Kolkata News : महाराष्ट्र की तरह भाजपा के जाल में फंसने से बचीं ममता बनर्जी
Mamta Banarjee
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:44 AM
Kolkata : कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने दागी मंत्री पार्थ चटर्जी की छुट्टी कर एक तीर से दो निशाने साधने में कामयाबी हासिल की। पहला भाजपा को उनके सामने सिर उठाने का मौका नहीं दिया और दूसरा अपनी छवि को दागदार होने से बचा लिया। राजनीति के जानकारों का मानना है कि अगर ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की तरह अपने आरोपी मंत्री को कैबिनेट से नहीं हटाया होता तो वह भी भाजपा के जाल में फंस जातीं, जैसे उद्धव फंस गए।
महाराष्ट्र की उद्धव सरकार में गृहमंत्री रहे अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार और वसूली के आरोप लगे थे। उसके बाद विपक्षी भाजपा ने उनके इस्तीफे की मांग की, लेकिन महा विकास अघाड़ी सरकार के मुखिया उद्धव ठाकरे उन्हें अंत समय तक बचाने की कोशिश में लगे रहे। इतना ही नहीं, उन्होंने उन्हें कैबिनेट से बाहर भी नहीं किया। इसके बाद एक और मंत्री नवाब मोहम्मद इस्लाम मलिक भी मनी लॉंड्रिंग समेत कई आरोपों में घिर गए। अनिल देशमुख की तरह नवाब मलिक को भी जेल जाना पड़ा। अभी दोनों जेल में ही हैं। महाविकास अघाड़ी सरकार के मुखिया उद्धव ठाकरे को अपने इस फैसले की वजह से काफी आलोचनाएं झेलनी पड़ीं। हालांकि इसके पीछे उनकी मजबूरी भी थी। दरअसल, ये दोनों ही मंत्री एनसीपी कोटे से थे और उद्धव की सरकार एनसीपी और कांग्रेस की बैसाखी पर ही टिकी थी। उन्हें इस बात का भय था कि दोनों मंत्रियों को बर्खास्त करने के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उद्धव ठाकरे का अनुसरण नहीं किया और अपनी करीबी मंत्री और पार्टी के कद्दावर नेता पार्थ चटर्जी के ईडी के शिकंजे में फंसने और जेल जाने के बाद बिना वक्त गंवाए उन्हें न सिर्फ कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया, बल्कि पार्टी की सदस्यता से भी निलंबित कर दिया। ऐसा कर ममता बनर्जी ने विपक्षी भाजपा को हमलावर होने का मौका नहीं दिया और अपनी बेदाग छवि को बनाए रखने में कामयाब रहीं।
गौरतलब है कि टीएमसी के कैबिनेट मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के बेलघरिया स्थित फ्लैट से बुधवार की रात ईडी ने 27.90 करोड़ नकदी और छह किलो सोना बरामद किए। इसके पहले टालीगंज फ्लैट से 22 करोड़ रुपये नकद, 79 लाख का सोना, कई जमीन और फ्लैट के दस्तावेज मिले थे। ईडी ने छापेमारी के दौरान कुल 53 करोड़ से अधिक की नकदी के अलावा सोना, डॉलर, बेनामी भूमि और भवन के कई दस्तावेज बरामद किए थे। उसके बाद ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।