शेयर बाजार चार महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा, हजारों करोड़ की मिनटों में लगी चपत
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भारत
चेतना मंच
20 Dec 2021 05:39 PM
नई दिल्ली: कोरोना महामारी (Corona Pandemic) की अगली लहर की आशंका को लेकर ओमिक्रॉन (Omicron) के तेजी से बढ़ते मामलों ने सोमवार को बाजार में कहर मचाकर रख दिया है। मार्केट (Share Market Update) र्केट पिछले सप्ताह से प्रेशर में बना हुआ है और सोमवार को कारोबार खुलने पर इससे छुटकारा मिलने का कोई संकेत नजर नहीं आ रहा है। शुरुआती कारोबार में करीब ढाई फीसदी की इस गिरावट ने बाजार को एक झटके में चार महीने के निचले स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया है।
घरेलू बाजार प्री-ओपन सेशन में ही 0.50 फीसदी से अधिक की गिरावट में पहुंच गया था। जैसे ही सेशन ओपन हुआ, बीएसई सेंसेक्स (BSE) और एनएसई निफ्टी (Nifty) दोनों एक फीसदी से अधिक टूट चुके हैं।
सुबह 10:30 बजे तक यह गिरावट करीब ढाई फीसदी तक पहुंच गई थी। बाजार में चारों तरफ हाहाकार का माहौल बन गया था। सारे प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बने हुए हैं। इस गिरावट में इन्वेस्टर्स (Investors) ने चंद मिनटों के कारोबार में हजारों करोड़ का नुकसान हो चुका है।
सुबह 10:30 बजे के आस-पास बीएसई सेंसेक्स (Sensex) करीब ढाई फीसदी टूटने के बाद 55,663 अंक के आस-पास पहुंच गया है। यह 20 अगस्त के बाद का सबसे निचला स्तर पर पहुंच गया है। तब सेंसेक्स 55,329.32 अंक पर हो गया था। एनएसई निफ्टी भी करीब ढाई फीसदी गिरकर चार महीने के निचले स्तर 16,570 अंक के पास तक कम हो चुका है। इस दौरान बैंक निफ्टी करीब 1200 अंक कम हो गया।
भारत में ओमिक्रॉन के मामले अब तक 150 से ज्यादा हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 6,500 से अधिक मामले हो चुके हैं। वैश्विक स्तर पर देखें तो कई यूरोपीय देश नई लहर की चपेट में पहुंच गया है। नीदरलैंड ने बढ़ते मामलों को देखते हुए रविवार को फिर से लॉकडाउन (Lockdown) लगाने का फैसला लिया गया है।
ब्रिटेन में पिछले एक सप्ताह में ओमिक्रॉन के मामले 52 फीसदी बढ़ते नजर आ रहे हैं। फ्रांस की सरकार ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि ओमिक्रॉन का संक्रमण बिजली की रफ्तार से फैलता जा रहा है। क्रिसमस (Christmas) और नए साल से पहले पाबंदियों की आहट से इकोनॉमिक ग्रोथ (Economic Growth) पर सकंट के बादल बन गए हैं। इन्वेस्टर इस वजह से डरे हुए हैं और तेजी से बाजारों से पैसे निकाल रहा है जिससे बाजार पर काफी असर पड़ रहा है।