Special Report : कबाड़ के काले कारोबार में विधायक की शह पर बाहुबलियों की एंट्री
भारत
चेतना मंच
14 Jul 2022 07:59 PM
Dadri / Noida : दादरी/नोएडा। कबाड़ के काले कारोबार में बाहुबलियों की एंट्री पुलिस के लिए सिरदर्द बन गई है। दिलचस्प है कि इस धंधे में बाहुबलियों को सफेदपोशों का संरक्षण प्राप्त होने से पुलिस कड़ी कार्रवाई करने से हिचक रही है। हालांकि बीते दिनों हिस्से के बंटवारे को लेकर हुई मारपीट में दादरी पुलिस ने दो लोगों को अरेस्ट किया है। पकड़े गए आरोपी सत्तारूढ़ दल के एक विधायक के करीबी बताए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि मंगलवार को दादरी कोेतवाली क्षेत्र के नई आबादी निवासी फैजान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि वह अपने दोस्त साजिद मेवाती के साथ कार से जा रहा था। उसी समय पीछे से एक अन्य कार में सवार युवकों ने उनकी गाड़ी में पीछे से टक्कर मार दी। कार में टक्कर मारने का विरोध करने पर युवकों ने उनके साथ जमकर मारपीट की और कार भी तोड़ दी। फैजान की शिकायत पर पुलिस ने गुर्जर कॉलोनी निवासी हरीश और अनिकेत को गिरफ्तार किया है।
राजनीतिक दबाव के चलते शुरुआत में पुलिस ने मामले को हल्के ढंग से लिया और घटना को रोडरेज बताकर टालने की कोशिश की। पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि आरोपियों ने करीब तीन माह पहले उसके कबाड़ यानि स्क्रैप के कारोबार में आधा हिस्सा लेने के लिए उसे धमकी दी थी। आरोपियों के रसूख व सियासी संबंधों के कारण डर की वजह से उसने इस मामले की शिकायत नहीं की थी। कहा जा रहा है कि एक बड़े पुलिस अफसर के इशारे पर पुलिस ने इस मामले में रंगदारी मांगने की भी धारा जोड़ दी है।
पकड़े गए आरोपी एक भाजपा विधायक के करीबी बताए जा रहे हैं। इससे मामला तूल पकड़ रहा है। पूर्व में भी विधायक के लोग स्क्रैप के कारोबार पर एकाधिकार स्थापित करने की कोशिश कर चुके हैं। स्क्रैप के कारोबार पर वर्चस्व को लेकर विधायक को जिले से लेकर लखनऊ तक खासी फजीहत उठानी पड़ी है।
बता दें कि दादरी क्षेत्र में स्क्रैप का काम करने वाले लोग हर माह करोड़ों के वारे न्यारे कर रहे हैं। यही कारण है कि स्क्रैप के कारोबार पर कुख्यात गैंगस्टरों से लेकर नेताओं तक की निगाहें टिकी हुई हैं। गैंगस्टर जहां अपनी बदमाशी के बूते स्क्रैप के कारोबार पर वर्चस्व स्थापित करना चाह रहे हैं। वहीं, कुछ नेता अपने राजनीतिक रसूख के बल पर इस धंधे में अपनी पैठ बनाने की जुगत में लगे हुए हैं। चर्चा है कि मंगलवार को सरेराह हुई यह घटना स्क्रैप के कारोबार पर वर्चस्व स्थापित करने के लिए ही अंजाम दी गई थी। राजनैतिक हलकों में यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।