
• लहसुन उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक है। सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर से छुटकारा दिलाने में लहसुन विशेष रूप से मदद कर सकता है।
• लहसुन के नियमित सेवन से बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) में 10 से 15% की कमी हो सकती है। लहसुन कोलस्ट्रोल स्तर को सुधार कर दिल की बीमारियों का खतरा घटाता है। लहसुन में मौजूद पॉली सल्फाइड कंपाउंड हृदय की धमनियां खोलने और खून के प्रवाह को बढ़ाने में सहायता करता है।
• दाद, खाज, फंगल इन्फेक्शन में लहसुन का तेल ही नहीं, इसका सेवन भी बहुत फायदेमंद है।
• लहसुन के नियमित सेवन से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ निकल जाते हैं, जिससे शरीर स्वस्थ बना रहता है। विषाक्त पदार्थ की अनुपस्थिति से रक्त शुद्ध रहता है और किडनी में लीवर संक्रमण से बचे रहते हैं।
• लहसुन का नियमित सेवन करने से शरीर में खून की कमी नहीं होती है। एनीमिया के खतरे से बचाता है लहसुन।
• लहसुन का सेवन पेट में किसी भी तरह की जलन, सूजन और दर्द से बचाता है। इतना ही नहीं लहसुन पाचन तंत्र को मजबूत बनाकर अनेक अनचाहे रोगों से बचाने का काम भी करता है।
• मोटापा एक आम समस्या है। वजन घटाने में लहसुन सहायता कर सकता है। यदि सुबह उठकर खाली पेट कच्चे लहसुन का सेवन किया जाए तो तेजी से वजन घटने का चमत्कार होते हुए देखा जा सकता है।
• कच्चा लहसुन खाने से रक्त शर्करा का स्तर नियंत्रित होता है। लहसुन ग्लूकोज लेवल को नियंत्रित कर मधुमेह के खतरे को कम करता है।
• लहसुन का एंटीबैक्टीरियल गुण न केवल दांतों को सड़न से बचाता है अपितु दांतों को मजबूत भी बनाता है।
• लहसुन में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट त्वचा की नमी को बरकरार रखते हैं और त्वचा में निखार लाते हैं।
• लहसुन में मौजूद एलीसिन नामक पदार्थ पुरुषों के मेल हारमोंस को ठीक रखता है। लहसुन में प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले विटामिन और सेलेनियम पुरुषों को की स्पर्म क्वालिटी को बढ़ाने का काम करते हैं।
• लहसुन बंद नाक, छींक आना और आंखों से पानी आने जैसी एलर्जी के लक्षणों से आराम दिलाने में सहायता कर सकता है। लहसुन एलर्जी वाली कोशिकाओं पर हमला कर एलर्जी को खत्म करने का गुण रखता है।
जरूरी बात : लहसुन रक्त पतला करता है, इसलिए रक्त पतला करने वाली दवा लेने वालों को लहसुन के उपयोग में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए। लहसुन की तासीर गर्म होती है, इसलिए सीमित मात्रा में ही इसका उपयोग करना उचित रहता है। लहसुन के अधिक सेवन से पेट की कई समस्याएं हो सकती हैं।विशेष : यहां लहसुन के गुण और उपयोग के बारे में विशुद्ध सामान्य जानकारी दी गई है, जिसे चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं माना जा सकता है। हम भी किसी उपाय की सफलता का दावा नहीं करते हैं। लहसुन को औषधि के रूप में सेवन करने से पूर्व योग्य आयुर्वेदाचार्य / आहार विशेषज्ञ से सलाह लेना आवश्यक है।