Mothers Day 2022- क्या आप जानते हैं कि मदर्स डे क्यों मनाया जाता है? इसके पीछे की कहानी है बहुत इंट्रेस्टिंग
Happy Mother's Day
भारत
चेतना मंच
08 May 2022 11:48 AM
Mothers Day 2022- मां बस एक शब्द नहीं है बल्कि एहसास है। हर किसी का जीवन बिन मां के अधूरा होता है। माँ ही हमें जन्म देती है और हमारा ख्याल रखती है। मां भले ही एक बहुत छोटा शब्द है लेकिन इसमें पूरे संसार समाया हुआ है। इसको हम शब्दों में कभी भी बयां नहीं कर सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान हर जगह तो नहीं पहुंच सकते हैं इसीलिए उन्होंने मां को बनाया है। वैसे तो साल का हर दिन मां के ही नाम होता है लेकिन फिर भी एक दिन है जो खास मां के लिए बनाया गया है। इस एक दिन हम मां को एहसास दिला सकते हैं कि हमारे जीवन में उनकी क्या एहमियत है। इसीलिए हर साल मई माह के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। क्या आप जानते हैं कि क्यों मदर्स डे मनाया जाता है?
मदर्स डे की शुरुआत कैसे हुई?
इस खास दिन को मनाने की शुरुआत 20वीं शताब्दी में हुई थी। इसकी शुरुआत एक्टिविस्ट एना जार्विस के द्वारा की गई थी। हर बच्चे की तरह एना भी अपनी मां से बहुत ज्यादा प्यार करती थीं और उनकी मां उनके लिए प्रेरणा थीं। अपनी माताजी के साथ रहने के लिए ही एना ने फैसला लिया कि वो कभी भी शादी नहीं करेंगी और फिर उनकी माताजी की 1905 में मृत्यु हो जाती है। इसके बाद उन्होंने प्यार जताने के लिए स्मारक का आयोजन किया था। इस स्मारक का आयोजन पश्चिम वर्जिनिया के ग्राफ्टन के सेंट एंड्रू मैथादिस्ट चर्च में किया गया था। इसके बाद यूरोप में इस दिन को मदरिंग संडे के नाम से जाना जाने लगा और तभी से इसको मदर्स डे (Mothers Day) के रूप में मनाया जाता है।
मदर्स डे मई के दूसरे रविवार को क्यों मनाया जाता है?
एना जार्विस को भले ही इस दिन को शुरू करने का श्रेय दिया जाता है लेकिन इसकी असल शुरुआत 1914 में 9 मई से हुई है। दरअसल उस समय अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बुद्रो विल्सन ने एक कानून पास किया था। इस कानून में ये लिखा था कि हर साल मई माह के दूसरे रविवार को मदर्स डे (Mothers Day) मनाया जाएगा। बस तभी से इसको अमेरिका के साथ साथ दुनिया के कई देशों में मनाया जाने लगा।
मदर्स डे को इसलिए मनाया जाता है ताकि देश की सभी माताओं को सम्मान दिया जा सके। उनके निस्वार्थ प्रेम के लिए उन्हें सम्मान दिया जा सके। ये दिन बहुत ही खास होता है। आज इंटरनेट के दौर में ये तो और भी ज्यादा प्रचलित हो गया है और लोग तमाम तरह के तोहफे देकर अपनी मां को प्रसन्न करते हैं। इस दिन लोग अपनी मां के प्रति अपने प्यार को ज़ाहिर करते हैं और उन्हें बधाइयां देते हैं।