
Political news : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वह किसी भी तरह से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं। केवल और केवल विपक्षी दलों को एकजुट करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी दल एकजुट हो जाएं तो एक बड़ी ताकत का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि देश के सभी क्षेत्रियों दलों, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल यदि एक साथ आज जाएं तो बहुत बड़ा असर देखने को मिलेगा।
आपको बता दें कि बिहार में महागठबंधन की सरकार संभालने के बाद सीएम नीतीश कुमार मंगलवार को दिल्ली पहुंचे। इस दरम्यान उन्होंने कई विपक्षी नेताओं से मुलाकात की। आपको बता दें कि नीतिश तीन दिन की दिल्ली यात्रा पर हैं। अपनी यात्रा के दौरान दूसरे दिन वह दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी से उनकी सोमवार को मुलाकात हो चुकी है। जदयू ने पहले ही आग्रह कर रखा है कि छोटे-मोटे विवादों को छोड़ बड़े लक्ष्य के लिए एकजुट होकर विपक्ष आगे आए।
इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि विपक्ष को एकजुट करना उनका मकसद है। नीतीश ने दिल्ली में दावा किया कि प्रधानमंत्री बनना उनका मकसद नहीं है, 2024 में भाजपा को हराना है। प्रधानमंत्री बनना उनका मकसद नहीं है, 2024 में भाजपा को हराना है। नीतीश दिल्ली के बाद भी अपनी मुहिम जारी रखेंगे।
विपक्ष की एकजुटता के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने शुरू से कहा है कि अगर विपक्ष के अधिक से अधिक लोग साथ हो जाएंगे तो बहुत अच्छा माहौल होगा। यह सब लोगों की इच्छा पर है। जब तमाम पार्टियों के साथ बातचीत होगी, तब इस मसले पर भी चर्चा होगी।