Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि 2026 का व्रत और पूजा का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा विधिपूर्वक करने और व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। महाशिवरात्रि व्रत के दौरान निर्जला, फलाहार या आंशिक व्रत रखा जा सकता है और शारीरिक व मानसिक शुद्धता बनाए रखना जरूरी है।

महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है जिसे भगवान शिव को समर्पित किया गया है। इस वर्ष, महाशिवरात्रि 15 फरवरी (रविवार) को मनाई जाएगी। इस दिन भक्त भगवान शिव की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अगर आप पहली बार महाशिवरात्रि का व्रत रखने जा रहे हैं तो व्रत के दौरान कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना आवश्यक है। यह आर्टिकल आपको पूरी जानकारी देगा कि महाशिवरात्रि व्रत कैसे रखें, क्या करें और क्या न करें।
महाशिवरात्रि का व्रत रखने के लिए सबसे पहले अपने लिए उपयुक्त व्रत का प्रकार चुनें। मुख्य रूप से तीन तरह के व्रत रखे जाते हैं-
1. निर्जला व्रत- इस व्रत में पूरे दिन पानी और भोजन दोनों का त्याग किया जाता है।
2. फलाहार व्रत- इस व्रत में केवल फल और व्रत के अनुसार विशेष चीजें खाई जाती हैं।
3. आंशिक व्रत- इसमें व्रत रखते हुए हल्का भोजन किया जा सकता है।
व्रत के दौरान शारीरिक और मानसिक शुद्धता बनाए रखना बहुत जरूरी है। इस दिन मन को सकारात्मक रखना चाहिए और भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना लाभकारी माना जाता है। विशेष रूप से पंचाक्षरी मंत्र “ॐ नमः शिवाय” और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से मन और आत्मा दोनों को शांति मिलती है।
1. शरीर को हाइड्रेट रखें- दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें ताकि कमजोरी न महसूस हो और शरीर में ऊर्जा बनी रहे।
2. पूजा और ध्यान करें- इस दिन भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
3. सकारात्मक सोच रखें- व्रत के दिन केवल सकारात्मक विचार रखें और मन को शांत रखें।
4. रातभर जागरण करें- महाशिवरात्रि की रात शिव ध्यान, मंत्र जाप और भजन में बिताएं।
1. ज्यादा मेहनत वाला काम न करें- भारी या थकाने वाले काम से बचें ताकि शरीर में कमजोरी न आए।
2. निगेटिव सोच से दूर रहें- गुस्सा, झगड़ा और नकारात्मक गतिविधियों से बचें।
3. तामसिक चीजों से परहेज करें- शराब, मांसाहार, प्याज, लहसुन और जुआ से दूर रहें।
4. रात को सोने से बचें- जागरण और ध्यान का महत्व इस दिन और बढ़ जाता है।