Lucknow Cyber Crime News : महिला को महंगा पड़ गया रत्ना से मंगाना खाना
Noida News: Cyber thugs withdraw 1.7 lakh from bank account
भारत
चेतना मंच
06 Sep 2022 07:03 PM
Lucknow : लखनऊ। पीएम मोदी (PM Modi) देश को डिजिटल (Digital) बनाने की जीतोड़ कोशिश कर रहे हैं। उनकी कोशिश काफी हद तक कामयाब भी हो रही है, लेकिन ऑनलाइन फ्रॉड (Online Fraud ) को रोकने का कोई सिस्टम नहीं बनाने से साइबर क्राइम (Cyber Crime ) के रेट में बेतहाशा उछाल दर्ज किया जा रहा है। प्रदेश के हर जिले में यूं तो हर दिन साइबर क्राइम के मामले आते रहते हैं, लेकिन ऑनलाइन ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके तार शहर के एक रेस्टोरेंट से जुड़े हैं। दिलचस्प है कि इस ठगी का शिकार एक महिला हुई है और उसके क्रेडिट और डेबिट, दोनों ही कार्ड से पैसे निकाले गए हैं। महिला ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। महिला का आरोप है कि उसके साथ हुए फ्रॉड में आईसीआईसीआई बैंक भी सहयोग नहीं कर रहा है।
शहर के क्रिश्चयन कॉलेज कैंपस में रहने वाली मनीषा प्रसाद ने चेतना मंच (Chetna Manch) को बताया कि रक्षाबंधन का दिन था। वह कोविड पॉजिटिव थीं, इसलिए बाहर से खाना मंगाने का प्लान बना। उन्होंने सागर रत्ना रेस्टोरेंट से खाने का आर्डर दिया। लेकिन, क्रडिट कार्ड से ट्रांजेक्शन नहीं हो पा रहा था। उन्होंने एप में दर्ज टेलीफोन नंबर पर कॉल कर पेमेंट न हो पाने की बात बताई। उसके बाद रेस्टोरेंट की ओर से उन्हें एक लिंक शेयर किया गया। उस लिंक पर क्लिक किया। अभी उस पर एमाउन्ट नहीं डाला था। तभी उधर से फोन आ गया कि क्रेडिट कार्ड एक्सपायरी डेट का है और काम नहीं कर रहा है। उसके बाद उन्होंने डेबिट कार्ड से पेमेंट कर दिया। पांच मिनट के बाद ही उनके एकाउन्ट से उनके क्रेडिट और डेबिट कार्ड से पैसे निकलने शुरू हो गए। उसके मैसेज मेरे फोन पर आने लगे। चंद मिनट में ही मेरे एकाउन्ट से एक लाख 54 हजार रुपये निकल गए। उन्होंने बताया कि एकाउन्ट से पैसे निकलने की जानकारी होने के साथ बैंक के कस्टमर केयर पर फोन कर दोनों कार्ड को ब्लॉक कराया।
मनीषा प्रसाद ने बताया कि उनका क्रेडिट कार्ड आईसीआईसीआई बैंक का है और उसकी क्रेडिट लिमिट 80 हजार है। दिलचस्प है कि इस बात की जानकारी ठगों के पास थी, इसलिए उसने 79 हजार रुपये निकाले। उनका डेबिट कार्ड इंडियन ओवरसीज बैंक का है। उसमें से तीन में 25, 25 और 24 हजार रुपये निकाले गए। उन्होंने बताया कि आईओबी ने तो उन्हें सहयोग किया, लेकिन आईसीआईसीआई बैंक ने उनके साथ कोई सहयोग नहीं किया। अब उन पर क्रेडिट कार्ड से निकाले गए पैसे की रिकवरी का दबाव डाला जा रहा है। उस पर अधिक ब्याज की भी मांग की जा रही है।