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June 2026 Vrat Tyohar List: जून की शुरुआत ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि के साथ हो रही है जबकि महीने का अंत आषाढ़ माह की शुरुआत से होगा। ऐसे में यह पूरा महीना पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

साल 2026 का जून महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। इस महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं जिनका इंतजार श्रद्धालु पूरे साल करते हैं। ज्येष्ठ पूर्णिमा, निर्जला एकादशी, वट पूर्णिमा और शनि प्रदोष जैसे बड़े पर्व इसी महीने मनाए जाएंगे। खास बात यह है कि जून की शुरुआत ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि के साथ हो रही है जबकि महीने का अंत आषाढ़ माह की शुरुआत से होगा। ऐसे में यह पूरा महीना पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
जून की शुरुआत कई महत्वपूर्ण व्रतों और तिथियों के साथ होने जा रही है। 3 जून को विभुवन संकष्टी मनाई जाएगी। इसके बाद 7 जून को अधिक भानु सप्तमी और 8 जून को अधिक कालाष्टमी के साथ मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का संयोग बनेगा। महीने के शुरुआती दिनों में ही कई धार्मिक पर्व आने से भक्तों के बीच उत्साह बना रहेगा। 11 जून को परम एकादशी का व्रत रखा जाएगा जिसे बेहद पुण्यदायी माना जाता है। वहीं 12 जून को प्रदोष व्रत और अधिक कृष्ण रामलक्ष्मण द्वादशी मनाई जाएगी। इसके अगले दिन यानी 13 जून को मासिक कार्तिगाई और मासिक शिवरात्रि का पर्व पड़ेगा।
14 जून को रोहिणी व्रत और अधिक दर्श अमावस्या का संयोग रहेगा। इसके अगले दिन 15 जून को मिथुन संक्रांति मनाई जाएगी। इसी दिन ज्येष्ठ अधिक अमावस्या भी पड़ेगी और ज्येष्ठ अधिकमास का समापन होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन तिथियों का विशेष महत्व माना जाता है। 16 जून को चंद्र दर्शन किया जाएगा। वहीं 17 जून को वीरता और शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप जयंती मनाई जाएगी। इसके बाद 18 जून को प्रद्युम्न चतुर्थी और ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का व्रत रखा जाएगा।
जून महीने के सबसे बड़े व्रतों में शामिल निर्जला एकादशी 25 जून को मनाई जाएगी। इसी दिन गायत्री जयंती भी पड़ेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत बहुत कठिन और पुण्य देने वाला माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन बिना पानी ग्रहण किए भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। इसके एक दिन बाद 26 जून को रामलक्ष्मण द्वादशी मनाई जाएगी। वहीं 27 जून को शनि प्रदोष व्रत और शनि त्रयोदशी का संयोग बनेगा जिसका विशेष महत्व शनि देव की पूजा के लिए माना जाता है।
29 जून को वट पूर्णिमा व्रत, ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत और बटुक भैरवी जयंती मनाई जाएगी। यह दिन धार्मिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। खासकर विवाहित महिलाएं वट पूर्णिमा का व्रत रखती हैं और वट वृक्ष की पूजा करती हैं। इसके बाद 30 जून से आषाढ़ माह की शुरुआत हो जाएगी। इस तरह जून 2026 का पूरा महीना व्रत, पूजा और धार्मिक आयोजनों से भरा रहने वाला है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। चेतना मंच इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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