जेवर एयरपोर्ट के शिलान्यास व भूमिपूजन की तैयारियां तेज
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:58 AM
नोएडा/ जेवर तकरीबन 25 वर्षों के लम्बे अंतराल के बाद अब जेवर में देश के सबसे बड़े तथा एशिया के दूसरे सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने का सपना धरातल पर उतरने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संयुक्त रूप से 25 नवंबर को भूमि पूजन करेंगे। भूमि पूजन तथा शिलान्यास को लेकर जिला प्रशासन, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण तथा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अथॉरिटी लिमिटेड ने संयुक्त तैयारी शुरू कर दी है।
राज्य सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक 25 नवंबर को जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास और भूमि पूजन किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय के बीच सहमति बन चुकी है भारतीय जनता पार्टी इस आयोजन को भव्य रूप देना चाहती है। यह पूरा कार्यक्रम दो हिस्सों में होगा। पहले हिस्से में भूमिपूजन और शिलान्यास करवाया जाएगा। जिसका आयोजन यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी और ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड मिलकर करेंगे। दूसरे हिस्से में एक विशाल जनसभा आयोजित होगी।
यह आयोजन भारतीय जनता पार्टी करेगी। इस जनसभा में बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, अलीगढ़ और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं को बुलाया जाएगा।
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शिलान्यास समारोह के करीब एक महीने बाद ही उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि 25 दिसंबर के बाद कभी भी यूपी में चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। यही वजह है कि मई-जून में होने वाला शिलान्यास समारोह खींचकर अब नवंबर में करवाया जा रहा है। जबकि, जेवर एयरपोर्ट से जुड़ा निर्माण कार्य करीब 2 महीने से चल रहा है। फिलहाल साइट की बाउंड्री वॉल और समतलीकरण का कार्य जोर-शोर से करवाया जा रहा है। जैसे ही भूमिपूजन और शिलान्यास होगा, उसके तुरंत बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल और टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण शुरू हो जाएगा। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी ने जानबूझकर शिलान्यास समारोह को देर से करवाया है, पार्टी आने वाले विधानसभा चुनाव में इस परियोजना को जनता के सामने अपनी उपलब्धि के रूप में पेश करेगी। आपको बता दें कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ना केवल एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने जा रहा है, बल्कि वर्ष 2020 में इसे दुनिया के 100 मेगा प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।
जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का यहां के लोगों को करीब 25 वर्षों से इंतजार है। आपको बता दें कि जब उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी और राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री थे, उस वक्त जेवर में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने के लिए फाइल चली थी यह प्रस्ताव राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को भेजा था, लेकिन इस साइट की दूरी दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बहुत कम थी। जिसके चलते परियोजना लटक गई। जब उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती बनीं तो उन्होंने भी कई बार यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के बीच लगातार अनबन चलती रही। जिसकी वजह से यह परियोजना मूर्त रूप नहीं ले सकी। योजना केवल फाइलों में लखनऊ से दिल्ली और दिल्ली से लखनऊ के बीच घूमती रही। उत्तर प्रदेश में जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बने तो उन्होंने जेवर से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को आगरा शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी, लेकिन केंद्र और राज्य के बीच का गतिरोध गौतमबुद्ध नगर के लिए मुफीद साबित हुआ। अंतत: वर्ष 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनी और 2017 में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बने। जिसके बाद पिछले 5 वर्षों में जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा धरातल पर उतर पाया है। कुल मिलाकर इस इलाके के लोगों की करीब 25 वर्षों पुरानी यह उम्मीद अब साकार रूप ले रही है।