विनय संकोची
काली मिर्च(Black pepper), हरी मिर्च(Green Chilli ), लाल मिर्च(Red Chilli) के बारे में तो सभी लोग जानते हैं। सभी इनके स्वाद से भी परिचित है। लेकिन ऐसे लोगों की संख्या बहुत अधिक नहीं है, जो 'सफेद मिर्च'(white pepper) के नाम, गुण और उपयोग के बारे में ज्यादा जानकारी रखते हों। सफेद और काली मिर्च एक ही पौधे पर उगती हैं, क्योंकि इन दोनों को अलग-अलग तरीके से तैयार किया जाता है, इसलिए रंग के साथ इनके गुण अलग होते हैं। सफेद मिर्च, काली मिर्च की तुलना में कम मसालेदार होती है। काली और सफेद मिर्च में मुख्य अंतर स्वाद और संसाधित प्रक्रिया का होता है।
आयुर्वेद में सफेद मिर्च के औषधीय गुणों को सराहा गया है। सफेद मिर्च में विटामिंस, आयरन और केप्साइसिन (Vitamins, Iron and Capsaicin) आदि तत्व होते हैं, जो मानव शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। आयुर्वेद के जानकारों के अनुसार सफेद या दखनी मिर्च के उपयोग से अनेक लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।
• सफेद मिर्च के नियमित और संतुलित सेवन से न केवल पाचन शक्ति मजबूत होती है, अपितु पेट दर्द, कब्ज, अल्सर और अम्लता जैसे रोगों में लाभ होता है। सफेद मिर्च के चूर्ण को सलाद में तो डाल ही सकते हैं, साथ ही इसे भोजन बनाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
• आज हर कोई मोटा होने से बचना और स्लिम दिखना चाहता है। सफेद मिर्च ऐसे लोगों की मदद कर सकती है। सफेद मिर्च का काढ़ा पीने से न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि होती है, बल्कि वजन भी घटता है। सफेद मिर्च में पाया जाने वाला केप्साइसिन चर्बी घटाने में सहायक है।
• सफेद मिर्च शरीर के दर्द में आराम पहुंचाने का काम करती है। सफेद मिर्च के नियमित सेवन से न केवल दर्द से राहत मिलती है, अपितु मांसपेशियों में होने वाली सूजन और जोड़ों के दर्द में भी कमी आती है।
• आयुर्वेद सफेद मिर्च को नेत्रज्योति बढ़ाने और मोतियाबिंद जैसी समस्याओं से मुक्ति पाने में उपयोगी मानता रहा है।
• सफेद मिर्च में मौजूद फ्लेवोनॉयड्स, विटामिन -सी और विटामिन-ए रक्तचाप को नियंत्रित करने में मददगार होते हैं। रक्तचाप के नियंत्रण के लिए भोजन में सफेद मिर्च का उपयोग करना लाभदायक माना जाता है।
• सफेद मिर्च परोक्ष रूप से हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है। दखनी मिर्च के सेवन से विषाक्त तत्व शरीर से बाहर निकल जाते हैं, जिसका सीधा लाभ हृदय को मिलता है। दखनी मिर्च को भोजन में शामिल करने या अन्य प्रकार से इसका नियमित सेवन करने से काफी हद तक हृदय रोग से बचा जा सकता है।
• सफेद मिर्च मधुमेह रोगियों के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। यदि प्रतिदिन नियमित रूप से हल्दी और सफेद मिर्च का चूर्ण एक गिलास दूध के साथ लिया दिया जाए, तो शुगर नियंत्रित हो सकती है।
• सफेद मिर्च में पेपेरिन नामक एक विशेष तत्व पाया जाता है। यह पेपेरिन सर्दी, खांसी और छाती में जकड़न की समस्या को दूर करने में सहायक होता है। इसी तत्व की वजह से सफेद मिर्च के सेवन से सिरदर्द की समस्या से भी छुटकारा मिलता है।
• सफेद मिर्च को कैंसर से बचाव का भी एक अच्छा उपाय माना जाता है। एक शोध के अनुसार सफेद मिर्च में सैफरोल नामक एक तत्व मौजूद होता है, जो कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है। प्रोस्टेट कैंसर में भी सफेद मिर्च का उपयोग विशेष लाभकारी हो सकता है।
• त्वचा और बालों की रक्षा के लिए आधा चम्मच सफेद मिर्च के चूर्ण को, आधा कटोरी दही में मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। यह मिश्रण बालों को रूसी से मुक्त करता है तथा त्वचा की चमक को बढ़ाता है।
• सफेद मिर्च में तमाम तरह के गुण हैं, लेकिन सफेद मिर्च कुछ मामलों में हानिकारक भी हो सकती है। इसलिए सावधानी जरूरी है। इसमें पाया जाने वाला तत्व पेपेरिन काफी अधिक गर्म प्रकृति का होता है, जिसके कारण सफेद मिर्च के अधिक सेवन से त्वचा में जलन हो सकती है। सफेद मिर्च की अधिक मात्रा का सेवन कब्ज़ का कारण भी बन सकता है। गर्भवती महिलाओं को सफेद मिर्च के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है। कुछ लोगों में सफेद मिर्च से एलर्जी की शिकायत भी देखी गई है।
विशेष : यहां सफेद मिर्च के गुणों और उपयोग की सामान्य जानकारी मात्र दी गई है, जिसे उपचार के लिए कदापि पर्याप्त नहीं माना जा सकता है। न ही हम ऐसा कोई दावा करते हैं। सफेद मिर्च के गुणों का भरपूर लाभ लेने और किसी भी प्रकार के नुकसान से बचने के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श नितांत आवश्यक है।