इस बार अष्टमी तिथि 19 अगस्त को शाम 7 बजकर 19 मिनट से शुरू हुई और 20 अगस्त को रात 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत आज रखा जा रहा है। ऐसे में भक्त आज मां दुर्गा की पूजा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

हिंदू धर्म में मां दुर्गा को शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने से भक्तों को मानसिक शांति और आत्मविश्वास मिलता है। हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है। इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करने का विशेष महत्व माना गया है।
पंचांग के अनुसार, इस बार अष्टमी तिथि 19 अगस्त को शाम 7 बजकर 19 मिनट से शुरू हुई और 20 अगस्त को रात 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत आज रखा जा रहा है। ऐसे में भक्त आज मां दुर्गा की पूजा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें और व्रत का संकल्प लें। पूजा के दौरान मां को रोली, अक्षत, सिंदूर, लाल चुनरी और श्रृंगार की सामग्री अर्पित की जा सकती है। मां को लाल कनेर या गुड़हल के फूल चढ़ाना भी शुभ माना जाता है। इसके बाद घी का दीपक जलाकर मां दुर्गा को फल, मेवे, हलवा या खीर का भोग लगाएं। श्रद्धा के साथ मां के मंत्रों का जाप करें और दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। अंत में मां दुर्गा की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना के साथ पूजा संपन्न करें।
मां दुर्गा की पूजा के दौरान “ॐ दुं दुर्गायै नमः” बीज मंत्र का जाप किया जा सकता है। इसके अलावा ध्यान मंत्र का भी पाठ किया जाता है-
“ॐ जटा जूट समायुक्तमर्धेंन्दु कृत लक्षणाम।
लोचनत्रय संयुक्तां पद्मेन्दुसद्यशाननाम।।”
पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
आज मां दुर्गा की पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 37 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। वहीं गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 55 मिनट से 7 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। भक्त अपनी सुविधा और स्थानीय पंचांग के अनुसार इस दौरान पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दुर्गाष्टमी के दिन लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाओं को अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार 16 श्रृंगार की सामग्री का दान करना भी शुभ माना जाता है। जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना और क्षमता के अनुसार दान-पुण्य करना भी इस दिन किए जाने वाले अच्छे कार्यों में शामिल है। शाम के समय गोधूलि मुहूर्त में मां दुर्गा के सामने दीपक जलाकर आरती करें। मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई देवी की उपासना से मन को शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
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