उत्तर प्रदेश:- दिवाली की आतिशबाजी ने बिगाड़ी यूपी के कई जिलों की हवा, ऑरेंज जोन में आए ये जिले
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:42 AM
Pollution in UP- कल पूरे देश में दिवाली का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। कई प्रदेशों में तो दिवाली पर जलने वाली आतिशबाजियों पर रोक लगी हुई थी, इसके बावजूद देश के कई हिस्सों में दिवाली के पर्व पर जमकर आतिशबाजियां छुड़ाई गई, नतीजन दिवाली की अगली सुबह प्रदूषण लेवल में बढ़ोतरी देखने को मिली। खास तौर पर बात करें उत्तर प्रदेश (Pollution in UP) की तो दिवाली पर हुई जमकर आतिशबाजी ने प्रदेश के कई जिलों को ऑरेंज जोन में डाल दिया है।
उत्तर प्रदेश के कई शहरों में दिवाली के बाद प्रदूषण लेवल काफी बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश के लगभग सभी बड़े जिलों को ऑरेंज जोन घोषित कर दिया गया है प्रदूषण के मामले में दिल्ली एनसीआर में स्थित नोएडा शहर देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। मंगलवार सुबह नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 320 दर्ज किया है, जो सबसे खराब श्रेणी में आता है। वही बुलंदशहर का भी एयर क्वालिटी इंडेक्स रेड जोन में पहुंच चुका है।
अगर बात करें यूपी के 5 बड़े शहरों की तो नोएडा के बाद लखनऊ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 180, कानपुर का 172, वाराणसी का 165, गोरखपुर का 170 और आगरा का 176 दर्ज किया गया है।
बात करें प्रदेश की सबसे प्रदूषित शहर नोएडा की तो यहां पर दिवाली के पटाखों पर लगाई तमाम बंदिशों काम नहीं आई। हालांकि दिवाली के पहले यहां पर पटाखे बैन कर दिए गए थे, परंतु दिवाली की रात बैन का कोई असर देखने को नहीं मिला, और जमके आतिशबाजी की गई। नतीजा रात 10:00 बजे जो एयर क्वालिटी इंडेक्स 294 था, वह रात 12:00 बजे 302 पर पहुंच गया और मंगलवार की सुबह 320 का आंकड़ा पार कर गया। जबकि एयर क्वालिटी इंडेक्स का 300 के पार पहुंचना ही सबसे खराब श्रेणी में माना जाता है। लेकिन नोएडा के कई इलाकों में यह 320 के पार रहा। वही नोएडा के पास स्थित जिले गाजियाबाद में रात 12:00 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 298 रिकॉर्ड किया गया। जबकि यहां के एक इलाके लोनी में यह 350 के पार रहा। लोनी राजधानी दिल्ली से बिल्कुल सटा हुआ है।
क्या है वायु गुणवत्ता का स्तर -
पृथ्वी के वायुमंडल में हानिकारक गैसों, धूल कणों एवं सूक्ष्म जीवों की मिलावट को ‘वायु प्रदूषण’ कहा जाता है। वायुमंडल के प्रमुख प्रदूषक कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), सल्फर डाइ ऑक्साइड (SO2 ), अमोनिया (NH3 ), लेड (Pb), नाइट्रोजन डाइ ऑक्साइड (NO2 ) एवं कण पदार्थ (Particulate Matter-PM) हैं। (Air Quality Index – AQI) की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं
इस सूचकांक में आठ प्रदूषकों को शामिल किया गया है। ये प्रदूषक- PM10, PM2.5., NO2, so2., CO., 03., NH3 और Pb हैं। वायु गुणवत्ता सूचकांक के अंतर्गत 6 वर्ग रखे गए हैं। प्रत्येक वर्ग का अलग-अलग कलर कोड (Color Code) है।
1. 1-50 (अच्छा, हरा) मामूली असर
2. 51-100 (संतोषजनक, हल्का हरा) संवेदनशील लोगों को साँस लेने में तकलीफ
3. 101-200 (मध्यम पीला) फेफड़े, अस्थमा और दिल के मरीजों को साँस लेने में परेशानी
4. 201-300 (खराब, नारंगी) अधिकांश लोगों को साँस लेने में परेशानी