Peaceful sleep:रात में चैन की नींद सोना चाहते हैं, तो दिन में खूब हंसें!
भारत
चेतना मंच
07 Dec 2021 06:04 PM
विनय संकोची
क्या आप किसी ऐसे चिकित्सक को जानते हैं, जो औषधि और उपचार भी है। ऐसा डॉक्टर जो हमारे स्वास्थ्य को अच्छा रखने के साथ, हमें खुश भी रखता है। ऐसा डॉक्टर जो बिना किसी तरह की दवा के हमें एक नहीं, अनेक नहीं अपितु अनेकानेक बीमारियों से बचाता है और तमाम तरह के रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है। मजे की बात तो यह है कि यह डॉक्टर हमेशा हमारे साथ रहता है, हमारे वश में रहकर हमारे आदेशों की प्रतीक्षा करता है। यह डॉक्टर कोई और नहीं हंसी है। आप हंसते हैं तो आपकी उम्र बढ़ती है और तमाम तरह के रोग आपसे दूर-दूर रहते हैं।
तनाव दर्द और झगड़े आदि को खत्म करने की सबसे ज्यादा शक्ति हंसी में होती है। जो लोग खुलकर हंसते हैं, उन्हें अवसाद जैसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है। हंसने से दिल और दिमाग पर जोर कम पड़ता है। हंसने खुश रहने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह जानकर हैरानी होगी कि हंसी उच्च रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रित करती है जो लोग नियमित रूप से खूब खुल कर हंसते हैं, उनकी रक्त वाहिकाओं में सुधार होता है और रक्त का प्रवाह सुचारू होता है, जिससे दिल के दौरे या दिल भी अन्य बीमारियों से बचा जा सकता है।
हंसने वालों का मन व शरीर उत्साहित रहता है। जब कोई व्यक्ति खुलकर हंसता है, तो हवा उसके फेफड़ों से बाहर निकल जाती है, जिससे वह गहरी आंतरिक सांस ले सकता है। इस प्रक्रिया से शरीर की मांसपेशियों और अन्य अंगों के आसपास प्राणवायु ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ जाता है, जिसके फलस्वरूप व्यक्ति को अधिक ऊर्जा मिलती है। अधिक ऊर्जा से रचनात्मकता, सजगता, सक्रियता और स्मृति में सुधार होता है। यदि अधिक ऊर्जा का स्तर बनाए रखना चाहते हैं, तो नियमित व्यायाम के साथ हंसी को भी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
रात में अच्छी नींद लेने के लिए दिन में हंसना सबसे सरल उपाय है। जिन्हें रात में नींद नहीं आती है वे दिन में हंसी की खुराक लेने यानी अच्छे से हंसे और रात को चैन की नींद सोएं। हंसने से शरीर में प्रचुर मात्रा में मेलेटनोन बनता है, जो मस्तिष्क द्वारा जारी हार्मोन है और अच्छी नींद में सहायक होता है। आजकल हर कोई तनाव में रहता है। तनाव रहित व्यक्ति को तलाशना भूसे के ढेर में सुई तलाश करने जैसा है। हंसना तनाव से राहत और मुक्ति पाने का एक आसान उपाय है। हंसने से व्यक्ति के शरीर में तनाव हार्मोन कोर्टिसोल और एपीनेफ्रीन में कमी आती है, जिसके चलते व्यक्ति तनाव से राहत का अनुभव करता है।
जानकर आश्चर्य होगा कि हंसना मांसपेशियों के लिए पूरी कसरत है। हंसने को हंसी में उड़ाने वालों को जानना चाहिए कि यह सरल प्रक्रिया सर्वश्रेष्ठ आंतरिक कसरत का बेहतरीन उपाय है। अनुभव का विषय है कि हंसने के बाद मांसपेशियों में तनाव कम हो जाता है, जिससे इसे महसूस किया जा सकता है।
हंसने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। हंसते में अकेले चेहरे की पंद्रह मांसपेशियां एक साथ काम करती हैं, इससे चेहरे के चारों और रक्त प्रभाव में तेजी आ जाती है, जिससे चेहरे की चमक बढ़ जाती है और व्यक्ति अधिक स्वस्थ व युवा दिखता है। इसी के साथ यह भी जान लें कि पेट पकड़कर हंसना शारीरिक भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी माना गया है। ... तो हंसिए-हंसाईये, स्वयं स्वस्थ रहिए औरों को सेहतमंद बनाने में सहायक बनिए। हंसने में कुछ खर्च नहीं होता है, लेकिन मिलता बहुत कुछ है।