Jharkhand : कम नंबर आने से नराज छात्रों ने शिक्षकों को पेड़ से बांधकर पीटा
भारत
चेतना मंच
31 Aug 2022 08:59 PM
Ranchi : रांची। हमारी संस्कृति में गुरु का दर्जा भगवान से ऊपर रखा गया है, लेकिन झारखंड के दुमका से एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसमें शिक्षकों व छात्रों के रिश्ते को बिगाड़ दिया है। यहां प्रेक्टिकल में काम नंबर आने से नाराज छात्रों ने मीटिंग के बहाने शिक्षकों को बुलाया और फिर पेड़ से बांधकर पीटा। छात्रों का आरोप है कि शिक्षकों ने उन्हें जान-बूझकर कम नंबर दिए हैं।
शिक्षकों और छात्रों के बिगड़ते रिश्तों को तार-तार करने वाली घटना झारखंड के दुमका से सामने आई है। एक गांव में स्कूली छात्रों ने अपने शिक्षकों को मीटिंग का झांसा देकर बुलाया। फिर एक पेड़ से बांधकर जमकर पिटाई की। खबर के मुताबिक सरकारी स्कूल में शिक्षकों ने कथित तौर पर छात्रों को परीक्षा में कम अंक दिए। इससे नाराज छात्रों ने मिलकर शिक्षकों की बुरी तरह पिटाई कर दी। कम नंबर मिलने के कारण छात्रों ने अपनी परीक्षा भी छोड़ दी।
दुमका में शिक्षकों की पिटाई के बारे में दुमका के गोपीकंदर ब्लॉक में पोस्टेड प्रखंड शिक्षा विस्तार अधिकारी, सुरेंद्र हेब्रम ने बताया कि उन्हें शिक्षकों की पेड़ से बांधकर पिटाई करने की सूचना मिली तो वे घटनास्थल पर पहुंचे। शिक्षकों और छात्रों से बात की। सुरेंद्र हेब्रम ने बताया कि मौके पर पहुंचने के बाद छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रैक्टिकल परीक्षा में बहुत कम अंक दिए गए हैं। छात्रों का आरोप है कि कम नंबर के बारे में शिक्षकों से बात की गई, लेकिन उन्हें सरकारी स्कूल के अपने शिक्षकों से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
परीक्षा में कम नंबर का आरोप लगाकर जिन शिक्षकों की पिटाई की गई, उनमें कुमार सुमन भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों ने मीटिंग करने के बहाने फोन कर बुलाया। उसके बाद उनके साथ अन्य शिक्षकों की भी पिटाई की गई। शिक्षक कुमार सुमन का कहना है कि छात्रों ने रिजल्ट खराब होने का आरोप लगाया। उन्होंने नंबर कम मिलने का कारण बताया और कहा, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि छात्रों के प्रैक्टिकल नंबर रिजल्ट में नहीं जोड़े गए। शिक्षक कुमार सुमन ने बताया कि प्रैक्टिकल परीक्षा के नंबर मुख्य विषय के साथ जोड़े जाएं, यह कार्य प्रधानाध्यापक को करना था। उन्होंने कहा, शिक्षकों को नंबर जोड़ने का कोई अधिकार न होने के कारण वे इस संबंध में कोई कदम नहीं उठा सकते थे।