
Lakhimpur Kheri Case: लखीमपुर खीरी मामले (Lakhimpur Kheri Case) के आरोपी आशीष मिश्रा की सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को एक सप्ताह के भीतर कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब कई नेताओं ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कोर्ट के फैसले को सही करार दिया है। अस मामले में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अब भाकियू आगे की रणनीति तय करेगी।
भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद रहती है कि वह पीड़ित पक्ष की बात सुने। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पीड़ित पक्ष को भी सुना जाए। उन्होंने कहा कि सरकार से हम उम्मीद करते हैं वह पीड़ित का साथ दें। उन्होंने बताया कि वह हम 24-25 अप्रैल को लखीमपुर खीरी जा रहे हैं। वहां पीड़ित पक्ष और वकीलों से बात करेंगे और पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के बाद हम आगे की रूपरेखा बनाएंगे।
आपको बता दें कि राकेश टिकैत लगातार गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अजय मिश्रा के दबाव में ही सारी चीजे होती हैं। राज्य सरकार भी दबाव में रहती है। क्योंकि वे केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से न्याय उम्मीद की है।
>> Lakhimpur UP- BJP विधायक की गाड़ी से रौंद कर चाचा भतीजे की मौतइसके अलावा SBSP पार्टी प्रमुख ओपी राजभर ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि 8 लोगों की हत्या मामले में जमानत मिलना अन्याय है। किसानों को तभी न्याय मिलेगा जब दोषी को सजा मिलेगी।