
INTERPOL General Assembly: प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में बहादुर लोगों को भेजने में शीर्ष योगदानकर्ताओं में से एक है। अपनी आजादी से पहले भी हमने दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए बलिदान दिया है। भारतीय पुलिस बल 900 से अधिक राष्ट्रीय और 10,000 राज्य कानूनों को लागू करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार की दोपहर दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित इंटरपोल की 90वीं महासभा को संबोधित कर रहे थे। अपने संबोधन से पूर्व उन्होंने महासभा का उदघाटन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकी और आतंकवाद के खिलाफ किसी एक देश की पहल से काम चलने वाला नहीं है। आतंक के खिलाफ पूरे विश्व को एकजुट होना होगा। भारत ने आतंकवाद को नजदीक से देखा है। विश्व की पुलिस को इसके खिलाफ एकजुट होना होगा।
उन्होंने कहा कि यह समय भारत और इंटरपोल दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। भारत 2022 में आजादी के 75 साल मना रहा है। यह हमारी संस्कृति, लोगों और उपलब्धियों का उत्सव है। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि आतंक के खिलाफ विश्व को एकजुट होना होगा। कहा कि इंटरपोल की अवधारणा भारतीय दर्शन के विभिन्न पहलुओं से जुड़ती है। इंटरपोल का आदर्श वाक्य 'एक सुरक्षित दुनिया के लिए पुलिस को जोड़ना' है। साथ ही कहा कि दुनिया के सबसे पुराने धर्मग्रंथों में से एक वेद का एक श्लोक कहता है कि 'महान विचारों को अंदर आने दो'।
इंटरपोल महासभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि आनन्दित होने और चिंतन करने का यह अच्छा समय है। असफलताओं से सीखें, जीत का जश्न मनाएं और फिर भविष्य को उम्मीदों के साथ देखें। उन्होंने कहा कि यह दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए सार्वभौमिक सहयोग का आह्वान है। भारत संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों में शीर्ष योगदानकर्ताओं में से एक है। पीएम मोदी ने कहा कि इंटरपोल भी एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के करीब पहुंच रहा है। 2023 में इंटरपोल अपनी स्थापना के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाएगा।
आज से शुरू हुई इस महासभा में इंटरपोल के अध्यक्ष अहमद नासर अल रायसी, महासचिव जुर्गन स्टॉक और केंद्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक भी मौजूद हैं। बैठक में 195 इंटरपोल सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। जिसमें मंत्री, देशों के पुलिस प्रमुख, राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के प्रमुख और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, इंटरपोल के अध्यक्ष अहमद नासर अल रायसी और महासचिव जुर्गन स्टॉक भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। भारत में इंटरपोल महासभा की बैठक 25 साल बाद हुई। पिछली बार भारत में यह महासभा 1997 में हुई थी।
जानिए क्या है इंटरपोल? ऑस्ट्रिया के विएना में 7 सितंबर 1923 को इंटरपोल की स्थापना हुई थी। अंतरराष्ट्रीय अपराधिक पुलिस संगठन को इंटरपोल के रूप में जाना जाता है। दुनियाभर के पुलिस नेटवर्क को जोड़ने वाला यह संगठन अपराध नियंत्रण पर काम करता है। इस नेटवर्क से जुड़े सभी देश अपने प्रशिक्षित पुलिस अधिकारियों को इंटरपोल में डेपुटेशन पर भेजते हैं।