SC on Abortion- गर्भपात को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, विवाहित व अविवाहित दोनो को गर्भपात का समान अधिकार
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 11:37 AM
Supreme Court on Abortion- गर्भपात को लेकर एक बड़ा फैसला लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत में अविवाहित महिलाओं को भी एमटीपी एक्ट (Medical Termination of Pregnancy) के तहत गर्भपात का अधिकार है। देश में सभी महिलाओं को चाहे वह विवाहित हो अथवा अविवाहित को सुरक्षित और कानूनी रूप से मान्य गर्भपात का अधिकार है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि किसी महिला की वैवाहिक स्थिति उससे उसके अनचाहे गर्भ को गिराने के अधिकार से वंचित नहीं कर सकती है भारत में गर्भपात के लिए कानून के तहत विवाहित और अविवाहित महिलाओं में भेद नहीं किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि विवाहित महिलाओं की तरह अविवाहित महिलाएं भी आपसी सहमति से 20 से 24 सप्ताह की अवधि में गर्भपात कराने की हकदार है। अदालत में इस बात का जोर दिया गया कि सभी महिलाएं सुरक्षित और कानूनी गर्भपात की हकदार हैं। विवाहित अविवाहित महिलाओं के बीच का अंतर असंवैधानिक है।
गौरतलब है सुरक्षित गर्भपात (Abortion) से जुड़े हुए मामले का यह फैसला 23 अगस्त को जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस ए.एस. बोपन्ना और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच पर सुरक्षित रखा गया था। आज इंटरनेशनल सेफ अबॉर्शन डे (International Safe Abortion Day) के मौके पर जस्टिस चंद्रचूड़ की बेंच से गर्भपात से जुड़ा हुआ अहम फैसला सुनाते हुए कहा गया कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट (Medical Termination of Pregnancy act, MTC) की धारा 3 (2) (बी) किसी महिला को 20-24 सप्ताह के बाद गर्भपात कराने की अनुमति देता है। इसलिए केवल विवाहित महिलाओं को अनुमति और अविवाहित महिला को न देना संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन होगा।