विनय संकोची
Health : (Pear) नाक, नाख, नाशपाती आदि नामों से जाना - पहचाना जाने वाला फल रसीला, पौष्टिक, स्वादिष्ट होने के साथ-साथ औषधीय गुणों से भरपूर होता है। नाशपाती का वानस्पतिक नाम पायरस कम्यूनिस होता है और इसे अंग्रेजी में पियर, संस्कृत में अमृतफल और टंक, तमिल में पेरिक्के, तेलुगु में बेरीपांडू कहा जाता है। आयुर्वेद में नाशपाती को काफी महत्व दिया गया है। नाशपाती (Pear) में फोलेट(Folate) , विटामिन-सी (Vitamin-C) और पोटेशियम(Potassium) प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके अतिरिक्त इस गुणकारी फल में प्रोटीन(Protein),कार्ब्स(Carbs), आहारीय फाइबर(Carbs), विटामिन-के(Vitamin-K) , कॉपर (Copper)आदि पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं। घंटी के आकार वाले फल नाशपाती का प्राचीन काल से सेवन किया जा रहा है और इसका सबसे बड़ा कारण है कि यह स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी है।
आइए जानते हैं नाशपाती के गुण व उपयोग के बारे में
• किडनी में पथरी की शिकायत आम हो गई है, क्योंकि खानपान शुद्ध नहीं रहा है। नाशपाती किडनी की पथरी से मुक्ति दिलाने में सहायता कर सकती है। नाशपाती फल के 15 मिलीलीटर रस को सुबह-शाम भोजन से पहले पीने से गुर्दे की पथरी टूट टूट कर निकल जाती है
• अर्श रोग (पाइल्स) से पीड़ित लोगों के लिए नाशपाती फायदेमंद है। नाशपाती के मुरब्बे में नाग केशर चूर्ण मिलाकर सेवन करने से बवासीर से होने वाले दर्द में राहत मिलती है और खून निकलना कम हो जाता है।
• नाशपाती में पाया जाने वाला बोरॉन नामक विशेष रसायन शरीर में कैल्शियम के स्तर को नियंत्रित रखने में सहायता करता है। यही कारण है कि नाशपाती के सेवन से हड्डियों से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।
• नाशपाती में विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। जिसके कारण इसके सेवन से रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती मिलती है। नाशपाती को अपनी खुराक में शामिल कर बार-बार बीमार पड़ने से बचा जा सकता है।
• एनीमिया से छुटकारा दिलाने में भी नाशपाती मददगार साबित हो सकती है। नाशपाती में आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है। यही कारण है कि नाशपाती का अच्छी मात्रा में नियमित सेवन एनीमिया से मुक्ति दिला सकता है।
• मधुमेह रोगियों के लिए भी नाशपाती काफी फायदेमंद है। नाशपाती में फाइबर और मधुमेह रोधी गुण विद्यमान होते हैं, जो मधुमेह की समस्या को कम करने में सहायता कर सकते हैं।
• नाशपाती के नियमित सेवन से पाचन तंत्र को मजबूत बनाया जा सकता है। पाचन की समस्या से परेशान लोगों को नाशपाती खाने के से परहेज नहीं करना चाहिए।
• मोटापे से परेशान लोग यदि नाशपाती को अपनी खुराक में शामिल करते हैं, तो वजन घटाने में मदद मिल सकती है। नाशपाती में पाए जाने वाले तत्व चर्बी को कम करने का गुण रखते हैं।
• नाशपाती में मौजूद पोटैशियम रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक है। नाशपाती के नियमित सेवन से रक्तचाप की परेशानी से छुटकारा मिल सकता है।
• गर्भवती महिलाएं नाशपाती का सेवन कर प्रेगनेंसी में होने वाली परेशानियों से बच सकती है।
• कई बार लोग सुस्ती और एनर्जी लेवल कम होने से परेशान हो जाते हैं। जब ऊर्जा का स्तर घटने लगे तो नाशपाती का सेवन कर एनर्जी वापस पाई जा सकती है।
• नाशपाती के नियमित सेवन से अनेक बीमारियों को जड़ कब्ज़ से निजात पाई जा सकती है।
• नाशपाती कैंसर को रोकने में मदद करती है। नाशपाती में पाया जाने वाला एंटी कैसरोजेनिक गुण कोलोन, स्तन, प्रॉस्टेट, फेफड़े और मलाशय के कैंसर की रोकथाम में सहायक होता है। नाशपाती में मौजूद फाइबर पेट के कैंसर को बढ़ने से रोकने की क्षमता रखता है।
• नाशपाती में पाया जाने वाला एक विशेष अम्ल घावों को तेजी से भरने में सहायक होता है।
• नाशपाती घेंघा रोग(Goitre disease) को कम करने में भी मदद करती है।
जरूरी बात : ठंड से गला बैठने, बुखार, दस्त होने पर नाशपाती नहीं खानी चाहिए। ज्यादा समय पूर्व काटी गई नाशपाती को खाना नुकसान देह होता है। नाशपाती को छिलके सहित यदि अच्छे से चबाकर नहीं खाया जाए, तो पेटदर्द की शिकायत हो सकती है। नाशपाती के अधिक मात्रा में सेवन से पेट में ऐठन, दर्द, दस्त, कब्ज, आंतों में रुकावट और गैस जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा अधिक नाशपाती खाने से रक्तचाप का स्तर गड़बड़ा सकता है। विशेष : यहां नाशपाती के गुण व उपयोग के बारे में विशुद्ध सामान्य जानकारी दी गई है। इसके सफल होने का दावा हम नहीं करते हैं। रोग विशेष में औषधि के रूप में नाशपाती का उपयोग योग्य आयुर्वेदाचार्य / आहार विशेषज्ञ से परामर्श के बिना करना हानिकारक हो सकता है।