सनातन धर्म के अनुसार जब-जब पृथ्वी पर अधर्म, अन्याय और अत्याचार बढ़ते हैं, तब-तब भगवान स्वयं किसी न किसी रूप में अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं। भगवान विष्णु का श्रीकृष्ण के रूप में अवतार भी इसी दिव्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए हुआ था।

Lord Vishnu Krishna Avatar : सनातन धर्म के अनुसार जब-जब पृथ्वी पर अधर्म, अन्याय और अत्याचार बढ़ते हैं, तब-तब भगवान स्वयं किसी न किसी रूप में अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं। भगवान विष्णु का श्रीकृष्ण के रूप में अवतार भी इसी दिव्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए हुआ था। श्रीकृष्ण केवल एक राजा या योद्धा नहीं थे, बल्कि वे स्वयं भगवान विष्णु के पूर्णावतार माने जाते हैं। उनका जन्म मानवता को धर्म, प्रेम, न्याय और कर्म का संदेश देने के लिए हुआ। Lord Vishnu Krishna Avatar
द्वापर युग के अंतिम चरण में पृथ्वी पर पाप और अत्याचार तेजी से बढ़ रहे थे। मथुरा का राजा कंस अपनी शक्ति के मद में निर्दोष लोगों पर अत्याचार कर रहा था। ऋषि-मुनि, साधु-संत और सामान्य जनता उसके भय में जीवन व्यतीत कर रही थी। कंस ने अपनी बहन देवकी और उनके पति वासुदेव को कारागार में बंद कर दिया और भविष्यवाणी के भय से उनके छह पुत्रों की हत्या कर दी। पृथ्वी माता ने देवताओं के साथ मिलकर भगवान विष्णु से प्रार्थना की कि वे अधर्म का अंत करें और धर्म की पुनः स्थापना करें। देवताओं की इस विनती को स्वीकार करते हुए भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लेने का निर्णय लिया। Lord Vishnu Krishna Avatar
भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि तथा रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी और वासुदेव के पुत्र के रूप में जन्म लिया। उनके जन्म के समय कारागार के सभी बंधन स्वतः खुल गए, पहरेदार गहरी नींद में सो गए और यमुना नदी ने भी वासुदेव को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया। इसके बाद वासुदेव नवजात कृष्ण को गोकुल में नंद बाबा और यशोदा के घर छोड़ आए, जहां उनका पालन-पोषण हुआ। Lord Vishnu Krishna Avatar
श्रीकृष्ण के अवतार का प्रमुख उद्देश्य अत्याचारी कंस का वध करना और धर्म की रक्षा करना था। बाल्यकाल से ही उन्होंने अनेक असुरों का संहार किया और अंततः मथुरा पहुंचकर कंस का वध किया। इसके बाद उन्होंने केवल एक राजा के रूप में नहीं, बल्कि समाज सुधारक, नीति-निर्माता, कूटनीतिज्ञ और धर्मरक्षक के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। Lord Vishnu Krishna Avatar
श्रीकृष्ण का अवतार केवल कंस वध तक सीमित नहीं था। महाभारत के समय उन्होंने पांडवों का मार्गदर्शन किया और कुरुक्षेत्र के युद्ध में अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का दिव्य उपदेश दिया। गीता के माध्यम से उन्होंने कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग का ऐसा संदेश दिया, जो आज भी करोड़ों लोगों के जीवन का मार्गदर्शन करता है। Lord Vishnu Krishna Avatar
भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सिखाता है कि सत्य, धर्म और न्याय की विजय निश्चित होती है। उन्होंने यह भी बताया कि मनुष्य को अपने कर्तव्य का पालन बिना किसी फल की इच्छा के करना चाहिए। प्रेम, करुणा, नीति, साहस और धर्म की रक्षा ही उनके अवतार का वास्तविक संदेश है। Lord Vishnu Krishna Avatar
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