विनय संकोची
Health : प्याज(Onion) को तमाम लोग बड़े शौक से खाते हैं, लेकिन ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीं है जो प्याज को पसंद नहीं करते हैं। नापसंदगी के अपने-अपने कारण हो सकते हैं। प्याज को तामसिक प्रवृत्ति का माना जाता है, इसलिए सात्विक आहार को प्राथमिकता देने वाले प्याज से दूर रहते हैं। मान्यता है कि तामसिक पदार्थों का सेवन करने से शरीर में यौन उत्तेजना में वृद्धि होती है। कुछ लोग तो यहां तक कहते हैं कि प्याज इसलिए नहीं खाना चाहिए क्योंकि इससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। बावजूद इसके प्याज खूब खाई जाती है। कुछ सब्जियां, कुछ व्यंजन जो बिना प्याज के न तो बनते हैं, न स्वादिष्ट लगते हैं।
आयुर्वेद में प्याज को उसके पोषक तत्वों के कारण औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसका मतलब प्याज की आयुर्वेद में औषधि के रूप में स्वीकार्यता है। कच्चे प्याज में सोडियम, पोटेशियम, फॉलेट्स, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, आयरन, विटामिन ए, सी और ई आदि पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। प्याज में एंटी इन्फ्लेमेट्री, एंटी एलर्जिक, एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी-कार्सिनोजेनिक गुण पाए जाते हैं, जो प्याज को एक सुपर फूड बनाते हैं। आइए जानते हैं प्याज के गुण और उपयोग के बारे में।
• प्याज मधुमेह को नियंत्रित रखने में सहायक होती है। प्याज में पाए जाने वाले क्वीरसेटिन और सल्फर की पर्याप्त मात्रा बढ़ते ब्लड शुगर को नियंत्रित करने का काम करती है। नियमित संतुलित मात्रा में प्याज के सेवन से ब्लड शुगर में काफी राहत मिल सकती है।
• कच्चा प्याज रक्तचाप को नियंत्रित रखता है। मतलब कच्चा प्याज रक्तचाप नियंत्रक है और इसे अपनी खुराक में शामिल करना लाभदायक है। जिन्हें रक्तचाप की शिकायत है, उन्हें प्रतिदिन प्याज खाने की आदत बना लेनी चाहिए।
• सामान्य आकार की प्याज में 25.3 मिलीग्राम कैल्शियम होता है और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होता है। यदि नियमित रूप से प्याज का सेवन किया जाए तो हड्डियों की कमजोरी से बचा जा सकता है। हड्डियों को मजबूत बनाए रखा जा सकता है।
• प्याज हृदय के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। प्याज में पाया जाने वाला फ्लेवोनॉयड्स खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायता करता है। इसके अतिरिक्त प्याज में मौजूद थियोसल्फाइनेट्स रक्त की प्रवाह गति को सही रखने में सहायक होता है। इन तत्वों की सक्रियता के कारण हृदयाघात और स्ट्रोक का खतरा कई गुना कम हो जाता है। कच्ची प्याज के सेवन से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की शिकायत भी नहीं होती है। प्याज में मौजूद अमीनो एसिड गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ाकर दिल को रोगों से बचाता है।
• कच्चा प्याज पाचन में बहुत उपयोगी होता है। कच्चे प्याज में फाइबर पर्याप्त मात्रा में होता है, जो खाने को पचाने में सहायता करता है। कच्चा प्याज पेट को साफ रखता है और कब्ज की शिकायत नहीं होने देता।
• कच्ची प्याज में मौजूद सल्फर शरीर में कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। यही कारण है कि कच्चा प्याज खाने से कैंसर से लड़ने की क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि होती है।
• प्याज में पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल्स शरीर में विटामिन-सी के स्तर को बढ़ाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करते हैं।
• प्याज में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड अस्थमा और एलर्जी जैसी परेशानियों को कम करने में सहायक हैं।
• प्याज के नियमित सेवन से रक्त वाहिकाओं में थक्के नहीं जमते हैं, जिससे दिल के दौरे से बचाव होता है।
• प्याज का नियमित सेवन तनाव से मुक्ति दिलाने और अच्छी नींद लाने में सहायक है। सेरोटेनिन और डोपामाइन आदि अच्छे हार्मोन अच्छी नींद लाने लाते हैं और मनोदशा पर भी अच्छा ही प्रभाव डालते हैं।
• प्रतिदिन कच्ची प्याज का उपयोग करने से रूखी-सूखी त्वचा कोमल और चिकनी चमकदार हो जाती है। प्याज खून को साफ करती है, जिससे त्वचा के विकार नष्ट हो जाते हैं। 10 चम्मच शहद में 5 चम्मच प्याज का रस मिलाकर नियमित पीने से चेहरे की चमक बढ़ती है।
• प्याज के रस को यत्नपूर्वक बालों की जड़ों में नियमित लगाने से, न केवल बालों का गिरना कम हो जाता है अपितु बाल सफेद होना भी कम हो जाता है। प्याज का रस जूओं को भी मार डालता है।
• प्याज और अदरक के रस तथा घी समान मात्रा (एक-एक चम्मच) कुछ सप्ताह तक नियमित लेने से स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है। इसके अतिरिक्त सर्दी-जुकाम, लू लगने, जोड़ों के दर्द आदि में भी प्याज का सेवन बहुत लाभकारी पाया गया है।
प्याज के अत्यधिक मात्रा में सेवन से नुकसान भी हो सकता है। जैसे ज्यादा प्याज खाने से ब्लड शुगर का स्तर बहुत अधिक गिर सकता है, जो बहुत अधिक हानिकारक होता है।
{ विशेष : प्याज निश्चित रूप से रोग निवारक और लाभदायक है। यहां प्याज के औषधीय गुणों की सामान्य जानकारी दी गई है, जिसे चिकित्सा परामर्श के रूप में अपनाने की सलाह हम नहीं देते हैं। रोग विशेष में औषधि के रूप में प्याज का उपयोग किसी योग्य चिकित्सक के परामर्श के बिना करना उचित नहीं होगा।}