विनय संकोची
आने वाली गर्मियों की जान है कि लीची (Lychee) । भले ही लीची के स्वास्थ्यवर्धक गुणों की खास चर्चा ना होती हो, लेकिन इसमें तमाम पौष्टिक गुण मौजूद हैं। सर्वप्रथम दक्षिण चीन में पहली शताब्दी के आसपास लीची की खेती शुरू हुई थी। लीची विटामिन-सी (Vitamin-C) और पोटेशियम (potassium ) का महत्वपूर्ण स्रोत है। लीची को पूरा पकने के बाद ही तोड़ा जा सकता है, क्योंकि पेड़ों से तोड़ लेने के बाद लीची के फल का पकना बंद हो जाता है।
लीची का नाम आते ही मुंह में मिठास और रस घुल जाता है। 'हार्ट शेप' की छोटी सी लीची न केवल पौष्टिक तत्वों से भरपूर है, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक गुणों की खान है। लीची में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन-सी, विटामिन-ए और विटामिन बी कांपलेक्स, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, लौह आदि खनिज-लवण पाए जाते हैं, जो इसे सेहत का खजाना बना देते हैं। कुछ वैज्ञानिकों ने तो लीची को 'सुपर फल' का दर्जा भी दिया है। लीची से स्किन क्रीम भी बनाई गई गई है, जिससे चेहरे की झुर्रियां घटाई जा सकती हैं। इसे अल्कोहल बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
'सुपर फल लीची' हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होती है, आइए जानते हैं लीची के कुछ खास गुणों के बारे में।
• लीची में मौजूद पोटैशियम और तांबा दिल की बीमारियों से हमारा बचाव करते हैं। यह हृदय की धड़कन की अनियमितता अथवा अस्थिरता और रक्तचाप को नियंत्रित रखती है, जिससे हृदयाघात का जोखिम काफी कम हो जाता है।
• लीची में मौजूद लाभदायक रासायनिक तत्व शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करते हैं। जिससे शरीर में खून की कमी नहीं हो पाती और रक्त का प्रवाह सुचारू ढंग से होता रहता है। इसी वजह से लीची का नियमित सेवन हार्ट अटैक की संभावना 50 प्रतिशत कम कर देता है।
• लीची में पाई जाने वाले कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम तत्व बच्चों के शारीरिक गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये मिनिरल्स अस्थि घनत्व को बनाए रखते हैं। यह ओस्टियोपोरोसिस को रोकने में भी मदद करते हैं।
• लीची शरीर की अम्लता के उच्च स्तर को कम करके पाचन संबंधी विकारों को दूर करती है। यह कब्ज या पेट में हानिकारक टॉक्सिन के प्रभाव को कम करती है। मधुमेह के रोगियों के तंत्रिका तंत्र को होने वाली क्षति को रोकने में भी लीची मदद करती है।
• लीची में घुलनशील फाइबर बड़ी मात्रा में मिलता है, जो मोटापा कम करने का अच्छा विकल्प है। फाइबर हमारे भोजन को पचाने में सहायक होता है और आंतरिक समस्याओं को रोकने में मदद करता है। यह फाइबर कमजोर और बुजुर्गों को स्वास्थ्य स्वस्थ रहने में मदद करता है।
• लीची हमारे शरीर में संतुलित अनुपात में पानी की आपूर्ति करती है और निर्जलीकरण से बचाती है। लीची का रस एक पौष्टिक तरल है। यह गर्मी के मौसम से संबंधित समस्याओं को दूर करता है और शरीर को ठंडक पहुंचाता है।
• लीची से हमारा तंत्रिका तंत्र स्वस्थ रहता है। लीची में बीटा कैरोटिन, राइबोफ्लेविन, फोलेट और विटामिन बी काफी मात्रा में पाया जाता है। यह विटामिन लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और पाचन प्रक्रिया के लिए जरूरी है फोलेट शरीर में कोलोस्ट्रोल के स्तर को नियंत्रित रखता है।
• अध्ययनों से साबित हुआ है कि विटामिन-सी, फ्लेवोनॉयड जैसे तत्वों से भरपूर लीची में कैंसर से लड़ने के गुण पाए जाते हैं। इसके नियमित सेवन से शरीर में कैंसर के सेल्स ज्यादा बढ़ नहीं पाते हैं।
• लीची से ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है। इसका एक गिलास जूस स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है। लीची का मौसम दो से ढाई महीने का होता है। आमतौर पर अप्रैल के अंत से लेकर जून माह के अंत या जुलाई के पहले हफ्ते तक लीची बाजार में उपलब्ध रहती है। बारिश से लीची में कीड़े लग जाते हैं इसलिए इसे बारिश से पहले ही खाना चाहिए।