यूएन के मंच से भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर एक बार फिर लताड़ लगाई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76 वें सत्र में भारत ने राइट-टू-रिप्लाई के तहत फर्स्ट कमेटी जनरल डिबेट में पाकिस्तान को आतंकवाद का केंद्र बताते हुए कहा कि एक तरफ तो पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि शांति की बात करते है जबकि उनके प्रधानमंत्री ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकवादियों को महिमामंडित करते हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर, ए अमरनाथ ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों की परवाह किए बगैर पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद के केंद्र के रूप में बार-बार अपने पड़ोसियों के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद में संलिप्त रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि इस्लामाबाद बहुपक्षीय मंचों से झूठ को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है और इस तरह के कृत्य सामूहिक अवमानना के पात्र।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर भारत के खिलाफ निरंतर निराधार आरोप लगाता रहता है। ये प्रतिक्रिया के योग्य नहीं हैं क्योंकि वे भारत के आंतरिक मामलों से संबंधित हैं। मैं यहां एक बार फिर दोहराना चाहता हूं कि जम्मू और कश्मीर का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और रहेगा। इसमें वह क्षेत्र भी शामिल है जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की फर्स्ट कमेटी वैश्विक चुनौतियों, निरस्त्रीकरण और शांति के लिए उत्पन्न होने वाले खतरों से संबंधित है जो अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को प्रभावित करती है और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था में चुनौतियों का समाधान तलाशती है।
आपको बता दें कि इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रथम सचिव स्नेहा दुबे संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान की हेकड़ी निकाल चुकी हैं। बार-बार कश्मीर का राग अलापने वाले इमरान खान को जवाब देते हुए भारत ने कहा था कि आतंकवाद पर पाकिस्तान की नापाक नीतियों का खामियाजा पूरी दुनिया को भुगतना पड़ रहा है। पाकिस्तान एक ऐसा देश है जहां आतंकवादी बेरोक-टोक घूमते हैं। आतंकवादियों के लिए पाकिस्तान सुरक्षित ठिकाना है। पाकिस्तान पर बरसते हुए उन्होंने यह भी कहा था कि पूरे विश्व में पाकिस्तान ही मात्र एक ऐसा देश है जो खुद को फायर फाइटर बताकर आगजनी करता है।