प्रशांत किशोर ने आखिरकार सक्रिय राजनीति में वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसका इंतजार वह लंबे समय से कर रहे थे। बिहार की राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज सिन्हा को हराकर अपनी पहली बड़ी चुनावी जीत दर्ज की।

Prashant Kishore : देश के चर्चित चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर ने आखिरकार सक्रिय राजनीति में वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसका इंतजार वह लंबे समय से कर रहे थे। बिहार की राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज सिन्हा को हराकर अपनी पहली बड़ी चुनावी जीत दर्ज की। भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में मिली यह जीत केवल एक सीट की सफलता नहीं, बल्कि प्रशांत किशोर की कई वर्षों की राजनीतिक मेहनत, जनसंपर्क अभियान और वैकल्पिक राजनीति के दावे की बड़ी परीक्षा भी मानी जा रही है। Prashant Kishore
प्रशांत किशोर ने वर्षों तक देश के कई राज्यों में चुनावी रणनीतिकार के रूप में काम किया और कई बड़े राजनीतिक अभियानों का हिस्सा रहे। हालांकि वर्ष 2021 में उन्होंने सार्वजनिक रूप से चुनावी रणनीति के क्षेत्र से अलग होने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में उतरने का फैसला लिया और बिहार की जनता के बीच जाकर नया राजनीतिक विकल्प तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया। Prashant Kishore
2 मई 2022 को प्रशांत किशोर ने जन सुराज अभियान की घोषणा की। उनका उद्देश्य बिहार के गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं को समझना और राज्य के विकास के लिए दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करना था। इसी लक्ष्य के साथ 2 अक्टूबर 2022 को पश्चिम चंपारण के भितिहरवा स्थित गांधी आश्रम से उनकी ऐतिहासिक पदयात्रा शुरू हुई। करीब दो वर्षों तक चली इस पदयात्रा के दौरान प्रशांत किशोर और उनकी टीम ने हजारों गांवों का दौरा किया। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, उद्योग, आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर लोगों से सीधे संवाद किया गया। अभियान का उद्देश्य स्थानीय नेतृत्व को आगे लाना, पंचायत स्तर पर सक्षम लोगों को लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध कराना और बिहार के भविष्य के लिए एक व्यापक विकास दृष्टि तैयार करना था। Prashant Kishore
लगातार जनसंपर्क और संगठन निर्माण के बाद 2 अक्टूबर 2024 को गांधी जयंती के अवसर पर जन सुराज पार्टी (JSP) का औपचारिक गठन किया गया। पार्टी ने स्वयं को सुशासन, जनभागीदारी और गांधीवादी मूल्यों पर आधारित राजनीतिक विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया। पार्टी का दावा था कि उसके साथ बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं और यह अभियान अब पूर्ण राजनीतिक संगठन का रूप ले चुका है। पार्टी गठन के बाद संगठन को मजबूत करने के लिए सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी मनोज भारती को बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद मई 2025 में पार्टी की राज्य कोर समिति ने पूर्व सांसद उदय सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। जन सुराज अभियान के दौरान संगठन ने युवाओं को राजनीति से जोड़ने के उद्देश्य से कई पहल शुरू कीं। पीके यूथ क्लब जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को पंचायत स्तर से नेतृत्व के लिए तैयार करने का प्रयास किया गया। साथ ही स्थानीय समस्याओं के समाधान और विकास की प्राथमिकताओं को लेकर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। Prashant Kishore
बांकीपुर उपचुनाव में मिली जीत को जन सुराज पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक मील का पत्थर माना जा रहा है। लंबे समय तक संगठन निर्माण, जनसंवाद और पदयात्रा के बाद मिली यह सफलता प्रशांत किशोर के राजनीतिक सफर में नई ऊर्जा भरने वाली साबित हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस जीत ने बिहार की राजनीति में जन सुराज पार्टी की मौजूदगी को मजबूत संदेश दिया है Prashant Kishore
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