Health: कई बीमारियों का जोखिम कम करता है खटमिट्ठा चकोतरा!
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 11:45 AM
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 11:45 AM
विनय संकोची
Health : सबसे पहले भारतीय उपमहाद्वीप में उगाया गया फल 'चकोतरा' नींबू प्रजाति का है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है। नींबू और संतरे के संयुक्त गुणों से भरपूर चकोतरे में संतरे की तुलना में सिट्रिक एसिड अधिक और शर्करा कम मात्रा में होती है। कच्चा चकोतरा हरा और पका हरा अथवा पीला होता है। चकोतरा का पूर्ण विकसित फल एक से दो किलोग्राम का होता है। इसका गूदा गुलाबी और सफेद रंग का होता है।
चकोतरा को अंग्रेजी में पोमेलो, संस्कृत में मधुकरकती, तमिल में पांबलेमासु, मराठी में काकोत्रा, गुजराती में ओबकोथला, तेलुगु में पम्परमनासा, कन्नड़ में सकोथरे, असमिया में रोबाब तेंगा, उड़िया में बाटापी कहा जाता है। आयुर्वेद में चकोतरा के गुण दोष का अच्छा विवरण मिलता है। चकोतरा की जड़ और छाल भी रोगाणु रोधी होती है।
चकोतरा पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसकी 100 ग्राम मात्रा में 88.06 ग्राम पानी होता है। इसके अतिरिक्त चकोतरा प्रोटीन, फैट, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, शर्करा, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, जिंक, कॉपर, सेलेनियम, विटामिन-सी, थियामिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन-बी6, विटामिन-ए, बीटा-कैरोटीन, ल्यूटीन, विटामिन-ई, फैटी एसिड का अच्छा स्रोत होता है।
आइए जानते हैं खटमिट्ठे चकोतरा से होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में-
• अपनी डाइट में चकोतरा को शामिल कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ शरीर को संक्रमण से बचाए रखा जा सकता है। चकोतरा बार-बार बीमार पड़ने की आशंका को कम करता है।
• जो लोग अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे होते हैं, चकोतरा उनकी मदद कर सकता है। चकोतरा के जूस का सेवन करने से अच्छी नींद आती है। इसके अंदर मौजूद ट्रिप्टोफेन थपकी देकर सुलाने जैसा काम करता है।
• चकोतरा में पाया जाने वाला बीटा-कैरोटीन न केवल नेत्र ज्योति बढ़ाता है, अपितु आंखों को स्वस्थ भी बनाता है। इसमें मौजूद विटामिन-ए फ्लेवोनॉयड एंटीऑक्सीडेंट तत्व आंखों को तनावमुक्त और तंदुरुस्त रखने में मदद करते हैं।
• चकोतरा के सेवन से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित रखने में सहायता मिलती है। बढ़े कोलस्ट्रोल की समस्या से जूझ रहे लोग चकोतरा को डाइट में शामिल कर राहत पा सकते हैं। ऐसा करके दिल को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।
• चकोतरा के जूस का इस्तेमाल कर गुर्दे की पथरी के जोखिम को कम किया जा सकता है। इसमें मौजूद पोटेशियम किडनी को स्वस्थ बनाए रखने में भी मदद करता है।
• चकोतरा के सेवन से भूख कम लगती है। जानकर हैरानी होगी कि इसकी तो गंध भी भूख को शांत करने का गुण रखती है। चकोतरा को अपनी डाइट में शामिल कर बढ़ते वजन को रोका और कम किया जा सकता है।
• मधुमेह रोगियों को चकोतरा का सेवन बहुत लाभकारी है। भोजन पूर्व चकोतरा का सेवन करने से इंसुलिन स्तर और इन्सुलिन प्रतिरोध में कमी आ सकती है। यह एक लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फल है, इसलिए यह रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है।
• चकोतरा दिल की बीमारी के जोखिम को कम कर सकता है। इस फल में मौजूद फ्लेवोनॉयड्स हृदय रोगों पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकते हैं। फ्लेवोनॉयड युक्त आहार से रक्त के थक्के के कारण मस्तिष्क तक रक्त न पहुंच पाने और हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम कम किया जा सकता है।
• चकोतरा में कैंसर के जोखिम को कम कर सकने के गुण भी पाए जाते हैं। चकोतरा में मौजूद एपीजेनिन नामक फ्लेवोनॉयड एंटी कैंसर एजेंट के रूप में काम कर सामान्य कोशिकाओं को प्रभावित किए बिना, कैंसर कोशिकाओं को कम करने में मददगार हो सकता है।
• चकोतरा में रक्तचाप को नियंत्रित करने का गुण भी होता है।
• रोजमैरी और चकोतरा से बना चूर्ण मिश्रण त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने के साथ ही, त्वचा की झुर्रियों को भी कम कर सकता है।
जरूरी बात : यदि ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा ले रहे हैं, यदि आपके दांत अति संवेदनशील हैं तो बिना डॉक्टर की अनुमति के चकोतरा का सेवन ना करें। चकोतरा कुछ दवाइयों के साथ रिऐक्ट कर सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक टेमोक्सिफेन, स्टेनिन, कोडीन, पैरासिटामोल, एम्लोडीपीन आदि अनेक दवाएं हैं, जिनका सेवन करते हुए चकोतरा खाना नुकसानदायक हो सकता है। विशेष : यहां चकोतरा के गुण और उपयोग के बारे में विशुद्ध सामान्य जानकारी दी गई है। यह सामान्य जानकारी चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है। इसलिए हम किसी उपाय अथवा जानकारी की सफलता का दावा नहीं करते हैं। रोग विशेष के चकोतरा को औषधि रूप में अपनाने से पूर्व योग्य चिकित्सक/आयुर्वेदाचार्य/आहार विशेषज्ञ से परामर्श अत्यंत आवश्यक है।