विज्ञापन
कॉलेज में प्रोफेसर बनने के लिए सबसे पहला कदम ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करना होता है। आपको किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बैचलर डिग्री हासिल करनी होती है। इसके बाद उसी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन करनी पड़ती है जिसमें आप आगे पढ़ाना चाहते हैं।

अगर आपको पढ़ाने का शौक है, लोगों को नई चीजें सिखाना अच्छा लगता है और शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो कॉलेज प्रोफेसर बनना आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है। प्रोफेसर की नौकरी सिर्फ सम्मान ही नहीं देती बल्कि इसमें अच्छा करियर ग्रोथ और स्थिर भविष्य भी मिलता है। आज के समय में कई छात्र यह जानना चाहते हैं कि कॉलेज में प्रोफेसर बनने के लिए कौन सी पढ़ाई करनी पड़ती है, कौन सा एग्जाम देना होता है और क्या PhD जरूरी होती है। अगर आपके मन में भी ऐसे सवाल हैं तो आपके सभी सवालों के जवाब यहां है।
कॉलेज में प्रोफेसर बनने के लिए सबसे पहला कदम ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करना होता है। आपको किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बैचलर डिग्री हासिल करनी होती है। इसके बाद उसी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन करनी पड़ती है जिसमें आप आगे पढ़ाना चाहते हैं। जैसे अगर कोई छात्र हिंदी पढ़ाना चाहता है तो उसे हिंदी में M.A. करना होगा। इसी तरह कॉमर्स के लिए M.Com और साइंस के लिए M.Sc की डिग्री जरूरी होती है। मास्टर डिग्री में कम से कम 55 प्रतिशत अंक होना जरूरी माना जाता है।
भारत में कॉलेज और विश्वविद्यालयों में Assistant Professor बनने के लिए UGC NET परीक्षा पास करना जरूरी होता है। यह परीक्षा National Testing Agency(NTA) आयोजित कराती है। इस एग्जाम को पास करने के बाद उम्मीदवार कॉलेजों में पढ़ाने के योग्य माने जाते हैं। NET का पूरा नाम National Eligibility Test है। यह परीक्षा हर साल आयोजित होती है और लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं। इसे पास करने के बाद सरकारी और निजी दोनों तरह के कॉलेजों में नौकरी पाने के मौके बढ़ जाते हैं।
UGC NET परीक्षा दो पेपर में होती है। पहला पेपर Teaching और Research Aptitude से जुड़ा होता है। इसमें उम्मीदवार की सोचने-समझने की क्षमता, टीचिंग स्किल और रिसर्च से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। दूसरा पेपर उस विषय से संबंधित होता है जिसे उम्मीदवार ने चुना है। उदाहरण के लिए अगर किसी ने इतिहास विषय चुना है तो उससे History से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। दोनों पेपर कंप्यूटर आधारित यानी CBT मोड में आयोजित किए जाते हैं।
आज के समय में कई विश्वविद्यालय PhD को काफी महत्व देते हैं। अगर आप आगे चलकर Associate Professor या फिर Professor बनना चाहते हैं तो PhD करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। PhD करने से रिसर्च के क्षेत्र में अनुभव बढ़ता है और प्रमोशन के मौके भी ज्यादा मिलते हैं। कई बड़े विश्वविद्यालयों में स्थायी पदों के लिए PhD को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि Assistant Professor बनने के लिए सबसे जरूरी चीज UGC NET पास करना होती है।
कॉलेज प्रोफेसर की नौकरी सम्मान के साथ-साथ अच्छा वेतन भी देती है। इसमें छुट्टियां ज्यादा होती हैं और काम का माहौल भी काफी अच्छा माना जाता है। इसके अलावा रिसर्च, सेमिनार और नए विषयों पर काम करने का मौका भी मिलता है। अगर किसी को पढ़ाने में रुचि है और छात्रों के साथ जुड़कर काम करना पसंद है तो यह करियर लंबे समय तक संतुष्टि देने वाला साबित हो सकता है।
अगर आप प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो शुरुआत से ही अपने विषय पर मजबूत पकड़ बनानी होगी। मास्टर डिग्री के दौरान अच्छे अंक लाने की कोशिश करें और साथ ही UGC NET की तैयारी भी शुरू कर दें। आजकल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, यूट्यूब और कोचिंग के जरिए भी NET परीक्षा की तैयारी आसानी से की जा सकती है। सही योजना और लगातार मेहनत से इस क्षेत्र में अच्छा करियर बनाया जा सकता है।
विज्ञापन