Masik Durga Ashtami: इस बार मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत 21 जुलाई ( सोमवार) को रखा जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सुबह का समय पूजा के लिए सबसे उत्तम रहेगा। भक्त इस दिन उपवास रखकर मां दुर्गा का पूजन करेंगे और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करेंगे।

हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है। यह दिन मां दुर्गा की पूजा और उपवास के लिए बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर माता रानी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि बनी रहती है। इस बार मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत 21 जुलाई ( सोमवार) को रखा जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सुबह का समय पूजा के लिए सबसे उत्तम रहेगा। भक्त इस दिन उपवास रखकर मां दुर्गा का पूजन करेंगे और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करेंगे।
पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 21 जुलाई को तड़के शुरू होकर उसी दिन समाप्त होगी। ऐसे में व्रत और पूजा 21 जुलाई को ही करना शुभ माना गया है।
मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा सुबह के समय करना सबसे अच्छा माना गया है। विशेष रूप से ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करने से अधिक पुण्य फल मिलता है।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:00 बजे से 6:00 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:47 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक
यदि किसी कारणवश ब्रह्म मुहूर्त में पूजा संभव न हो तो अभिजीत मुहूर्त में भी पूजा की जा सकती है।
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनें। इसके बाद व्रत और पूजा का संकल्प लें।
पूजा स्थान पर लाल रंग का आसन बिछाएं और मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
मां दुर्गा को लाल फूल, सिंदूर, रोली, अक्षत और चुनरी अर्पित करें। गुड़हल का फूल विशेष रूप से शुभ माना जाता है। भोग में फल, मिठाई और नारियल चढ़ाएं।
देसी घी का दीपक जलाएं और धूप अर्पित करें। इसके बाद ‘ॐ दुं दुर्गाय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें। श्रद्धा अनुसार दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया जा सकता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मासिक दुर्गाष्टमी मां आदिशक्ति दुर्गा को समर्पित तिथि है। इस दिन व्रत और पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मन को शांति मिलती है। यह व्रत साहस, आत्मविश्वास और सौभाग्य देने वाला माना जाता है।
माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा से व्रत रखने पर परिवार में सुख-शांति बनी रहती है, रोगों से राहत मिलती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। कई भक्त शत्रु बाधा और मानसिक तनाव से मुक्ति के लिए भी यह व्रत रखते हैं। जो लोग नियमित रूप से मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत करते हैं उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की मान्यता है। हालांकि, व्रत करते समय अपनी सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। यदि किसी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो तो चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही उपवास करें।
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