Maharashtra News : महाराष्ट्र में शिवसेना पर अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
Formation of women's bench for hearing cases in the Supreme Court
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:22 AM
Maharashtra: महाराष्ट्र में शिवसेना पर अधिकार को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर से सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की तरफ से तीखी बहस हुई। हालांकि, इन दलीलों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने शिंदे गुट से कुछ मुश्किल सवाल भी किए। वहीं, कोई निष्कर्ष नहीं निकलने की वजह से आज की सुनवाई भी टाल दी गई और कल के लिए नई तारीख दी गई।
उद्धव कैंप के वकील कपिल सिब्बल ने दलील देते हुए कहा कि अगर दो तिहाई विधायक अलग होना चाहते हैं तो उन्हें किसी से विलय करना होगा या नई पार्टी बनानी होगी। वह नहीं कह सकते कि वह मूल पार्टी हैं। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मतलब आप कह रहे हैं कि उन्हें बीजेपी में विलय करना चाहिए था या अलग पार्टी बनानी थी। फिर सिब्बल ने कहा कि कानूनन यही करना था।
चीफ जस्टिस एनवी रमना ने पूछा कि क्या सभी पक्षों ने मामले से जुड़े कानूनी सवालों का संकलन जमा करवा दिया है। राज्यपाल के वकील सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मैं अभी जमा करवा रहा हूं।
कपिल सिब्बल ने कहा कि पार्टी सिर्फ विधायकों का समूह नहीं होती है। इन लोगों को पार्टी की बैठक में बुलाया गया। वह नहीं आए। डिप्टी स्पीकर को चिट्ठी लिख दी। अपना व्हिप नियुक्त कर दिया। असल में उन्होंने पार्टी छोड़ी है। वह मूल पार्टी होने का दावा नहीं कर सकते। आज भी शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे हैं। सिब्बल ने कहा कि जब संविधान में 10वीं अनुसूची (दलबदल विरोधी प्रावधान) को जोड़ा गया, तो उसका कुछ उद्देश्य था। अगर इस तरह के दुरुपयोग को अनुमति दी गई तो विधायकों का बहुमत सरकार को गिराकर गलत तरीके से सत्ता पाता रहेगा और पार्टी पर भी दावा करेगा। सिब्बल ने कहा कि पार्टी की सदस्यता छोड़ने वाले विधायक अयोग्य हैं। चुनाव आयोग जाकर पार्टी पर दावा कैसे कर सकते हैं?
मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा कि हमने 10 दिन के लिए सुनवाई टाली थी। इस बीच आपने सरकार बना ली। स्पीकर बदल गए। अब आप कह रहे हैं, सारी बातें निरर्थक हैं।
अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा, मैं ऐसा नहीं कह रहा कि इन बातों पर अब विचार ही नहीं होना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ठीक है हम सभी मुद्दों को सुनेंगे।