विनय संकोचीHealth : 'छुहारा'(Dry Dates) एक स्वादिष्ट मेवा है, जो तमाम पोषक तत्वों से भरपूर होता है। पिण्ड खजूर को सुखाकर बनाया जाने वाला छुहारा अपने औषधीय गुणों के कारण स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी है। आयुर्वेद में छुहारे के गुण व उपयोग का वर्णन विस्तार से उपलब्ध है। कहा तो यहां तक जाता है कि यदि पूरी जिंदगी जवां दिखना चाहते हैं, तो छुहारे का नियमित संतुलित मात्रा में सेवन करें। छुहारा शीतल, रस तथा पाक में मधुर, रुचिकारक, तृप्तिदायक, बलदायक, ग्राही, हृदय को प्रिय, स्निग्ध और वीर्यवर्द्धक होता है। इस गुणकारी मेवा में सिलेनियम(Selenium), आयरन(Iron), फास्फोरस(Phosphorus), कॉपर(Copper), जिंक(Zinc), पोटेशियम(Potassium), मैग्नीशियम(Magnesium), मैगनीज(Manganese), मैग्नीशियम(Magnesium) और बोरोन(Boron) जैसे मिनिरल्स के अतिरिक्त राइबोफ्लेविन(Riboflavin), पायरिडोक्सिन(Pyridoxine), फोलिक एसिड (Folic Acid),विटामिन-ए(Vitamin-A), विटामिन-सी(Vitamin - C), विटामिन-बी6(Vitamin-B6), फाइबर(Fibre), कार्बोहाइड्रेट्स(Carbohydrates) आदि रोग निवारक तत्व पाए जाते हैं। छुहारे में एंटीइन्फ्लेमेटरी(Antiinflammatory), एंटीऑक्सीडेंट(Antioxidant), एंटीमाइक्रोबियल्स(Antimicrobial) तथा एंटी एजिंग (Anti Aging) गुण भी मौजूद रहते हैं।
तो आइए जानते हैं, स्वादिष्ट और सेहत के हमदर्द छुहारा के गुण व उपयोग के बारे में -
• छुहारा मीठा होने के बावजूद मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। गुठली निकाले छुआरे के टुकड़े दिन में 7-8 बार चूंसने से मधुमेह में लाभ होता है। लेकिन यह प्रयोग कम से कम 6 माह नियमित करना होगा।
• आंखों के इंफेक्शन में छुहारा का सेवन लाभकारी है। गुहेरी पर इसकी गुठली को घिसकर उसका लेप लगाने से गुहेरी जल्दी ठीक हो जाती है।
• यदि बच्चा रात को सोते समय बिस्तर गीला करता है, तो रात को सोने से आधा घंटा पहले बच्चे को दो छुहारे खिला देने से बच्चा बिस्तर में पेशाब करना बंद कर देगा।
• छुआरा निम्न रक्तचाप वाले लोगों के लिए फायदेमंद होता है। तीन-चार छुहारों को गर्म पानी में अच्छे से धोकर, गुठली निकालने के बाद गाय के दूध में खूब उबालकर सुबह-शाम सेवन करने से लो ब्लड प्रेशर से छुटकारा मिल जाएगा।
• दो-तीन छुहारों को दूध में उबालकर नियमित सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि होती है। ऐसा करने वालों पर रोगों का हमला अपेक्षाकृत बहुत कम होता है।
• शारीरिक रूप से कमजोर और दुबले पतले लोगों के लिए छुआरा किसी वरदान से कम नहीं है। दूध में चार-पांच गुठली निकले छुहारों को अच्छी तरह उबालकर पीने से शारीरिक कमजोरी चमत्कारी ढंग से दूर हो जाती है। लेकिन जो लोग मोटे हैं, उन्हें इस प्रयोग को अतिरिक्त सावधानी से करना चाहिए।
• छुहारे की गुठली को पानी के साथ पत्थर पर घिसकर बनाए लेप को घाव और चोट पर लगाने से बहुत आराम मिलता है। इसके अलावा इस लेप को सिर पर लगाने से सिर की जुएं मर जाती हैं।
• प्रतिदिन सुबह शाम तीन छुहारे खाकर गर्म पानी पीने से अनेक बीमारियों की जड़ कब्ज की समस्या से छुटकारा मिल जाता है।
• बुढ़ापे में बहुत से लोगों को बार-बार पेशाब आने की शिकायत हो जाती है। इस समस्या से ग्रस्त बड़ी आयु के लोगों को दिन में दो छुहारे खाने से बहुत लाभ मिल सकता है।
• श्वास रोग में भी छुहारा बहुत फायदेमंद होता है। यदि फेफड़े मजबूत हों, तो श्वास संबंधी रोग व्यक्ति को नहीं जकड़ते हैं। छुआरा छाती और फेफड़ों को ताकतवर बनाने में सहायता करता है और श्वास रोग होने की संभावना पर विराम लगाता है।
• छुहारा हड्डियों की मजबूती में सहायक है। इसमें मौजूद पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करते हैं। छुहारों का सेवन करने से हड्डियों के साथ दांत भी मजबूत होते हैं।
• आयरन की कमी से शरीर में खून की कमी हो जाती है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस होती है। छुहारे के सेवन से आयरन की कमी तो दूर होती ही है, खून भी साफ होता है।
• छुहारे के नियमित सेवन से शरीर को इंस्टेंट एनर्जी मिलती है, जिससे थकान और उदासी से छुटकारा मिल सकता है।
• छुहारे के नियमित सेवन से दिल को मजबूती मिलती है और दिल से जुड़ी हुई बीमारियां होने की संभावना कम हो जाती है।
• छुहारा का सेवन लकवा और सीने में दर्द की शिकायत भी दूर करता है।
• छुहारे को दूध में उबालकर खाने और दूध पीने से एक सप्ताह में बवासीर की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
जरूरी बात : नियमित रूप से छुहारा स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। छुहारे में फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है, इसी कारण अधिक मात्रा में सेवन से पेट दर्द, ब्लोटिंग, पेट फूलना जैसी परेशानी हो सकती है। डायबिटीज रोगियों को भी छुहारा सीमित मात्रा में खाना चाहिए। इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में शुगर स्तर बढ़ सकता है, जो डायबिटीज रोगियों के लिए हानिकारक है। विशेष : यहां छुहारा के गुण-उपयोग के बारे में विशुद्ध सामान्य जानकारी दी गई है, जिसकी सफलता की हम पुष्टि नहीं करते हैं। रोग विशेष में छुहारा का सेवन चिकित्सा/ आहार विशेषज्ञ से परामर्श के बिना नुकसान पहुंचा सकता है।