विनय संकोची
Health : 'कटहल' ('Jackfruit') को ज्यादातर सब्जी के रूप में जाना-पहचाना और इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन वास्तव में इसे फलों की श्रेणी में भी रखा जाता है। इसे सब्जी कहें या फल, इससे इसके गुणों कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। कटहल की बाहरी त्वचा नुकीली होती है। पकने पर यह अंदर से पीला हो जाता है। जिसे तमाम लोग बहुत रुचि से खाते हैं। कटहल अनेक प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है। इसके सेवन से शरीर अनेक रोगों का शिकार होने से बच सकता है। अगर पोषक तत्वों की बात करें तो कटहल में प्रोटीन(Protein), कार्बोहाइड्रेट(Carbohydrate), डाइटरी फाइबर(Dietary Fiber), शर्करा(Sugar), कैल्शियम(Calcium), आयरन(Iron), मैग्नीशियम(Magnesium), फॉस्फोरस(Phosphorous), पोटेशियम(Potassium) , सोडियम(Sodium), जिंक(Zinc), विटामिन-सी(Vitamin-C), एस्कॉरबिक एसिड(Ascorbic Acid), नियासिन(Niacin), विटामिन-बी6(Vitamin-B6), फॉलेट(Folate), डीएफई(DFE), विटामिन-ए(Vitamin-A), विटामिन-ई(Vitamin-E) अल्फा टोकॉफेरोल((Alpha Tocopherol)), फैटी एसिड (fatty acids) जैसे तत्व प्रचुर-पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। कटहल निश्चित रूप से सेहत के लिए लाभदायक है, लेकिन यह गंभीर बीमारियों की दवा बिल्कुल भी नहीं है। हां, रोग के लक्षणों को कम करने में अवश्य मददगार हो सकता है।
आइए जानते हैं कटहल के गुण व उपयोग के बारे में-
• कटहल ब्लड ग्लूकोज के स्तर को कम करने में सहायक होता है। आयुर्वेद के अनुसार कटहल के पत्तों को गर्म पानी में उबालकर पीने से ब्लड शुगर को कम करने में सहायता मिल सकती है।
• पोटेशियम की प्रचुर मात्रा की मौजूदगी के कारण कटहल के सेवन से रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है। कटहल शरीर में सोडियम के असर को भी कम करने में सहायक है। सोडियम को रक्तचाप की वृद्धि का एक बड़ा कारण माना जाता है।
• कटहल में आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए इसके सेवन से शरीर में रक्त की कमी (एनीमिया) में लाभ मिलता है। एनीमिया से ग्रस्त लोगों को कटहल को अपनी खुराक में शामिल करने की सलाह चिकित्सक देते हैं।
• अस्थमा एक गंभीर श्वास रोग है और कटहल इसमें राहत पहुंचाता है। कच्चे कटहल को पानी में उबालकर छानकर पीने से अस्थमा के उपचार में यह एक कारगर औषधि के रूप में प्रभाव डालता है।
• कटहल में मौजूद प्रोटीन और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मानसिक तनाव को दूर करने का काम करते हैं, जिससे मस्तिष्क शांत रहता है और चित्त प्रसन्न।
• जिनकी हड्डियां कमजोर है, उन्हें कटहल का सेवन करने से चूकना नहीं चाहिए। कटहल में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है, जो कमजोर हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।
• कटहल में एंटी कैंसर गुण पाए जाते हैं। इसमें मौजूद लिगनांस, आइसोफ्लेवोंस और सैपोनिन जैसे फाइटोन्यूट्रिएंट्स कैंसर की रोकथाम में सहायता कर सकते हैं।
• कटहल में मौजूद फ्लेवोनॉयड्स एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रभाव दिखाता है, इसलिए यह सूजन को कम करने में मददगार हो सकता है। कटहल के फल और बीज में दर्द निवारक गुण होते हैं, जिसके चलते यह किसी भी प्रकार के दर्द में राहत प्रदान कर सकता है।
• कटहल मोतियाबिंद की समस्या और मेक्यूरल डिजेनरेशन यानी धुंधली दृष्टि की समस्या से बचाने में सहायक हो सकता है। कटहल में विटामिन-ई भरपूर मात्रा में होता है, जो नेत्र रोगों से बचाव का काम बखूबी करता है।
• कटहल में फाइबर बहुत होता है लेकिन कैलोरी बहुत कम होती है, साथ ही इसमें मौजूद विटामिन-ए, विटामिन-सी, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम आदि तत्व वजन को कम करने में सहायता करते हैं। जो मोटापे से परेशान हैं, उन्हें कटहल को अपनी डाइट में शामिल करने में देर नहीं करनी चाहिए।
• थायराइड की समस्या में कटहल मदद कर सकता है। कटहल में कॉपर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है और कॉपर थायराइड मेटाबॉलिज्म को बनाने में सहायक होता है।
• कटहल पाचन तंत्र को मजबूत करता है। कब्ज से राहत दिलाता है। यह आंतों की बेहतर सफाई कर विषाक्त पदार्थों को निकाल बाहर करने में भी काफी मदद कर सकता है।
जरूरी बात कटहल के अत्यधिक सेवन से मधुमेह रोगियों में ग्लूकोज का स्तर अनियंत्रित हो सकता है। ज्यादा कटहल खाने से प्रतिरक्षा प्रणाली पर बुरा असर पड़ सकता है, पुरूषों में बांझपन की शिकायत हो सकती है। सेंसिटिव लोगों को कटहल खाने से ओरल एलर्जी का सामना करना पड़ सकता है। विशेष : यहां कटहल के गुण-उपयोग के बारे में विशुद्ध सामान्य जानकारी दी गई है। किसी भी उपाय की सफलता का दावा हम बिल्कुल नहीं करते हैं। कटहल से रोगों का उपचार सुयोग्य चिकित्सक/आयुर्वेदाचार्य/आहार विशेषज्ञ से परामर्श के बिना करना नुकसानदायक हो सकता है। याद रहे सामान्य जानकारी चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है।