
Jammu Kashmir News गुरुवार को कुलगाम में एक बैंक मैनेजर की हत्या, इससे पहले एक शिक्षिका की हत्या। इस तरह से हत्या की वारदात को अंजाम देकर आतंकी घाटी में दहशत फैला रहे हैं, यही वजह है कि जम्मू कश्मीर से कश्मीरी पंडितों में आतंकियों का खौफ है और वह वहां से पलायन करने को मजबूर हैं। एक सौ से अधिक कश्मीरी पंडित पलायन कर चुके हैं। यही नहीं बारामुला की एक कालोनी से भी काफी लोग पलायन कर चुके हैं।
गुरुवार को कुलगाम की गई बैंक मैनेजर विजय कुमार की हत्या की यह पहली वारदात नहीं है। यहां रह रहे लोगों में दहशत पैदा करने के लिए आतंकी लगातार इस तरह की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इससे पहले की बात करें तो कुछ दिनों पहले कुलगाम में ही एक शिक्षिका को भी आतंकियों ने मौत के घाट उतार दिया था। बारामूला की कश्मीरी पंडित कालोनी के अध्यक्ष अवतार भट्ट का कहना है कि शिक्षिका की हत्या के बाद से सभी लोग खौफ के माहौल में जी रहे हैं। हम सरकार के जवाब का इंतजार कर रहे हैं, हमने सरकार से कश्मीर से बाहर स्थानांतरित करने के लिए कहा था। हम सुबह तक सरकार के ठोस कदम का इंतजार करेंगे अन्यथा सब समेट कर चले जाएंगे। जिन लोगों को सरकारी क्वार्टर मिले हैं, उनकी चाबियां हम डीसी ऑफिस में सौंप देंगे।
आपको बता दें कि कश्मीर संभाग के विभिन्न जिलों में कार्यरत जम्मू संभाग के शिक्षक घाटी छोड़ जम्मू की तरफ रुख कर रहे हैं। कई शिक्षक बुधवार को रजनी बाला के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए। कश्मीर संभाग के कुलगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग, बारामुला, शोपियां सहित अन्य जिलों में जम्मू संभाग के हजारों शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें कश्मीरी पंडित और अनुसूचित जाति के कर्मचारी हैं। कुलगाम में ही कार्यरत एक शिक्षक ने बताया कि सभी में डर का माहौल है। उन्होंने कहा कि 2011 में मेरी तैनाती अनुसूचित जाति कोटा के तहत हुई थी। कहा, सरकार हमारी तैनाती सुरक्षित स्थानों पर करे या फिर हमारा तबादला जम्मू संभाग के जिलों में करें।
कुलगाम में शिक्षिका रजनी बाला की हत्या के बाद कश्मीर पंडितों की घाटी से सामूहिक पलायन की चेतावनी को देखते हुए बुधवार को श्रीनगर के इंदिरा नगर और शिवपोरा इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। इसबीच कश्मीरी पंडितों ने आरोप लगाया कि उन्हें नजरबंद कर दिया गया है। सुरक्षा बल किसी को बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। आने-जाने के सभी प्वाइंट सील कर दिए गए हैं। दवा लेने जाना भी मुश्किल हो रहा है। इंदिरा नगर और शिवपोरा वो इलाके हैं जहां लगभग 300 कश्मीरी पंडित परिवार किराए पर रहते हैं।
बडगाम के चाडूरा तहसील कार्यालय में हुई कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट की 12 मई को हुई हत्या के बाद से प्रदर्शन कर रहे कश्मीरी पंडितों का आंदोलन कुलगाम में शिक्षिका रजनी बाला की हत्या के बाद और उग्र हो गया है। जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें सुरक्षित स्थानों पर तैनात किया जाए। आधिकारिक तौर पर कोई प्रशासनिक अधिकारी इस मुद्दे पर बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से इनपुट हैं कि शहर में आतंकी कश्मीरी पंडितों को निशाना बना सकते हैं। इसलिए एहतियातन उन्हें समूह में बाहर नहीं निकलने दिया गया। उनकी सुरक्षा को भी बढ़ाया गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। सूत्रों ने बताया कि किसी की मजबूरी में उसे सुरक्षा घेरे से बाहर जाने दिया गया, सिर्फ सुरक्षा कारणों से समूह में जाने से रोका जा रहा है।