
डॉ. नीता सक्सेना
असिस्टेंट प्रोफेसर,
लखनऊ
सन् 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के साथ ही भारत में राष्ट्रीय आंदोलन प्रारंभ हो गया था। सन 1930 ई0 तक विभिन्न चरणों को पार करते हुए कांग्रेस सरकार पूर्ण स्वतंत्रता तो क्या औपनिवेशिक स्वराज्य भी भारत को देने के लिए तैयार नहीं थी। सन 1935 में एक अधिनियम पारित हुआ जिसके द्वारा केंद्र सरकार द्वैध शासन प्रणाली की स्थापना की गईं किंतु यह अधिनियम भारतीयों को संतुष्ट नहीं कर सका तथा भारतीयों की भावना पूर्ववत् बनी रही।1939 सितंबर के द्वितीय विश्व युद्ध के प्रारंभ होने पर इंग्लैंड की सरकार ने भारतीयों की इच्छा जाने बगैर भारतीयों की ओर जम॑नी, जापान, इटली के विरुद्ध युद्ध की घोषणा कर दी।