
वर्ष-1999 में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ युद्ध जीतने के लिए अपनी जान की कुर्बानी देने वाले शहीद जवानों के सम्मान में इस दिन को मनाया जाता है। पाकिस्तान की सेना इसी दिन अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए भारतीय क्षेत्र में धुसपैठ करने की हिम्मत की थी। भारतीय सेना के जवानों ने दुशमन सेना को वापस खदेड़ते हुए अपनी ताकत और शक्ति का प्रदर्शन पूरी दुनिया के सामने पेश किया था। यह युद्ध करीब 60 दिनों तक चला था और इस दौरान भारत के 527 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। वहीं, पाकिस्तान के तीन हजार जवानों को भारत की सेना ने मौत के घाट उतार दिया था। 26 जुलाई को यह युद्ध खत्म हुआ था। विश्व इतिहास में कारगिल युद्ध दुनिया के सबसे ऊंचे क्षेत्रों में लड़ी गई जंग की घटनाओं में शामिल है। पाकिस्तानी सेनाओं को खदेड़ने के लिए भारत ने ऑपरेशन विजय चलाया था। 26 जुलाई 1999 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस युद्ध में भारत की जीत का ऐलान किया था। तभी से इस दिन को विजय दिवस के तौर पर मनाया जाता है। कारगिल विजय दिवस की 23वीं सालगिरह पर जम्मू में कारगिल युद्ध में अपनी जान गंवाने वाले सैनिकों को बालिदान स्तम्भ पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वहीं लद्दाख के द्रास में कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए कारगिल युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण समारोह आयोजित किया जा रहा है।कारगिल विजय दिवस मां भारती की आन-बान और शान का प्रतीक है। इस अवसर पर मातृभूमि की रक्षा में पराक्रम की पराकाष्ठा करने वाले देश के सभी साहसी सपूतों को मेरा शत-शत नमन। जय हिंद! pic.twitter.com/wIHyTrNPMU
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2022