Supreme Court: यूपी में चलता रहेगा बाबा का बुलडोजर, 10 को होगी सुनवाई
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 02:23 PM
New Delhi: नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में अभी सीएम योगी का बुलडोजर बेखौफ कार्रवाई को अंजाम देता रहेगा। कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिकाओं पर 10 अगस्त को विस्तार से सुनवाई करने का फरमान सुनाया। इससे पहले यूपी में बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर योगी सरकार ने अपना जवाब दाखिल किया है।
यूपी में योगी सरकार के बुलडोजर एक्शन पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में असम और मध्य प्रदेश में बुलडोजर की कार्रवाई को कोर्ट के संज्ञान में लाया गया। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि हत्या के आरोपी के घर पर बुलडोजर चल रहा है। यह क्या है? यह कानून सम्मत नहीं है। इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगनी चाहिए। इस पर योगी सरकार की तरफ से पेश वकील तुषार मेहता ने विरोध जताया। उन्होंने कहा, दंगों से पहले ही अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया था। जमीयत उलेमा गुमराह कर रहा है।
यूपी सरकार ने अपने जवाब में कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून के मुताबिक कार्रवाई की गई है। जिन लोगों ने अवैध निर्माण किया था, प्रशासन ने उन्हीं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की है। यूपी सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा है कि जमीयत की याचिका अवैध निर्माण को बचाने की कोशिश में दायर की गई है। अपनी बात को सही साबित करने के लिए सहारनपुर मामले का जिक्र किया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि सहारनपुर में दो घरों का बस उतना निर्माण हटाया गया है, जो सरकारी जमीन पर था। उन घरों में लोग अब भी रह रहे हैं। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि जिन अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया है, उन्हें हटाने के लिए पहले से ही नोटिस दिया गया था। इसके साथ ही सरकार ने बताया कि किसी भी कार्रवाई में कानून का उल्लंघन नही किया है।
उत्तर प्रदेश की सरकार ने अपने जवाब में यह भी कहा कि सहारनपुर में नाबालिग की गिरफ्तारी का दावा गलत है। प्रयागराज का मामला हाईकोर्ट में लंबित है और उसे सुप्रीम कोर्ट में लाने की जरूरत नहीं है। जमीयत की याचिका अवैध निर्माण को बचाने की कोाशिश है और उनकी ओर से कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश हुई है। सरकार के अधिवक्ता ने जमीयत की याचिका खारिज की करने की मांग की है।