
India horoscope : नए साल का आगाज शनिवार को हो रहा है और यह भी संयोग है कि इसका समापन भी 31 दिसंबर, 2022 को शनिवार के दिन ही होगा। 1 जनवरी की कुंडली के अनुसार, वर्ष का आरंभ आंशिक कालसर्प योग, कन्या लग्न, गंडमूल नक्षत्र तथा गंड योग में ही हो रहा है जिसके पूरे विश्व में अलग अलग प्रभाव होंगे।
अप्रैल 2022 के बाद से कोरोना वायरस का असर कम होना शुरू हो जाएगा लेकिन अप्रैल 2023 से पहले यह खत्म नहीं होगा। वहीं कोविड की तीसरी लहर जनवरी 2022 से शुरू हो जाएगी और राज्यों को इसे रोकने के लिए पाबंदियां बढ़ानी पड़ेंगी. किसानों का आंदोलन फिर से सिर उठाएगा. मई में कोई अभूतपूर्व कानून बनाया जा सकता है. कुल मिलाकर देश कई बदलावों से गुजरेगा. कुछ राज्यों में भाजपा की लोकप्रियता में कमी आएगी लेकिन उत्तर प्रदेश में योगी ही सरकार बनाएंगे।
कोरोना का प्रभाव अप्रैल 2022 के बाद कम होना शुरु तो हो जाएगा, परंतु अप्रैल 2023 से पहले समाप्त नहीं होगा। कोविड की तीसरी लहर का एहसास जनवरी 2022 में हो जाएगा और कई राज्यों में लॉकडाउन या लॉकडाउन की पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। किसान भी कोई न कोई मुद्दा लेकर आंदोलनमय रहेंगे। मई में कोई जनहित तथा अभूतपूर्व कानून बनाया जा सकता है। देश कई बदलावों से गुजरेगा। अक्तूबर 2022 से देश में राजनीतिक वातावरण लड़खड़ाता तथा आरोप-प्रत्यारोपपूर्ण रहेगा। कुछ राज्यों में भाजपा की लोकप्रियता में कमी आएगी। उत्तर प्रदेश में योगी ही सरकार बनाएंगे। प्रधान मंत्री को देशहित में कई कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं जिसका विरोध होगा परंतु जनमानस संतुष्ट रहेगा। सर्वोत्तम न्यायालय कुछ अभूतपूर्व निर्णय देगा।
नए साल 2022 में भारत का भविष्य
भारतीय ज्योतिष और अंक ज्योतिष के आधार पर आगामी वर्ष 2022 का अत्यंत उथल पुथल से भरे रहने का संकेत है। नववर्ष 2022 का प्रारंभ शनिवार से हो रहा है और साल का अंत भी शनिवार को होगा, जो शासन प्रशासन से लेकर जनजीवन तक के लिए शुभ संकेत नहीं है। साल 2022 के स्पर्श की लग्न कन्या और राशि वृश्चिक है। चंद्रमा, मंगल एवं केतु के साथ तृतीय स्थान में रहने के कारण भारतवर्ष का पराक्रम तो बढ़ेगा, किन्तु राजनीतिक अस्थिरता का भी योग बनेगा। बुध लग्नेश है, अत: बुध शनि की युति अपने आप में स्वतंत्र भाव रखती है, जो समाज में और प्रवृत्ति में निरंकुशता को बढ़ाएगी। शनि बुध के कारण जहां दर्घटना, दैवीय एवं प्राकृतिक आपदा आएगी, वहीं शासन स्तर पर यथोचित न्याय की स्थापना होगी। जनकल्याण के लिए उत्तम योजनाएं बनेंगी, जो देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करेंगी। शनि की दृष्टि राहु पर होने के कारण ग्रह स्थिति इस वर्ष विश्वभर में अघटित एवं अप्रत्याशित घटनाचक्र का आभास कराएगी। भारत में पश्चिमोत्तर क्षेत्र भूकंप एवं भयंकर आंधी-तूफान की चपेट में आ सकते हैं। धन और जन की हानि हो सकती है। आर्थिक क्षेत्र में भारत में विदेशी पूंजी की वृद्धि होगी। लोहा एवं खाद्य-अखाद्य तेलों के मूल्य में वृद्धि होगी। देश में विविध प्रकार के रोगों की अधिकता रहेगी। इन सब के वाबजूद अंक ज्योतिष के आधार पर कहा जाता सकता है कि साल 2022 का पूर्णांक 6 है, जो शुक्र ग्रह का द्योतक है। अत: शनि, शुक्र और लग्नेश बुध की परस्पर मित्रता के कारण भारतवर्ष आर्थिक दृष्टि से विश्व के सफल एवं पूंजी समृद्ध देश की श्रेणी में जबरदस्त छलांग लगाएगा। कई स्वर्णिम लोकोपकारी योजनाएं मूर्त रूप लेंगी। इस वर्ष 2022 में जुलाई से अक्टूबर के मध्य कोई ऐसी घटना घट सकती है, जिसके कारण पूरा विश्व भारत की ओर अपेक्षा की दृष्टि से देखेगा। कुल मिलाकर नया साल 2022 भारतवर्ष के लिए कुछ प्राकृतिक आपदाओं के साथ स्वर्णयुक्त प्रगति की ओर आगे बढ़ेगा।
राज्यों की भविष्यवाणियां
हरियाणा- हरियाणा की नामराशि मिथुन तथा प्रभावराशि मीन के अनुसार, साल का आधा भाग उथल पुथलवाला रह सकता है। किसान आंदोलन प्रदेश में एक बार फिर सरकार के लिए सिरदर्दी बनसकता है। प्रदेश सरकार उच्चतम न्यायालय की मदद ले सकती है। वर्तमान सरकार कायम रहेगीऔर सड़क निर्माण, आयुर्वेद, कृषि, शिक्षा ,पर्यटन, हवाई सेवाओं आदि के क्षेत्रों में हरियाणा काफी उन्नति करेगा।
पंजाब- आगामी चुनावों में पूर्ण बहुमत किसी पार्टी को नहीं मिल पाएगा और गठबन्धन की राजनीति का दौर आरंभ होगा। हिंसा, आंदोलन, बंद, मंहगाई आदि से जनता परेशान रहेगी। विस्फोटक घटनाएं घट सकती हैं। सीमा विवाद से जनता परेशान रहेगी।
हिमाचल- नामराशि कर्क तथा प्रभावराशि मीन के अनुसार, सरकार की प्रतिष्ठा बढ़ेगी। सड़क दुर्घटनाओं, भूस्खलन एवं भूकंप से सावधान रहना होगा। विधान सभा चुनाव में वर्तमान सरकार अपनी साख बचाने में कामयाब रहेगी।
मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिषाचार्य चंडीगढ़