Health: दिल, दिमाग और सौंदर्य का हमदर्द है 'जैतून का तेल'
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 04:56 PM
विनय संकोची
Health: यूनान के एथेंस प्रांत की पहाड़ियों में चूनेदार चट्टानों द्वारा बनी मिट्टी में सबसे पहले जैतून के वृक्ष पैदा किए गए। अब तो अनेक देशों में जैतून के बाग लगाए जाते हैं। इस वृक्ष के फलों को कुचलकर, दबाकर तेल निकाला जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है। जैतून जिसे अंग्रेजी में ऑलिव कहते हैं, इसके तेल को सर्वाधिक स्वास्थ्यवर्धक खाद्य तेल माना जाता है। भूमध्यसागरीय देशों में ऑलिव ऑयल का नियमित रूप से सेवन किया जाता है, इसलिए वहां हृदय रोगियों और मधुमेह रोगियों की संख्या काफी कम है। यह जानना भी रोचक है कि उन देशों में लोगों की औसत उम्र भी शेष दुनिया के मुकाबले अधिक है।
जैतून के तेल का इस्तेमाल करने वाले लोगों में हृदयाघात का खतरा भी कम होता है। जैतून के फलों से प्राप्त तेल न केवल खाना बनाने में काम आता है, अपितु सौंदर्य प्रसाधन और अनेक दवाओं के निर्माण में भी उपयोग में लाया जाता है। यह तेल पूरी दुनिया में इस्तेमाल किया जाता है। जैतून का तेल केवल एक प्रकार का ही नहीं होता है और हर प्रकार के तेल के गुण एक दूसरे से अलग होते हैं। एक्स्ट्रा वर्जिन, वर्जिन, प्योर, पोमेस ग्रेड और लैम्पेट ऑयल, ये जैतून के तेल के पांच प्रकार हैं। इनमें सर्वाधिक उपयुक्त एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल माना जाता है, जिसे खाद्य तेल के रूप में इस्तेमाल कर स्वास्थ्य लाभ पाया जा सकता है। लैम्पेट ऑयल को तो ईंधन के रूप में ही उपयोग में लाया जाता है।
आइए जानते हैं 'जैतून के तेल' के गुण व उपयोग के बारे में-
• जैतून के तेल में प्रचुर मात्रा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन ए, डी, ई, के तथा बी-कैरोटीन इसे कैंसर से लड़ने में उपयोगी बनाते हैं। जैतून के तेल का नियमित सेवन कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है।
• जैतून का तेल दिल के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। जैतून के तेल को आहार में शामिल करने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है, रक्तचाप नियंत्रित रहता है और दिल के दौरे व हृदय संबंधी अन्य बीमारियों से बचाव होता है।
• जैतून के तेल में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जिसके कारण यह सूजन की वजह से होने वाली गठिया की बीमारी से बचाव कर सकता है। इसके उपयोग से सूजन तो कम होती ही है।
• जैतून के तेल के नियमित सेवन से हड्डियों की खतरनाक बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस से बचा जा सकता है। यह हड्डियों के लिए एक सुरक्षा चक्र की तरह काम करता है। इसके सेवन से हड्डियां मजबूत होती हैं।
• जैतून के तेल को आहार में शामिल करने से अल्जाइमर जैसी याददाश्त संबंधी परेशानी से बचाव हो सकता है। इसमें पॉलीफेनॉल होते हैं, जो याददाश्त को बेहतर करते हैं। जैतून के तेल से सिर की मालिश करने से तनाव कम होता है।
• जैतून के तेल के नियमित सेवन से उच्च रक्तचाप के मरीजों को ब्लड शुगर प्रेशर की दवाई लेने की जरूरत कम होती पाई गई है।
• जैतून का तेल आंखों को स्वस्थ रखने में भी सहायक है। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए आंखों के आसपास जैतून के तेल की हल्की मालिश करने से रक्त संचार सुचारू होता है, जिससे थकी आंखों में ताजगी लौट आती है।
• जैतून का तेल टाइप-2 डायबिटीज में फायदेमंद होता है। मधुमेह को नियंत्रित करने में जैतून का तेल सहायक हो सकता है।
• कब्ज के चलते होने वाली असहजता से छुटकारा दिलाने में जैतून का तेल सहायता कर सकता है। हर रोज एक कप दूध में जैतून का तेल अच्छी तरह मिलाकर खाली पेट पीने से अनेक बीमारियों की जड़ कब्ज से छुटकारा मिल सकता है।
• जैतून के तेल में एंटी एजिंग गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा को कोमल बनाने और झुर्रियों से मुक्त कराने में जैतून के तेल का इस्तेमाल फायदेमंद होता है।
जरूरी बात : जैतून के तेल के अत्यधिक प्रयोग से कील-मुहांसों की समस्या हो सकती है। शुष्क त्वचा वालों को जैतून का तेल नुकसानदायक है। इसके अत्यधिक सेवन से ब्लड शुगर का स्तर गड़बड़ा सकता है और एलर्जी की समस्या हो सकती है। जैतून के तेल का अधिक सेवन रक्तचाप को भी प्रभावित कर सकता है। इसके जरूरत से ज्यादा सेवन से हृदय संबंधी बीमारियां पनप सकती हैं, क्योंकि यह कैलोरी से भरपूर होता है। विशेष : यहां जैतून के तेल के गुण और उपयोग के बारे में विशुद्ध सामान्य जानकारी दी गई है। यह सामान्य जानकारी चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है। इसलिए हम किसी उपाय अथवा जानकारी की सफलता का दावा नहीं करते हैं। रोग विशेष के उपचार में जैतून के तेल को औषधि रूप में अपनाने से पूर्व योग्य आयुर्वेदाचार्य/चिकित्सक/आहार विशेषज्ञ से परामर्श जरूरी है।