जानकारी : एक जाति ऐसी भी, जिसमें झगड़े नहीं होते हैं!
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 06:47 AM
विनय संकोची
यूरोप के उत्तरी क्षेत्र के निवासी लाप जाति के खानाबदोश हैं, जिनका जीवन विषम परिस्थितियों में प्रकृति के साथ संघर्ष करते हुए बीतता है। यह जहां रहते हैं वहां सर्दी के लंबे मौसम में महीनों सूरज दिखाई नहीं देता है।
स्वीडिश भाषा में लाप का अर्थ छलांग मारना। लाप जाति के लोग दौड़ने में बड़े तेज होते हैं और सर्दी के मौसम में बर्फ पर सफर करने की उनकी गति इतनी तेज होती है कि कोई उनकी बराबरी नहीं कर सकता। संभवत इसी गुण के कारण स्वीडन के लोगों ने उन्हें लाप नाम दिया होगा। लापों के लिए सबसे अधिक उपयोगी हिरण होते हैं। वे उन्हीं से अपनी स्लेज गाड़ियां खिंचवाते हैं, उन्हीं की खाल पहनते हैं, उन्हीं का दूध पीते हैं और उन्हीं के गोश्त से अपनी उदर पूर्ति करते हैं। हिरणों को घर लाने के लिए लाप कुत्तों से काम लेते हैं। हिरणों के शरीर का कोई भी पदार्थ लाप व्यर्थ नहीं जाने देते। उनके बाल तक बेच देते हैं, जो सभ्य समाज द्वारा भांति-भांति के काम में लाए जाते हैं।
लापों के जब बच्चे पैदा होते हैं अथवा उनके दांत निकलते हैं, उसी समय माता-पिता उन्हें हिरण भेंट करते हैं ताकि आगे चलकर वे बच्चे समाज में गरीब ना रह जाएं। लाप अपने बच्चों के लिए विशेष प्रकार की टोकरी तैयार करते हैं। इस टोकरी के नीचे हिरण के बच्चों का नरम चमड़ा और घास बिछा रहता है। यह चीजें बच्चे को ठंड से बचाती हैं। मां उस टोकरे को अपने कंधे पर लटकाकर चलती है। मारे गए हिरणों के पेट की थैली को धोकर और सुखाकर लाप उसी में हिरण का दूध रखते हैं।
सभ्य समाज से बिल्कुल अपरिचित होने के कारण लापों में जादू टोने में विश्वास और अंधविश्वास का बोलबाला है। माताएं अपने बच्चों को चांदी और लोहे के गहने पहनाए बिना अकेले नहीं छोड़ती हैं। उनका विश्वास है कि वे गहने विशेष प्रकार के भूत से बच्चों की रक्षा करते हैं। उनका विश्वास है भूत आदमियों के बच्चे उठा ले जाते हैं और उन्हें अपने बदसूरत बच्चों से बदल देते हैं।
लापों का जादू में गहरा विश्वास होता है। प्रकृति के विरुद्ध संग्राम में अपने को दुर्बल साबित होता देख, अपने को जीवित रखने के लिए उन्हें जादू में विश्वास रखना ही पड़ता है। जिन समस्याओं का वे अन्य किसी प्रकार निराकरण नहीं कर पाते, उन्हें जादू के जादू से हल करते हैं। दिवंगत लोगों का समाचार वे जादू के आधार पर ही जानते हैं। इनके जीवित संबंधी भी बहुत बिखरे रहते हैं। हमेशा स्थान बदलते रहने के कारण उन्हें उनसे पुनः भेंट की संभावना बहुत कम रहती है, इसलिए उनके समाचार भी वे जादू से ही जानने का प्रयास करते हैं। जादू की करामात दिखाने वाला बेहोश हो जाने की क्रिया दिखा चुकने के बाद बिछड़े लोगों का समाचार उनको सुनाने लगता है। लाप अति साधारण जीवन व्यतीत करने वाले तथा बड़ी ही सीधी प्रकृति के लोग होते हैं। सभ्य समाज में पाई जाने वाली बुराइयों का साया लापों पर अभी नहीं पड़ा है। बुराई के नाम पर सिर्फ कभी-कभी एक दूसरे के हिरण की चोरी भी करते हैं, जिन्हें उनका समाज अपराध घोषित करता है। मारकाट आदि लापों के बीच कभी नहीं होती है। अपने साथियों के साथ सदैव उनका व्यवहार शांति का ही होता है। शादी विवाह के संबंध में झगड़े पैदा हो सकते हैं, पर इसकी उनके समाज में सुंदर व्यवस्था कर ली है।