विनय संकोची
Health : एक किंवदंती के अनुसार सीता जी ने वनवास के दौरान श्रीराम को एक चमत्कारी फल उपहार स्वरूप भेंट किया था, इसलिए उसका एक नाम 'सीताफल' ('Sitaphal') पड़ गया। इस फल का वानस्पतिक नाम अन्नोना स्क्वामोसा है। इसे अंग्रेजी में शुगर एप्पल, संस्कृत में जानकीफल, गंडगात्र, आतुप्य, असम में कटाल, कोंकणी में अटह, गुजराती में अनुराम, तमिल में सीतापलम और अट्टा, तेलुगु में गंधागारामु, मलयाली में अट्टी चक्का कहा जाता है, लेकिन अधिकांश लोगों के बीच इसकी पहचान 'शरीफा' के रूप में है। शरीफा बहुत मीठा स्वादिष्ट और गुणकारी फल है। आयुर्वेद के अनुसार शरीफा अनेक रोगों से छुटकारा दिलाने वाला एक चमत्कारी फल है। कच्ची अवस्था में शरीफा फल थोड़ा पीला और हरे रंग का होता है। शरीफे के पेड़ को प्रारंभ में अन्य देशों से लाया गया था, लेकिन अब तो इसकी खेती पूरे भारत में होती है। शरीफे में कैल्शियम (Calcium)और फाइबर (fiber)जैसे न्यूट्रिएंट्स (Nutrients)प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। शरीफे के पेड़ की छाल में टैनिन होता है, जिसे अनेक दवाइयों के बनाने में इस्तेमाल किया जाता है इसके पेड़ के पत्तों से कैंसर और ट्यूमर जैसी बीमारियों का उपचार किया जा सकता है।
आइए, जानते हैं शरीफा के पेड़ और फल के औषधीय गुण और विभिन्न शारीरिक विकारों के उपचार में इसके उपयोग के बारे में -
• मधुमेह(Diabetes) एक महामारी के रूप में फैलता जा रहा है। मधुमेह के कारण लोग लगातार अनेक गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। डायबिटीज से छुटकारा पाने में शरीफा मददगार हो सकता है। मधुमेह रोगियों को शरीफा फल नहीं खाना चाहिए लेकिन शरीफा के पत्तों का 1 से 3 ग्राम चूर्ण नियमित सेवन करने से डायबिटीज में लाभ होता है।
• हृदयरोगियों के लिए शरीफा का सेवन किसी उपचार से कम नहीं है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम(Magnesium) कार्डियक अरेस्ट(Cardiac Arrest) से बचा सकता है। शरीफा में पाए जाने वाला पोटेशियम भी दिल से जुड़ी बीमारियों में राहत दिलाने का काम करता है।
• पाचन तंत्र ठीक ना हो तो शरीर में अनेक प्रकार के विकार उत्पन्न हो जाते हैं। शरीफा न केवल पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, अपितु यह कब्ज़ की परेशानी से भी छुटकारा दिलाता है। शरीफा में पाया जाने वाला फाइबर और कॉपर पेट के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है।
• यदि शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता न हो या कमजोर हो, तो नई-नई बीमारियां हमला करती रहती हैं। शरीफा में प्रचुर मात्रा में मौजूद विटामिन-सी (Vitamin-C) शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर स्वस्थ रखने में सहायता करता है।
• शरीफा एनीमिया(Anemia) में भी बहुत उपयोगी पाया गया है। इसमें पाए जाने वाले कॉपर (Copper)और आयरन (Iron) से शरीर में खून की कमी को आसानी से दूर किया जा सकता है।
• नेत्र ज्योति बढ़ाने में शरीफा सहायता करता है विटामिन-ए(Vitamin-A) और विटामिन-सी (Vitamin-C) से भरपूर शरीफा का सेवन करने से आंखों की रोशनी स्वाभाविक रूप से बढ़ती है।
• शरीफा एंटी इनफ्लेमेटरी गुणों (Anti Inflammatory Properties) से युक्त होने के कारण जोड़ों की सूजन को दूर करता है और गठिया रोग में अप्रत्याशित लाभ पहुंचाता है।
• शरीफा तनाव और चिड़चिड़ेपन से छुटकारा दिला सकने का गुण भी रखता है। शरीफा विटामिन-बी कांपलेक्स (Vitamin B Complex) का अच्छा स्रोत है, जो मस्तिष्क को सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy)और शीतलता (Coolness)प्रदान कर शांत रखने में सहायता करता है।
• दुबले-पतले लोग शरीफे का नियमित सेवन कर अपना वजन बढ़ाने में कामयाब हो सकते हैं।
• सर्दी-जुकाम और कफ की समस्या से जूझते रहने वालों को शरीफा का सेवन बड़ा आराम दिला सकता है। दांत के दर्द में शरीफा के पेड़ की छाल से उपचार किया जा सकता है।
• रक्तचाप(Blood pressure) नियंत्रित रखने में भी शरीफा सहायता करता है।
• शरीफा फल के बीजों को पीसकर सिर पर लगाने से जुओं से मुक्ति मिल जाती है। लेकिन ध्यान रहे यह लेप आंखों पर न लगने पाए, आंखें खराब हो सकती हैं।
जरूरी बात : शरीफा का ज्यादा सेवन करने से मतली और वमन की शिकायत हो सकती है। शरीफे के बीज जहरीले होते हैं। बीजों को चबाना सेहत के लिए नुकसानदायक है। कुछ लोगों को शरीफा खाने से एलर्जी हो जाती है, जिसके चलते खुजली हो सकती है और त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ सकते हैं। ऐसा कोई लक्षण देखें, तो शरीफा खाने का इरादा छोड़ दें। विशेष : यहां शरीफा फल व पत्तियों के औषधीय गुणों तथा उपयोग के बारे में विशुद्ध सामान्य जानकारी दी गई है, जिसकी सफलता का दावा हम नहीं करते हैं। रोगों के उपचार में औषधि के रूप में शरीफे का उपयोग बिना योग्य आयुर्वेदाचार्य से परामर्श के करना नुकसानदायक हो सकता है।