प्रकृति ने मूंगफली(Peanut) को विभिन्न पोषक तत्वों से सजाया संवारा है। मूंगफली वनस्पतिक प्रोटीन (Protein )का एक सस्ता और अच्छा स्रोत है। मूंगफली में सभी जरूरी पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। मूंगफली वस्तुतः पोषक तत्वों की अप्रतिम खान है। मूंगफली में सेहत का खजाना छिपा हुआ होता है। यह आयरन, नियासिन, फॉलेट, कैल्शियम और जिंक का अच्छा स्रोत है।
मूंगफली को वैसे ही सस्ता बादाम नहीं कहते हैं, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिंस, मिनिरल्स आदि तत्व, इसे बेहद फायदेमंद बनाते हैं। इसमें कैल्शियम और विटामिन डी अधिक मात्रा में होता है, इसलिए इसे खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं। माना जाता है कि रोजाना थोड़ी मात्रा में रोजाना मूंगफली खाने से महिलाओं और पुरुषों में हारमोंस का संतुलन बना रहता है।
100 ग्राम कच्ची मूंगफली में 1 लीटर दूध के बराबर प्रोटीन होता है। मूंगफली में प्रोटीन की मात्रा 25% से भी अधिक होती है, जबकि मांस मछली और अंडों में उसका प्रतिशत 10 से अधिक नहीं होता है। 250 ग्राम मूंगफली के मक्खन से 300 ग्राम पनीर, 2 लीटर दूध या 15 अंडों के बराबर ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है। 250 ग्राम भुनी मूंगफली में जितनी मात्रा में खनिज और विटामिन पाए जाते हैं, उन्हें 250 ग्राम मांस से भी प्राप्त नहीं किया जा सकता है। इसका तेल भी स्वाद और स्वास्थ्य के लिए बहुत प्रचलित है।
मूंगफली की प्रोटीन दूध से मिलती-जुलती है, चिकनाई घी से मिलती है। मूंगफली के खाने से दूध-बादाम और घी की पूर्ति हो जाती है। भोजन के बाद यदि 50 से 100 ग्राम मूंगफली प्रतिदिन खाई जाए, तो सेहत बनती है, भोजन पचता है, शरीर में खून की कमी पूरी होती है। सब्जी, खीर और खिचड़ी में मूंगफली को डालकर खाने से पेट साफ हो जाता है और शरीर को पोषक तत्व भी मिल जाते हैं।
आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार मूंगफली स्वाद में सुपाच्य, मधुर और पौष्टिक स्वभाव की होती है, जो टीबी नाशक और मूत्र संबंधी रोगों में लाभदायक है। मूंगफली शारीरिक विकास और फेफड़ों को ताकत देने वाली होती है। ज्यादातर लोग तो इसे स्वाद के लिए ही खाते हैं, लेकिन कम लोगों को ही पता होगा कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है। मूंगफली का सेवन दूध का एक बेहतर विकल्प है।
मूंगफली का तेल दिल के मरीजों के लिए बेहद उपयोगी है। मूंगफली कोलेस्ट्रॉल (Cholestrol)की मात्रा को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाती है। मूंगफली के तेल से मालिश करने से हाथ पैर के जोड़ों का दर्द ठीक होने लगता है चेहरे का रूखापन, खाज-खुजली आदि ठीक हो जाती है। मूंगफली के तेल को हल्का गर्म करके त्वचा पर लगाना चाहिए। खाना खाने के बाद 15 दाने मूंगफली के खाने से बच्चों की स्मरण शक्ति और स्वास्थ्य दोनों तेजी से ठीक होते हैं। मूंगफली का सेवन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन कुछ मामलों में इसके सेवन को लेकर थोड़ी सावधानी बरतनी भी जरूरी है। एक साथ बहुत अधिक मूंगफली का सेवन नहीं करना चाहिए। अगर मूंगफली की एलर्जी है, तो इसे बिल्कुल न खाएं। दिल व बीपी के मरीजों को नमक डली या तली मूंगफली नहीं खानी चाहिए। बहुत अधिक मात्रा में मूंगफली खाने से शरीर में पित्त की मात्रा अधिक हो जाती है। मूंगफली का किसी भी रोग विशेष में प्रयोग योग्य आयुर्वेदाचार्य से परामर्श के उपरांत ही करना चाहिए।